सांस्कृतिक कुंभ – कला उत्सव : दिवस-43 : 25 फरवरी 2019

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प्रयागराज कुम्भ 2019 के अब आठ दिन शेष हैं. 4 मार्च के महाशिवरात्रि के स्नान के बाद कुम्भ 2025 में फिर आने के लिए विदा लेगा.

प्रयागराज कुम्भ 2019 की भव्यता कल और भी बढ़ गई जब यहाँ देश के प्रधानसेवक ने स्वच्छाग्रहियों के चरण पखारे. स्वाधीन भारत के इतिहास में ऐसा आदर्श प्रथम बार देखने को मिला है जब एक सर्वोच्च व्यक्तित्व एक सबसे निचले पायदान के व्यक्ति को यह महान सम्मान अर्पित कर रहा था. प्रधानमन्त्री नरेन्द्र मोदी और उनके इस अनुकरणीय कार्य ने इस कुम्भ को अब राजनीति के इतिहास के पन्नों पर भी यादगार बना दिया है. इसी तरह उत्तरप्रदेश संस्कृति विभाग के विशेष प्रयत्नों से कुम्भ परिसर और प्रयागराज शहर में चल रहा सांस्कृतिक उत्सव भी सर्वदा स्मरणीय है उन सभी श्रद्धालु आगंतुकों के लिये जो कुम्भ स्नान के लिये यहाँ पधार रहे हैं.

नित्य की भाँति आज भी कुम्भ परिसर के प्रमुख सांस्कृतिक मन्चों पर कला का कलरव गूँजता रहा. देश के कलाकारों की प्रस्तुतियाँ दर्शनीय रहीं. आज सेक्टर 4 स्थित अक्षयवट मंच पर सोमवार को दिल्ली से पधारीं कत्थक नृत्यांगना महुआ शंकर की टीम का जलवा रहा | नृत्यांगना महुआ ने सबसे पहले “शंकर त्रिशूल धरे महादेव……” का राग मारवा व ताल धमाल का ‘चतुरंग’ गीत सुनाया | इसके बाद राग केदार में “कान्हा रे नन्द नंदन….” की पारम्परिक बंदिश सुनाकर संगीत के जानकार लोगों का दिल जीत लिया | इसके बाद तीन ताल में पारम्परिक बंदिश होली गीत सुनाया | सात खुशबू नामक इस समूह के निर्देशक मुराद अली नई अपने सितार वादन से लोगों को आनन्दित कर दिया | इसके पहले बनारस के आकाशवाणी एवं दूरदर्शन कलाकार मन्नालाल यादव ने कुम्भ एवं गंगा गीत से लोगों का मनोरंजन किया. उनका “सगर के ललनवा के तारन करनवा…..” का गंगा गीत काफी सराहा गया | इसी क्रम में उन्होंने देश भक्तिगीत “भारत देसवा है सबसे महान…..” भी मनमोहक रहा | अंत में उन्होंने ‘खेलें ब्रृज में कान्हा राधा होरी…..” का फ़ागगीत सुनाया. मशहूर निर्गुण गीत “के तोहरे संग जाइ सुगनवा…….” सुनाकर उन्होंने लोगों को सोचने पर मजबूर कर दिया.

इसी क्रम में प्रयागराज के बाल कलाकारा निधि शर्मा ने गणेश वंदना व सोलो डांस किया | इसी ग्रुप की प्रिया ने झूमर नृत्य के साथ उपशास्त्रीय कत्थक नृत्य किया, जबकि मेनका ने सोलो डांस किया. राशि, रितिका व तृषा ने उपशास्त्रीय समूह नृत्य किया. इसी क्रम में लखनऊ से पधारीं मँजूषा मिश्रा व निवेदिता पांडेय ने अपने सुमधुर गीतों से लोगों का मन मोह लिया. निवेदिता ने “मैं तो बरजत बरजत हारी रे….” का शानदार होली गीत सुनाया. मँजूषा ने “मोरी मैली हो गयी चुनरी….” का दादरा गीत सुनाया. ग्रुप की अर्चना कुशवाहा ने “श्याम तोरी वंशी पुकारे राधा नाम…” का गीत सुनाकर लोगों को झूमने पर मजबूर कर दिया. सभी कलाकारों की प्रस्तुतियों पर लगातार तालियां बजती रहीं.

सेक्टर 6 स्थित भारद्वाज मंच पर लखनऊ से पधारे लोकगायक शिवांस बालकेश्वर ने अपने भजनों से लोगों को झूमा दिया. उन्होंने त्रेता एवं द्वापर का संगम समागम करते हुए राम एवं कृष्ण के सुमधुर भजन सुनाये. इसी तरह स लखनऊ से पधारीं भोजपुरी लोकगायिका प्रिया पाल ने अपने भोजपुरी गीतों का जलवा बिखेरा. उन्होंने भोजपुरी गीतों में देवीगीत, पचरा व विदेसिया गीत सुनाकर पंडाल में बैठे श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया. इसी तरह से बुंदेलखंड के झाँसी से आयी लोक नृत्यांगना अर्चना कोटर्य ने बुंदेलखंडी पारम्परिक लोकनृत्य से लोगों का मन जीत लिया. अर्चना ने बेडिन जनजाति में होने वाले पारम्परिक “राई-शेरा” लोकनृत्य की शानदार प्रस्तुति की. इस दौरान पूरे समय पूरा पंडाल तालियों की गड़गड़ाहट से गूंजता रहा .

