सांस्कृतिक कुंभ – कला उत्सव : दिवस-14 : 31 जनवरी 2019

0
846

संस्कृति विभाग उत्तर प्रदेश द्वारा कुम्भ २०१९ में ५ प्रमुख मंच मेला परिसर में व २० मंच नगर क्षेत्र में तैयार किये गए है जिन पर लगभग प्रदेश, देश व विदेश के १००० कलाकार दलों के साथ लगभग ८००० कलाकारों द्वारा लगातार ४५ दिनों तक कार्यक्रम किया जा रहा है जिसे सांस्कृतिक कुम्भ का नाम दिया गया है..

संस्कृति विभाग द्वारा इसके अलावा कला कुम्भ प्रदर्शनी, समुन्द्र मंथन, मुखौटा कार्यशाला और प्रयागराज जिले के विद्यालय में प्रस्तुतिपरक कार्यशालाएं आयोजित की गयी है.

नगर क्षेत्र के २० मंचो में किला चौराहे, अक्षयवट मंच के निकट और भारद्वाज मंच के निकट स्थित सांस्कृतिक मंचों पर आज लखनऊ के सुरताल संगम की जया श्रीवास्तव ने भजन प्रस्तुत किया वहीनई दिल्ली के शारिक मंसूरी ने नाटक का मंचन किया | केपी इंटर कॉलेज, लेप्रोसी मिशन चौराहे और हाथी पार्क के सांस्कृतिक मंचों पर आज प्रयागराज के कलाकार सत्यवान कुमार ने
लोकगीत और मूलचंद्र विश्वकर्मा ने अवधी लोकनृत्य प्रस्तुत किया. संस्कृति ग्राम चौराहे, अरैल सेक्टर 19 कला-मंच और वल्लभाचार्य मोड़ के निकट स्थित सांस्कृतिक मंचों पर आज लखनऊ की कलाकार नंदिनी पांडेय ने लोक नृत्य और उत्त्तराखंड के संजय सैनी ने कठपुतली का खेल दिखाया. बैंक रोड चौराहे, सिविल लाइंस बस स्टॉप और पत्थर वाला चर्च के निकट स्थित सांस्कृतिक मंचों
पर आज उन्नाव के शत्रुहन ने आल्हा का गायन व् लखनऊ के परमानंद प्रजापति ने कठपुतली का खेल दिखाया | बालसन चौराहे, इंद्रमूर्ति चौराहे और सुभाष चौराहे पर आज गाजियाबाद के राजेश सांगवा ने कठपुतली का खेल दिखाया और रामप्रसाद ने लोकनृत्य प्रस्तुत किया.

विश्वविद्यालय तिराहे और राजपुर ट्रैफिक चौराहे के निकट स्थित सांस्कृतिक मंचों पर आज प्रयागराज के रामसुचित ने लोकनृत्य प्रदर्शित किया और प्रदीप कुमार ने बिरहा गायन प्रस्तुत किया. हीरालाल हलवाई चौराहा, सरस्वती घाट-नैनी ब्रिज और प्रयागराज जंक्शन के निकट स्थित सांस्कृतिक मंचों पर आज प्रतापगढ़ के आशीष मौर्या ने नाटक का मन्चन किया. प्रयागराज के
संस्कृति जादू दल ने जादू दिखाया.

संस्कृति विभाग उत्तरप्रदेश के विशेष प्रयत्नों से कुम्भ परिसर में तैयार किये गये सांस्कृतिक मन्चों पर रोज की तरह आज भी सांस्कृतिक कार्यक्रम जारी रहे. कहीं फायर डान्स देखा गया तो कहीं मयूर नृत्य तो कहीं जादूू का कार्यक्रम हुआ तो कहीं लोक गीत और लोक नृत्य.

सेक्टर ४ के अक्षयवट मंच पर मुंबई से आये बॉलीवुड कलाकार पुनीत इस्सर ने एक विशेष कार्यक्रम प्रस्तुत किया – पुनीत इस्सर, जो कि महाभारत सीरियल में दुर्योधन बने थे, फायर डांस की प्रस्तुति भी दी.

लखनऊ की कलाकार सुरभि सिंह का कुम्भ पर आधारित कत्थक बैले  नृत्य हुआ. गुजरात के श्री चतेन जेठवा की प्रस्तुति हुई जिसमें उन्होंने गरबा नृत्य और डांडिया नृत्य पेश किया. फिर नमामि गंगे – नृत्य नाटिका मंचित की गई जिसे दिल्ली से आई सरोजा वैद्यनाथन ने निर्देशित किया. उसके बाद इस मंच पर सबसे विशेष कार्यक्रम मंचित हुआ जिसे भारत के दर्शकों के लिए लेकर आये थे मॉरिशस के कलाकार. उन्होंने मंचित की – मॉरिशस की रामलीला.

सेक्टर 6 के भारद्वाज मंच पर गोरखपुर के कलाकार विंध्याचल ने  फरुवाही लोकनृत्य पेश किया. फरुवाही लोकनृत्य के बाद रायबरेली से आये शीलू राजपूत का आल्हा गायन हुआ. उनके बाद गुजरात के परवीन भाई का डांडिया और गरबा नृत्य प्रस्तुत हुआ. फिर इस मंच पर आज की सबसे विशेष प्रस्तुति डांस ऑन व्हील्स प्रस्तुत हुई जिसे दिल्ली की एबिलिटी अनलिमिटेड संस्था के
दिव्यांग बच्चों  ने प्रस्तुत किया.

सेक्टर 17 के यमुना मंच पर लखनऊ के अरुण भट्ट की तबला कचहरी प्रस्तुत हुई. तबला कचहरी के बाद लखनऊ के शशिकांत पाठक का पखावज वादन हुआ. फिर लखनऊ के ही केवल कुमार ने अवधि लोकगीत सुनाये. इन लोकगीतों के बाद झारखंड से आये सुखदेव बंजारे द्वारा पंथी लोकनृत्य प्रस्तुत  किया गया.

सेक्टर 13 के सरस्वती मंच पर उत्तरप्रदेश के लोक कलाकार धनञ्जय सिंह ने दीवारी नृत्य प्रस्तुत किया. दीवारी नृत्य के बाद मथुरा की कलाकार वंदना सिंह ने मयूर नृत्य दिखाया. मयूर नृत्य के बाद जम्मू के कलाकार कुमार ए. भारती ने इस मंच पर उरभंगम नाटक का मन्चन किया . इसके बाद विशेष प्रस्तुति के तौर पर बलिया के कलाकार धीरज कुमार गुप्ता ने एक विशेष नाटक
मोक्षदायिनी गंगा का मंचन किया. प्रयागराज से न्यूज़ इन्डिया ग्लोबल के लिये पारिजात त्रिपाठी

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here