सांस्कृतिक कुम्भ कला उत्सव : दिवस-3 : 19 जनवरी, 2019

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दिव्य कुम्भ भव्य कुम्भ की संज्ञा से सुसज्जित प्रयागराज कुम्भ २०१९ के परिसर में स्थापित मंच देश विदेश से आये अतिथियों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं.

कुम्भ परिसर में चल रही सांस्कृतिक गतिविधयां न केवल उत्तरप्रदेश समेत सम्पूर्ण भारत की कला प्रस्तुतियों के वाहक बने हुए हैं अपितु कुंभ के अभूतपूर्व रूप की गरिमा को भी अपने आप में समेटे हुए हैं.

मेला क्षेत्र के सेक्टर ४ स्थित अक्षयवट मंच पर दिल्ली के कलाकार कुमुद दीवान द्वारा उपशास्त्रीय गायन प्रस्तुत किया गया. इसके अनन्तर इस मंच पर दिल्ली के ही श्री राम भारती कला मंच द्वारा रामलीला का मंचन किया गया. भारी संख्या में दर्शकों की उपस्थिति ने कलाकारों की प्रस्तुतियों को पूर्ण समर्थन प्रदान किया.

सेक्टर ६ स्थित ऋषि भारद्वाज मंच पर दर्शक लोक नृत्य के साक्षी बने. छत्तीसगढ़ से आईं लोककलाकार उर्वशी साहू ने राउतनाचा, करमा और सुगा नृत्य प्रस्तुत किया. जगदलपुर से आये बस्तर बैंड ने तो धूम मचा दी. उनके द्वारा आदिवासी रंग नामक सांगीतिक प्रस्तुति मंचित की गई. इसके उपरान्त लखनऊ के लोक गायक सुरेश कुशवाहा ने भोजपुरी लोकगीत प्रस्तुत किये. जौनपुर की पारुल नंदा ने प्रदेश के  लोकप्रिय लोकगीत की प्रस्तुति दी. इस मंच पर सबसे विशेष आकर्षण रही थाईलैंड की रामलीला. थाईलैन्ड की खोन नामक रामलीला का मंचन थाईलैंड सरकार के संस्कृति विभाग के सौजन्य से हुआ. 

सेक्टर १७ के यमुना मंच हरियाणा के लोक कलाकार मनोज जाले द्वारा तीन प्रस्तुतियां दी गईं. उन्होंने हरियाणवी लोक नृत्य प्रस्तुत किया. पटना के कलाकार अभय सिन्हा द्वारा बिहार के लोकनृत्य की दो प्रस्तुतियां दी गईं. सूफी गायन आज इस मंच पर विशेष आकर्षण रहा जिसका गायन गुलबादी सिस्टर्स ने किया. 

सेक्टर १३ स्थित सरस्वती मंच पर उड़ीसा की कलाकार डॉक्टर स्नेहा समर्थ राय ने गोटिपुआ नृत्य प्रस्तुत किया. उन्नाव के लोक गायक लखन तिवारी के आल्हा गायन ने तो मानो मंच पर अलख जगा दी.  सागर से आईं लोकगायिका निशा तिवारी ने नौरता बधाई प्रस्तुत की. प्रयागराज के गायिका आइना बोस के भजनों ने दर्शकों को भाव-विभोर कर दिया. अंतर्राष्ट्रीय दर्शकों के लिए विशेष आकर्षण रहा इंडिजिनस नोशन एंड डिस्कवरी ऑफ़ इनहेरिटेड आर्ट जिसे पटना और लखनऊ के कलाकारों द्वारा सम्मिलित रूप से मंचित किया गया. लखनऊ के ही कलाकारों ने धर्मश्री नामक एक नाटक का मंचन भी किया.

इन मंचों में आज जो मंच शास्त्रीय संगीत की लय-ताल में झूमने को विवश हुआ वह था सेक्टर 4 का त्रिवेणी मंच. यहां दर्शकों को मोहन वीणा के माएस्त्रो पद्मभूषण पंडित विश्वमोहन भट्ट की सांगीतिक प्रस्तुति के आनंद का सौभाग्य प्राप्त हुआ. पंडित भट्ट के उपरान्त पंडित रघुनंदन पनशिकर के शास्त्रीय गायन ने श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया. इसी मंच पर स्पिक मैके के द्वारा अनहद नाद नामक सांगीतिक प्रस्तुति भी दी गई. प्रयागराज से न्यूज़ इन्डिया ग्लोबल के लिये पारिजात त्रिपाठी.

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