सेक्टर 17 के यमुना मंच पर लखनऊ के कलाकार सृजन ने विशेष लोकवृन्द प्रस्तुत किया. लोकवृन्द के बाद प्रयागराज की यज्ञनारायण एन्ड पार्टी ने सूफी गायन पेश किया जिसके उपरान्त श्रोताओं ने महाराजगंज की गायिका नूरजहाँ का सुन्दर लोक गायन सुना. लोक गायन के बाद प्रतापगढ़ के कलाकार शिवकुमार श्रीवास्तव ने एक खास पपेट शो प्रस्तुत किया. और फिर प्रयागराज के गायक ओमप्रकाश पटेल के भावपूर्ण बिरहागीतों ने दर्शकों का मन मोह लिया.

सेक्टर 13 स्थित सरस्वती मन्च पर एक खास कवि सम्मेलन का आयोजन हुआ. राष्ट्रभक्ति के विषय को लेकर देश के चुने हुए कवियों की कविताओं ने श्रोताओं को लगातार तालियाँ बजाने के लिये मजबूर किया. कवितापाठ के इस कार्यक्रम में भाग लेने वाले कवि थे सीतापुर के जगजीवन मिश्र, पीलीभीत के देवेन्द्र देव, उत्तरप्रदेश के कुमार ललित, दिल्ली के नरेश शांडिल्य, फतेहपुर के समीर शुक्ल और रायबरेली के नीरज पांडेय.

आज कुम्भ का तेंतालीसवाँ दिन है लेकिन कुम्भ मेले के उत्सव में उत्साह और उमंग यथावत है. कुम्भ में आने वाले श्रद्धालुओं का तांता लगा हुआ चाहे वे ग्रामीण हों या भारत के अन्य प्रांतों से आने वाले लोग या फिर विदेशी मेहमान. दुनिया भर से आये आगंतुकों के लिए देश और प्रदेश की संस्कृति के सभी रंग कुम्भ के सांस्कृतिक मंचों पर दिखाई दे रहे हैं जो यहां आने वाले श्रद्धालुओं की थकान भी मिटा रहे हैं और उनके चेहरे पर मुस्कान भी खिला रहे हैं. उत्तरप्रदेश संस्कृति विभाग के विशेष प्रयत्नों से कुम्भ परिसर और प्रयागराज शहर में चल रहा सांस्कृतिक उत्सव सर्वदा स्मरणीय है.

रोज़ की तरह आज भी प्रयागराज शहर के सांस्कृतिक मंचों पर कलाकारों का बोलबाला रहा. किला चौराहे, अक्षयवट मंच और भारद्वाज मंच के निकट स्थित सांस्कृतिक मंचों पर आज कुरुक्षेत्र की कलाकार ऋचा चौहान लोक नृत्य प्रस्तुत किया तो वहीं लखनऊ की गायिका सुप्रीति चौधरी ने मधुर भजन प्रस्तुत कर दर्शकों की सराहना अर्जित की. केपी इंटर कॉलेज, लेप्रोसी मिशन चौराहे और सरस्वती घाट -नैनी ब्रिज के निकट स्थित सांस्कृतिक मंचों पर गोरखपुर के कलाकार चंदन यादव का लोक नृत्य हुआ तो उनके जवाब में लखनऊ के हिमांशु गुप्ता ने भारत के पारम्परिक कठपुतली के खेल का प्रदर्शन कर दर्शकों को बता दिया कि कठपुतली कला आज भी जीवित है और यदि समाज का सहयोग मिलेगा तो उसका अस्तित्व संकट में कभी नहीं आएगा.

संस्कृति ग्राम चौराहे, अरैल सेक्टर 19 और वल्लभाचार्य मोड़ के निकट स्थित सांस्कृतिक मंचों पर हरियाणा के कलाकार कार्तिक शर्मा ने लोक नृत्य प्रस्तुत किया तो वहीं लखनऊ के गायक बालकृष्ण शर्मा के लोक गीतों ने सुरों से समा बाँध दिया. बालसन चौराहे, इंद्रमूर्ति चौराहे और बैंक चौराहे (प्रयाग स्टेशन) के निकट स्थित सांस्कृतिक मंचों पर प्रयागराज के कलाकार रघुराज सिंह यादव के लोक नृत्य का कार्यक्रम हुआ जिसके जवाब में लखनऊ के भारतीय नारी सम्मान एवं बाल विकास संस्थान ने एक सन्देश पूर्ण नाटक की सार्थक प्रस्तुति से दर्शकों की प्रशंसा अर्जित की.

