सांस्कृतिक कुंभ – कला उत्सव : दिवस-6 : जनवरी, 23, 2019

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भव्य कुम्भ- दिव्य कुम्भ का साकार रूप देखना हो तो प्रयागराज अवश्य आइये.

प्रयागराज की धरा की दिव्यता तो संगम की देन है, पुण्य सलिला गंगा की है और ऐतिहासिक धर्म क्षेत्र प्रयाग की है किन्तु अब भव्यता का सौन्दर्य भी इसमें जुड़ गया है. कुंभ के अवसर पर देखी जा रही जितनी व्यवस्था की भव्यता है उतनी ही संस्कृति की भव्यता भी  है और निस्संदेह इस सार्थक प्रयास के लिए उत्तर प्रदेश संस्कृति विभाग की सराहना का पात्र है. विभाग के द्वारा कुंभ परिसर में स्थापित पाँच प्रमुख कलामंच और शहर के भीतर 20 सांस्कृतिक मंचों पर देश भर से आये कलाकार भारतीय संस्कृति के विविधतापूर्ण कला-पुष्पों को सज्जित कर रहे हैं.  

आज सेक्टर ४ स्थित अक्षयवट मंच पर दिल्ली की  गायिका रीता देव ने उपशास्त्रीय गायन प्रस्तुत किया. शास्त्रीय संगीत की गंभीरता युक्त वातावरण को सुन्दर बनाया श्री कृष्ण लीला ने जिसे दिल्ली की श्रीराम भारती कला केंद्र ने बहुत सुन्दर ढंग से प्रस्तुत किया. 

सेक्टर ६ स्थित भारद्वाज मंच पर दर्शकों ने अयोध्या के भजन गायक दीपक चौबे के भक्तिपूर्ण भजन सुने. दिल्ली की नर्तकी प्रतिभा सिंह ने छाऊ और कथक नृत्य प्रस्तुत किये और दर्शकों की तालियों से सराहना अर्जित की. इस मनोहारी नृत्य के बाद दिल्ली की ही रश्मि अग्रवाल ने कबीर गायन किया जिसने गायन की सुंदरता के साथ शब्दों का सन्देश भी दर्शकों तक पहुंचाया.  

सेक्टर १७ के यमुना मंच पर लखनऊ की सीमा भारद्वाज से दर्शकों को सुन्दर भजन सुनने को मिले. गाजीपुर के पारसनाथ यादव के बिरहा गायन ने वातावरण में संजीदगी घोल दी. जिसे मिर्जापुर की अजिता श्रीवास्तव के कजरी गायन ने हल्का किया. शास्त्रीय संगीत को श्रोताओं की प्रशंसा लगातार प्राप्त हो रही है. झारखंड के कलाकार दीनू पाइका के नृत्यों ने दर्शकों को लोक नृत्य के आनंद का अवसर प्रदान किया. दीनू ने जनानी, मर्दानी एवं झूमर लोकनृत्य प्रस्तुत किये. उनके बाद बलिया के कलाकार शैलेन्द्र मिश्र की भोजपुरी प्रस्तुति ने दर्शकों की खूब तालियां बटोरीं. 

इसी तरह मेला क्षेत्र के सेक्टर 13 स्थित सरस्वती मंच पर मुंबई के अर्णव चैटर्जी के मधुर भजनों ने श्रद्धालु दर्शकों को अपना दीवान बना लिया. देश-विदेश से आये हुए दर्शक उत्तरप्रदेश के बांसुरी वादक पंडित चेतन जोशी के बांसुरी वादन के साक्षी बने. बस्ती की लोक-कलाकार रंजना अग्रहरि के लोकगीतों और भक्तिगीतों की सांगीतिक प्रस्तुति देखी गई जिसका दर्शकों ने तहे दिल से स्वागत किया. उत्तरप्रदेश के आत्मजीत सिंह के ‘आला अफसर’ नामक नाटक ने दर्शकों को भरपूर मनोरंजन दिया. इसके जवाब में रांची के कलाकार अजय मलकानी ने अपने शक्तिशाली पटकथा वाले नाटक आत्ममंथन का मंचन किया. दोनों ही नाटक दर्शकों को बहुत भाये. 

केपी इंटर कॉलेज, हाथी पार्क मंच और लेप्रोसी मिशन चौराहा मंच पर सागर के मनीष यादव ने लोकनृत्य प्रस्तुत किया. प्रयागराज के धीरेन्द्र मैजिक एंड पार्टी ने जादू का खेल दिखा कर दर्शकों का मनोरंजन किया. 

संस्कृति ग्राम चौराहा मंच, सच्चा आश्रम मंच और वल्लभाचार्य मोड़ मंच पर लखनऊ की रेणु शर्मा ने लोक नृत्य प्रस्तुत किया. खरगोन जिले के संजय महाजन ने अपने विशेष लोक नृत्य से दर्शकों की खूब वाहवाही बटोरी.

बैंक चौराहा मंच, हिन्दू महिला इंटर कॉलेज मंच एवं पत्थर वाला चर्च मंच पर लखनऊ के अनूप कुमार सिंह का नाटक देखा गया. ओरैया के जादूगर सुशील सम्राट ने जादू दिखा कर दर्शकों का मनोरंजन किया.

बालसन चौराहा मंच, इंद्रमूर्ति चौराहा मंच और सुभाष चौराहा मंच पर आजमगढ़ के संतोष श्रीवास्तव के संदेशपूर्ण नाटक ने दर्शकों को बहुत प्रभावित किया. प्रयागराज की लोककलाकार सोनाली चक्रवर्ती ने लोकनृत्य की विधा की सुन्दर प्रस्तुति दी.

विश्वविद्यालय तिराहा मंच, राजपुर ट्रैफिक चौराहा मंच और दरभंगा चौराहा मंच पर फतेहपुर के लोकगायक रामदास ने आल्हा गायन सुना कर दर्शकों  में वीर रस और देशप्रेम का संचार किया. प्रयागराज के मेवालाल बिन्द की नौटंकी भी दर्शकों का मनोरंजन करने में पीछे नहीं रही. 

हीरालाल हलवाई चौराहा मंच, सरस्वतीघाट मंच और प्रयागराज जंक्शन मंच पर सागर के लोककलाकार लीलाधर रैकवार ने लोक नृत्य की सुन्दर प्रस्तुति दी. प्रयागराज की कला संस्था सांवरिया लोक सांस्कृतिक सामजिक संस्थान द्वारा डिडिया नृत्य प्रस्तुत किया गया जिसे दर्शकों की प्रशंसा जमकर प्राप्त हुई.  प्रयागराज  से  न्यूज़  इन्डिया  ग्लोबल  के  लिये  पारिजात त्रिपाठी.

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