सांस्कृतिक कुंभ – कला उत्सव : दिवस-46 : 28 फरवरी 2019

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प्रयागराज कुम्भ २०१९ का आज उन्चासवां दिन है. आज भी कुम्भ में त्रिवेणी स्नान की श्रद्धा लिए आगंतुकों की भीड़ एवं उनके हृदयस्थल में विराजी हुई धार्मिकता यहां के वातावरण में अगरबत्तियों की सुगंध बन कर व्याप्त है..

आस्था के इस महासंगम में स्वच्छता और सुरक्षा की तरह ही संस्कृति ने भी इस बार अभूतपूर्व भूमिका निभा कर कुम्भ के गौरव को बढ़ाया है. कुम्भ परिसर सहित प्रयागराज शहर के समस्त सांस्कृतिक मंचों पर नित्य गतिमान कला कार्यक्रम लोगों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बने हैं.

सेक्टर १९ अरैल स्थित संस्कृति विभाग के कलाकुम्भ शिविर में मंगलवार से प्रारम्भ हुई राज्य ललित कला अकादमी के तत्वावधान में मूर्तिकला कार्यशाला का आज तीसरा दिन था. कार्यशाला में मूर्तिकार डॉक्टर नगीना राम प्रतिभागियों को प्रशिक्षण दे रहे हैं. मूर्तिकला के प्रशिक्षण की इस कार्यशाला में टीआरपी स्कूल, नैनी; राधारानी स्कूल, नैनी; डीपीएस, नैनी व इलाहाबाद विश्वविद्यालय के लगभग डेढ़ सौ छात्र-छात्राएं भाग ले रहे हैं. कार्यशाला का संयोजन सचिव डॉक्टर यशवंत प्रताप सिंह राठौर कर रहे हैं.

उत्तरप्रदेश संस्कृति विभाग के विशेष प्रयासों से कुम्भ परिसर में तैयार किये गए सांस्कृतिक मंच देश भर के कलाकारों की प्रस्तुतियों के साक्षी रहे. कुम्भ परिसर के सेक्टर 4 स्थित अक्षयवट मंच पर मथुरा के कलाकार मुरारी लाल शर्मा की टीम ने होली का हुड़दंग मचाया | “एक दिना श्री कुंवर राधिका मोर कुटी में आयीं…..” पर कलाकारों ने मयूर नृत्य किया | इसी तरह होली गीत “फाग खेले बरसाने आये नंदकिशोर” व आज ब्रज में होरी रे रसिया समेत मैं तो मारूंगा पिचकारी तान पर झूम कर नृत्य किया गया | इसके बाद फूलों की होली भी खेली गयी |

इसी तरह से तमिलनाडु से आये चौदह कलाकारों ने परंपरागत भरतनाट्यम, टप्पाटम व मुंबई नृत्य किया | इन कलाकारों ने भाषाई मुश्किलों के बावजूद समां बाँध दिया | इसके बाद पटना से आयी अनीता कुमारी की टीम ने “‘कहवाँ गइला लरिकैया हो….” व धान रोप धनिया सिवनिया में गीतों पर पारम्परिक लोकनृत्य किया | उन्होंने “होलिया में उड़े रे गुलाल” होली गीत गाकर माहौल में आनंद भर दिया | इसी क्रम में लखनऊ से आयी जलपरी अंकिता बाजपेई ने पहले वन्दे मातरम देशभक्ति गीत पर नृत्य किया इसके बाद हरियाणवी, अवधी व फ्यूज़न नृत्य शैली में नृत्य किया | ख़ास तौर से “बालम तोहे ऐसा मारूंगी” गीत पर बेहद शानदार लोकनृत्य किया | पूर्वांचल की तीजनबाई कही जाने वाली बनारस से आयी सीमा पटेल ने अपनी टीम के साथ धुरमुनिया कजरी से समां बाँध दिया | उन्होंने जैसे ही “बन के चुड़िहारी आये मदन मुरारी चूड़ियां हमारी ले लो” गीत गए कर के नृत्य किया लोग भाव विभोर हो गए तालियां गड़गड़ाने लगीं | उन्होंने पारम्परिक गीत ‘चौलर गीत’ भी सुनाया | फैज़ाबाद से आये शीतला प्रसाद की टीम ने फरुवाही लोकनृत्य किया | कंहवा से आवे हमरी काली मैया के पचरा गीत पर बच्चों ने बहुत ही बेहतरीन नृत्य किया | इसी तरह से गंगा मैया के अवधी गीत पर भी शानदार सामूहिक नृत्य किया गया |

पटना से आयीं महिमा अम्बिका ने झिंझिया, छठ पूजा एवं जट्ट जटिन के पारम्परिक लोकनृत्य किये | बिहार का झिंझिया नृत्य शारदीय नवरात्र के अवसर पर बालिकाओं द्वारा सिर पर घड़ा रखकरर किया जाता है | १५ सदस्यों के इस दल ने पहले पहले हम कइले छठी मैया व्रत तोहार पर शानदार नृत्य किया | इसके पहले लखनऊ से आयी ऋचा जोशी ने गंगा गीत “मोहे दिहो रे वरदान चलो रे ग्वाइयाँ गंगा नहाये” सुनाया | उन्होंने हाय तेरा रुमाला गुलाबी मुख हो का शानदार उत्तराखंडी गीत सुनाया | इसके साथ शिव शंकर खेलें फाग गौरा संग लिए के होली गीत से दर्शकों को गुदगुदा दिया | गुजरात से पधारीं सुश्री मंजू मेहता ने सितार वादन में राग गावती की बंदिश सुनाई | उनके साथ बनारस से आये पंडित पूरन महराज व देवनारायण जी ने तबले पर संगत की | लखनऊ से आयीं सुश्री अंशिका त्यागी ने भी शानदार नृत्य किया | जबकि अंतिम प्रस्तुति के रूप में मुंबई से पधारे श्याम बंदा बैरागी ने अपने सूफी गायन से लोगों का मन जीत लिया |