सुभाष चौराहे, सिविल लाइंस बस स्टॉप और पत्थर वाले चर्च के निकट स्थित सांस्कृतिक मंचों पर लखनऊ की संस्था सत्यपथ ने जहां नाटक का मंचन करके दर्शकों का मनोरंजन किया वहीं लखनऊ के कन्हैयालाल यादव ने लोक गीतों की सुरीली प्रस्तुति से दर्शकों का दिल जीत लिया. विश्वविद्यालय तिराहे और राजापुर ट्रैफिक चौराहे के निकट स्थित सांस्कृतिक मंचों पर प्रयागराज के कलाकार प्रेमचंद यादव ने लोकगीत प्रस्तुत किये तो लखनऊ के नाटककार संजय तिवारी ने एक मनोरंजक नाटक की सशक्त प्रस्तुति से दर्शकों को तालियां बजाने को विवश कर दिया.

हीरालाल हलवाई चौराहे, हाथी पार्क और प्रयागराज जंक्शन के निकट स्थित सांस्कृतिक मंचों पर प्रयागराज के गौरी शंकर नादान ने लोकगीतों का मनोहारी कार्यक्रम प्रस्तुत किया तो फीरोजाबाद की जादूगर देव एंड पार्टी ने मैजिक शो दिखा कर हैरान दर्शकों से खूब तालियां बजवाईं.

रोज़ की तरह आज भी प्रयागराज शहर के सांस्कृतिक मंचों पर कलाकारों का बोलबाला रहा. किला चौराहे, अक्षयवट मंच और भारद्वाज मंच के निकट स्थित सांस्कृतिक मंचों पर आज कुरुक्षेत्र की कलाकार ऋचा चौहान लोक नृत्य प्रस्तुत किया तो वहीं लखनऊ की गायिका सुप्रीति चौधरी ने मधुर भजन प्रस्तुत कर दर्शकों की सराहना अर्जित की. केपी इंटर कॉलेज, लेप्रोसी मिशन चौराहे और सरस्वती घाट -नैनी ब्रिज के निकट स्थित सांस्कृतिक मंचों पर गोरखपुर के कलाकार चंदन यादव का लोक नृत्य हुआ तो उनके जवाब में लखनऊ के हिमांशु गुप्ता ने भारत के पारम्परिक कठपुतली के खेल का प्रदर्शन कर दर्शकों को बता दिया कि कठपुतली कला आज भी जीवित है और यदि समाज का सहयोग मिलेगा तो उसका अस्तित्व संकट में कभी नहीं आएगा.

संस्कृति ग्राम चौराहे, अरैल सेक्टर 19 और वल्लभाचार्य मोड़ के निकट स्थित सांस्कृतिक मंचों पर हरियाणा के कलाकार कार्तिक शर्मा ने लोक नृत्य प्रस्तुत किया तो वहीं लखनऊ के गायक बालकृष्ण शर्मा के लोक गीतों ने सुरों से समा बाँध दिया. बालसन चौराहे, इंद्रमूर्ति चौराहे और बैंक चौराहे (प्रयाग स्टेशन) के निकट स्थित सांस्कृतिक मंचों पर प्रयागराज के कलाकार रघुराज सिंह यादव के लोक नृत्य का कार्यक्रम हुआ जिसके जवाब में लखनऊ के भारतीय नारी सम्मान एवं बाल विकास संस्थान ने एक सन्देश पूर्ण नाटक की सार्थक प्रस्तुति से दर्शकों की प्रशंसा अर्जित की.

सुभाष चौराहे, सिविल लाइंस बस स्टॉप और पत्थर वाले चर्च के निकट स्थित सांस्कृतिक मंचों पर लखनऊ की संस्था सत्यपथ ने जहां नाटक का मंचन करके दर्शकों का मनोरंजन किया वहीं लखनऊ के कन्हैयालाल यादव ने लोक गीतों की सुरीली प्रस्तुति से दर्शकों का दिल जीत लिया. विश्वविद्यालय तिराहे और राजापुर ट्रैफिक चौराहे के निकट स्थित सांस्कृतिक मंचों पर प्रयागराज के कलाकार प्रेमचंद यादव ने लोकगीत प्रस्तुत किये तो लखनऊ के नाटककार संजय तिवारी ने एक मनोरंजक नाटक की सशक्त प्रस्तुति से दर्शकों को तालियां बजाने को विवश कर दिया.

हीरालाल हलवाई चौराहे, हाथी पार्क और प्रयागराज जंक्शन के निकट स्थित सांस्कृतिक मंचों पर प्रयागराज के गौरी शंकर नादान ने लोकगीतों का मनोहारी कार्यक्रम प्रस्तुत किया तो फीरोजाबाद की जादूगर देव एंड पार्टी ने मैजिक शो दिखा कर हैरान दर्शकों से खूब तालियां बजवाईं. प्रयागराज से न्यूज़ इन्डिया ग्लोबल के लिये पारिजात त्रिपाठी

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