सांस्कृतिक कुंभ – कला उत्सव : दिवस-40 : 22 फरवरी 2019

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प्रयागराज कुम्भ 2019 की सर्वत्र प्रशंसा न केवल इस बार इसके अभूतपूर्व स्वरूप के कारण की जा रही है बल्कि प्रयागराज में देश-विदेश के श्रद्धालुओं के सफल आतिथ्य के कारण भी हो रही है.

जहाँ यह भव्य कुम्भ धार्मिक दृष्टि से दिव्य कुम्भ बना हुआ है, वहीं वह सांस्कृतिक गतिविधियों के दृष्टिकोण से भव्य कुम्भ के अस्तित्व का उद्घोष कर रहा है. उत्तर प्रदेश संस्कृति विभाग ने भव्य कुम्भ दिव्य कुम्भ को सांस्कृतिक कुम्भ का गौरव प्रदान किया है. विभाग के द्वारा कुम्भ परिसर एवं प्रयागराज शहर में तैयार किये गये सांस्कृतिक मन्च दर्शकों के लिये देश की संस्कृति के झरोखे बने हुए हैं. सैकड़ों कलाकार प्रतिदिन यहाँ अपनी कला का जौहर दिखा रहे हैं और दर्शकों की प्रशंसा अर्जित कर रहे हैं.

कुम्भ परिसर में तैयार किये गए सांस्कृतिक मंचों पर सांस्कृतिक गतिविधियां नित्य प्रति की भांति आज भी गतिमान रहीं. सेक्टर 4 स्थित अक्षयवट मंच पर बाड़मेर के कलाकार बरियाम खान ने मांगणिहार गायन प्रस्तुत किया. मांगणीहार के उपरान्त ग्वालियर के मुहम्मद अहमद खां ने उपशास्त्रीय गायन प्रस्तुत किया. मुंबई की कलाकार प्रीत प्रेरणा ने लोकप्रिय नगमे पेश किये तो मुंबई के एसपी दुबे ने मधुर भजन सुना कर दर्शकों को भावविभोर किया.

सेक्टर 6 स्थित भारद्वाज मंच पर सागर के कलाकार नंदराम राय का नृत्य प्रस्तुत हुआ. जौनपुर की गायिका भावना सिंह ने भोजपुरी लोक गीतों का कार्यक्रम प्रस्तुत किया. भावना सिंह ने अपने कार्यक्रम की शुरूआत भजन से की जिसके बाद उन्होंने रेलिया बैरन पिया गईले कलकत्तवा लोकगीत प्रस्तुति किया. भावना सिंह वर्ष 2018 में दिल्ली में भोजपुरी के सबसे बड़े मंच विश्व भोजपुरी सम्मेलन (दसवाँ) में सम्मानित की गयी हैं और इसी मंच पर कल हो रहे ग्यारहवें विश्व भोजपुरी सम्मेलन में उन्हें फिर सम्मानित किया जाएगा. भोजपुरी लोक गीतों के उपरान्त जहां एक तरह लखनऊ की विनीता तिवारी के गायन की प्रस्तुति हुई वहीं देवरिया की रंजना भारती का बिरहा गायन सुन कर दर्शकों ने तालियों की झड़ी लगा दी.

सेक्टर 17 के यमुना मंच पर लखनऊ से आयी पर्णिका और वागीश की नर्तक जोड़ी लोकप्रिय नृत्य दिखाया और लखनऊ के ही घनश्याम शर्मा ने भी लोक नृत्य की प्रस्तुति दी. इस लोक नृत्य के बाद देखिये अकबरपुर के कलाकार छविलाल पाल ने का पाल नृत्य का प्रदर्शन किया. पाल नृत्य के उपरान्त देखिये देवरिया के कपिलदेव प्रसाद के भोजपुरी कार्यक्रम ने दर्शकों का दिल जीत लिया.

सेक्टर 13 स्थित सरस्वती मंच पर चित्रकूट के देवेंद्र त्रिपाठी का योगकला ट्राइसिकिल का कार्यक्रम विशेष आकर्षण बना. उत्तरप्रदेश के विकास श्रीवास्तव ने भजन का कार्यक्रम प्रस्तुत किया तो वाराणसी की संस्था रूपवाणी रंगसमूह ने धार्मिक नाट्य प्रस्तुति ‘राम की शक्तिपूजा’ का मंचन किया. महाकवि सूर्यकांत त्रिपाठी निराला की कविता राम की शक्तिपूजा पर आधारित मशहूर नाटक का शानदार मंचन किया. बनारसी वस्त्रविन्यास, मुखौटों, नृत्य और संगीत से सजी घंटे भर की इस प्रस्तुति ने बड़ी संख्या में उपस्थित दर्शकों को आस्था और भक्ति के रस में डुबो दिया. राम की शक्ति पूजा के नाटक के जवाब में लखनऊ के कलाकार अमित दीक्षित ने ‘रामलीला’ नाटक का मन्चन किया जिसका दर्शकों ने तालियों के साथ स्वागत किया.