कुम्भ परिसर के सेक्टर ६ स्थित भारद्वाज मंच पर झाँसी के किशोर मंच ने घट नृत्य की प्रस्तुति दी. घट नृत्य बुंदेलखंड का लोक नृत्य है जो सर पर घड़ा रख कर किया जाता है. दिल्ली के गायक ने उदय मलिक ने ध्रुपद गायन प्रस्तुत किया. लखनऊ की गायिका अनीता श्रीवास्तव, देवरिया की लक्ष्मी तिवारी और बलिया के मंगला प्रसाद ने लोक गायन प्रस्तुत किया. आजमगढ़ के अरुण सिंह ने भोजपुरी गायन किया तो लखनऊ की अनीता राज ने अवधि लोक गायन में सोहर की प्रस्तुति दी. अंत में मथुरा के दानी शर्मा ने ब्रज का लोक नृत्य प्रस्तुत कर दर्शकों की खूब सराहना अर्जित की.

सेक्टर 17 के यमुना मंच पर सर्वप्रथम चन्दौली जनपद से यहाँ उपस्थित हुए बिरहा गायक मंगल यादव ने देवी सरस्वती की वन्दना करके माँ गंगा का अभिनन्दन करते हुए अपने बिरहा गायन के माध्यम से कई गीत प्रस्तुत किये. वे अपने गीतों के माध्यम से ही पुलवामा के शहीदों को भी नमन करना नही भूलें।यमुना मंच की प्रतिष्ठा को बढ़ाते हुए मंचासीन हुए दिल्ली से आए बिहार के दरभंगा घराने के शास्त्रीय गायक- दो सगे भाई नीलेश एवं निकेश कुमार मलिक। मलिक भाई जो दरभंगा घराने के 19 वीं पीढ़ी के गायक हैं, ने बहुत ही अच्छे गीतों के साथ-साथ धमार और शूलताल से दर्शकों को सम्मोहित कर दिया। इसके बाद अयोध्या की रहने वाली एवं वर्तमान में दिल्ली में रहकर अपने को स्थापित करते हुए यमुना मंच में अपनी उपस्थिति दर्ज कराने के लिए मंच पर उपस्थित हुईं अवधी लोकगायिका अदिति शुक्ला।

अवधी लोकगायन करते हुए अदिति शुक्ला ने सर्वप्रथम लवकुश गीत सुनाया- हम कथा सुनाते राम सकल गुण ग्राम की प्रस्तुत किया गया। इसके उपरान्त गंगा गीत ‘सुनली अरजिया हमार गंगा मइया’ तथा अवधी गीतों सहित अदिति शुक्ला ने ‘पांचहि वांस की वहगिया’- छठ गीत सुनाकर तालियां बटोरीं. । नवाबों के शहर लखनऊ से दिव्य कुम्भ भव्य कुम्भ की कल्पना को चरितार्थ करते हुए एक बहुत ही सुन्दर सी आवाज की मलिका लोकगायन की स्थापित कलाकार सुचिता पाण्डेय ने यमुना मंच पर अपनी उपस्थिति से दर्शकों में एक जोश भरते हुए कई आकर्षक गीतों की प्रस्तुति दी। जिसमें सर्वप्रथम मानो तो मैं गंगा माँ हूं, पायोजी मैने राम रतन धन पायों, पागल कहेला ना, पटना से वैदा बुलाइदा एवं सेन्हुरा बंगाल के को सुनाकर दर्शकों को आनंदित किया. कार्यक्रम की अंतिम प्रस्तुति कानपुर की मधु अग्रवाल की रही। मधु अग्रवाल ने मशहूर द ग्रेट गुलाब थिएटर की नौटंकी के माध्यम से ‘‘राजा हरिश्चन्द्र’’ प्रस्तुत किया.

सेक्टर १३ स्थित सरस्वती मंच पर गिरिडीह के संगीतकार मनोज केडिया ने सितार-सरोद की जुगलबंदी पेश की. लखनऊ की सरला गुप्ता, दिल्ली की गायत्री शर्मा और सीतापुर के सुभाष चंद्र ने भजनों का कार्यक्रम प्रस्तुत किया. गुजरात के नितिन दवे ने जहां गरबा नृत्य प्रस्तुत किया वहाने बलिया के रामकृपाल यादव ने बिदेसिया और लाचारी की प्रस्तुति दी. बिदेसिया लोकगीत की वह शैली है जिसकी प्रत्येक पंक्ति में ‘बिदेसिया’ का नाम आता है. इसी तरह लाचारी भी भोजपुरी लोकगायन की एक शैली है. प्रयागराज की नुक्कड़ नाट्य अभिनय संस्थान ने नाटक का मंचन किया तो नागपुर की अभिनेत्री सारिका पेंडसे ने कामधेनु नाटक प्रस्तुत कर दर्शकों से स्टैंडिंग ओबेशन का सम्मान अर्जित किया. प्रयागराज से न्यूज़ इन्डिया ग्लोबल के लिये पारिजात त्रिपाठी.

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