गुरु पूर्णिमा पर होगा चंद्र ग्रहण, बस करें ये उपाय तो मिलेगा ग्रहण से फायदा

ग्रहण के विपरीत प्रभावों को बस कुछ उपायों के जरिये दूर किया जा सकता है और साथ ही ग्रहण का फायदा भी उठाया जा सकता है.

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5 जून को चंद्रग्रहण लगने जा रहा है

149 साल बाद ऐसा दुर्लभ योग बन रहा है कि गुरूपूर्णिमा के मौके पर फिर से चंद्रग्रहण लगने जा रहा है. ये ग्रहण भारत में दिखाई देगा जो कि 3 घंटों तक रहेगा. 16 जुलाई को रात करीब 1 बजकर 30 मिनट पर ग्रहण लगेगा जो कि सुबह 4 बजकर 30 मिनट तक रहेगा.

ग्रहण के समय शनि , केतु और चंद्र के साथ धनु राशि में स्थित रहेंगे तो सूर्य, राहु के साथ मिथुन राशि में. 1870 में भी ऐसा ही दुर्लभ संयोग देखने को मिला था और उस समय भी गुरूपूर्णिमा के मौके पर चंद्रग्रहण लगा था.

चन्द्रमा का प्रभाव धरती पर पूर्णिमा के दिन सबसे ज्यादा रहता है. चन्द्रमा के धरती के नज़दीक आने से समुद्र में ज्वार-भाटा उत्पत्न होने लगता है. चन्द्रमा माता का सूचक है तो ये मन का कारक भी है. चंद्रमा के दोषपूर्ण होने से लोग बेचैन रहते हैं और कई बीमारियों, नुकसान और कष्ट के शिकार हो जाते हैं. ऐसे में चंद्रमा को ठीक रखना बहुत जरूरी होता है ताकि मन में शांति रहे और परिवार में तरक्की बने रहे.

जिन जातकों की राशियों पर चंद्रग्रहण अपना प्रभाव दिखाने वाला है उन्हें चंद्रग्रहण के दिन खास सावधानियां बरतनी चाहिए. चंद्रग्रहण के वक्त अलग-अलग राशियों के जातकों पर प्रभाव पड़ता है. लेकिन ग्रहण के विपरीत प्रभावों को बस कुछ उपायों के जरिये दूर किया जा सकता है और साथ ही ग्रहण का फायदा भी उठाया जा सकता है.

ग्रहण पर लाभकारी उपाय

-ग्रहण के बाद घी और खीर से हवन करने से घर शुद्ध होता है और इसका सीधा लाभ घर में लंबे समय से बीमार पड़े व्यक्ति को मिलता है

-जिनका चंद्रमा कमजोर होता है उन्हें ‘ऊं चंद्राय नम:’ मंत्र का जाप करने से लाभ मिलेगा

ग्रहण के बाद क्या करें –

-चंद्रग्रहण समाप्त होने के बाद घर में गंगाजल का छिड़काव करें 

-चंद्र ग्रहण के बाद स्नान अवश्य करें

स्नान के बाद भगवान की मूर्तियों को गंगा जल से स्नान कराएं और उनकी पूजा करें

-पूजा करने के बाद पूरे घर में धूप जलाकर उसका धुआं पूरे घर में फैलाएं

-जरूरतमंद व्यक्ति और ब्राह्मणों को सफेद वस्तु या अनाज का दान करना चाहिए

ग्रहण के दौरान क्या न करें –

-ग्रहण के दौरान अन्न जल ग्रहण नहीं करना चाहिेए.

-चंद्र ग्रहण के दौरान स्नान नहीं करना चाहिए. ग्रहण खत्म होने के बाद या इससे पहले स्नान कर लें.

-ग्रहण को कभी भी खुली आंख से नहीं देखना चाहिए. इसका आंखों पर बुरा असर पड़ता है.

-गर्भवती महिलाएं खासतौर पर चंद्रमा के सामने किसी भी हाल में न पड़ें और न ही ग्रहण के दौरान कुछ खाएं-पिएं.

इस बार चंद्र ग्रहण आषाढ़ शुक्ल पूर्णिमा की उत्तराषाढ़ा नक्षत्र में लग रहा है. इसे खंडग्रास चंद्र ग्रहण भी कहा जा रहा है. भारत के साथ ही ये ग्रहण आस्ट्रेलिया, अफ्रीका, एशिया, यूरोप और दक्षिण अमेरिका में दिखाई देगा.

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