गंगा मंच पर वक्रतुण्ड प्रोडक्शंस, मुंबई ने ‘अमृत हरण’ नाटक का मंचन किया. 35 कलाकारों द्वारा प्रस्तुत यह नाटक कुम्भ मेले के खगोलीय और वैज्ञानिक आधार को सामने रख कर इससे संबंधित शोध पर कथानक तैयार करके प्रस्तुत किया गया. अमृत हरण प्रसंग में समुद्र मंथन से अमृत कलश निकलते ही देव दानव की गुत्थमगुत्थी को बहुत ही प्रभावी ढंग से दर्शाया गया. इसके बाद इन्द्र पुत्र जयंत के अमृत कलश छीनकर भागने के प्रसंग को जीवंत किया गया. मंचन में नासिक, उज्जैन,हरिद्वार व प्रयागराज में अमृत बूंदों के छलकने समेत आकाशीय ग्रह नक्षत्रों के संयोग का बेहद मनोहारी मंचन किया गया. इसी क्रम में विष्णु जी के मोहिनी स्वरुप में अमृत बांटने तथा देव दल में बैठे राक्षस “स्वरभानु” का सिर चक्र से काटने का मंचन भी उल्लेखनीय रहा. नाटक का उद्देश्य युवाओं को अमृत कुम्भ के बारे में जागृत करना था. वक्रतुण्ड प्रोडक्शंस द्वारा अमृत हरण के अतिरिक्त दो अन्य नाट्य प्रस्तुतियां – स्वच्छ भारत तथा बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ भी प्रस्तुत की गईं.


आज प्रयागराज शहर स्थित बीसों सांस्कृतिक मन्चों पर रोज की तरह सांस्कृतिक गतिविधियाँ अनवरत गतिमान रहीं. किला चौराहे, अक्षयवट मंच और भारद्वाज मंच के निकट स्थित सांस्कृतिक मंचों पर आज प्रयागराज के कलाकार गौरव गुलवाड़ी ने भजन गायन का कार्यक्रम प्रस्तुत किया. लखनऊ की कलाकार कृतिका श्रीवास्तव ने ‘धरती बचाओ’ नाटक का मन्चन करके दर्शकों का मनोरंजन भी किया और उन्हें अपने नाटक के माध्यम से प्रकृति की सुरक्षा के प्रति अपने कर्तव्य का सार्थक सन्देश भी दिया.

बालसन चौराहे, इंद्रमूर्ति चौराहे और बैंक चौराहे (प्रयाग स्टेशन) के निकट स्थित सांस्कृतिक मंचों पर बाराबंकी की कलाकार रागिनी सिंह ने ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ नाटक का मन्चन कर के दर्शकों को बेटियों के प्रति अपनी जवाबदेही का स्मरण कराया. नाटक के बाद मिर्जापुर की लोक-गायिका महिमा राज ने कजरी गायन की सुन्दर प्रस्तुति से दर्शकों की सराहना अर्जित की.

केपी इंटर कॉलेज कला-मंच, लेप्रोसी मिशन चौराहे और सरस्वती घाट-नैनी ब्रिज के निकट स्थित सांस्कृतिक मंचों पर प्रयागराज के जादूगर हरिशंकर साहू एन्ड पार्टी ने मैजिक शो दिखा कर दर्शकों का मनोरंजन किया और साथ ही साथ स्वच्छ भारत जैसे अहम संदेश को लोगो तक पहुंचाया . मैजिक शो के उपरान्त प्रयागराज की श्रुति कीर्ति सिंह ने नाटक का मन्चन किया और अपने नाटक के माध्यम से दर्शकों को मानवता का कर्तव्य याद दिलाया.

संस्कृति ग्राम चौराहे, अरैल सेक्टर 19 और वल्लभाचार्य मोड़ के निकट स्थित सांस्कृतिक मंचों पर प्रयागराज के कलाकार अतुल कुमार त्रिपाठी ने लोक नृत्य प्रस्तुत किया तो वहीं मध्यप्रदेश से आये कलाकार संतोष पांडेय के लोक नृत्य की प्रस्तुति को भी दर्शकों की खूब तालियाँ मिलीं. सुभाष चौराहे, सिविल लाइंस बस स्टॉप और पत्थर वाले चर्च के निकट स्थित सांस्कृतिक मंचों पर मिर्जापुर के कलाकार रोहित लाल ने लोक नृत्य की प्रस्तुति दी तो वहीं प्रयागराज के कलाकार मनु राय ने सुगम संगीत के अपने कार्यक्रम से दर्शकों का दिल जीत लिया.

विश्वविद्यालय तिराहे और राजापुर ट्रैफिक चौराहे के निकट स्थित सांस्कृतिक मंचों पर जहाँ प्रयागराज के कलाकार अनुज कुमार ने लोक नृत्य की प्रस्तुति दी वहीं वाराणसी के दिनेश कुमार दुबे ने बिरहा गायन की भावपूर्ण प्रस्तुति से दर्शकों को तालियां बजाने को विवश कर दिया. हीरालाल हलवाई चौराहे, हाथी पार्क और प्रयागराज जंक्शन के निकट स्थित सांस्कृतिक मंचों पर आजमगढ़ के कलाकार जयप्रकाश ने लोक नृत्य प्रस्तुत किया तो वहीं जादूगर धीरेन्द्र प्रताप सिंह ने अपने मैजिक शो के साथ ही लोगो को स्वच्छता अभियान, बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ जैसे संदेश भी दिए. प्रयागराज से न्यूज़ इन्डिया ग्लोबल के लिये पारिजात त्रिपाठी.

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