India Vs England Chennai Test: अपने ही घर में ढेर हुए शेर, ये रहीं हार की 5 बड़ी वजहें

टीम इंडिया से उम्मीद थी कि इस हार को जीत में बदल देगी लेकिन ऐसा हो न सका और इसके लिए ख़ास तौर पर जिम्मेदार हैं ये 5 कारण..

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अब तक माना ये जा रहा था कि टीम इंडिया वर्ल्ड टेस्ट चैम्पियनशिप के लिए कदम बढ़ा रही है और न्यूजीलैंड से इस चैम्पियनशिप के फाइनल में मई महीने में भिड़ेगी. लेकिन पहले ही टेस्ट मैच में इंग्लैंड से हार मिलने की वजह से  फाइनल खेलने के लिए भारत की बजाए इंग्लैण्ड की संभावना अधिक बनने लगी है. हालांकि, अभी तीन टेस्ट मैच और बाकी हैं जिनसे विश्व कप फाइनल के लिये दूसरी टीम का फैसला होगा. लेकिन अब अगर भारत को इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया दोनों को ही फाइनल में जाने से रोकना है, तो अपने बचे हुए तीनों मैच जीतने होंगे जो आसान काम नहीं होगा.

मैच के मुजरिम नंबर 1 -रोहित शर्मा

रोहित शर्मा इस मैच की अहमियत जानते थे और ये भी अच्छी तरह जानते थे कि इस मैच को जीतना विश्व कप फाइनल खेलने की दिशा में बढ़ने के लिए अत्यंत आवश्यक है किन्तु इस हेतु टीम इंडिया के लिए अपनी जिम्मेदारी को उन्होंने नहीं समझा. जितना बुरा पहली पारी में खेला उतना ही दूसरी पारी में भी. आखिर चाहते क्या थे रोहित शर्मा?

मैच के मुजरिम नंबर 2- अजिंक्य रहाणे

अजिंक्य रहाणे जैसे एक सीनियर खिलाड़ी से ये उम्मीद नहीं की जा सकती कि वो इस तरह से सरेंडर कर पैवेलियन लौट आएंगे. ऐसा एक खिलाड़ी जो भारत के लिए वीवीएस लक्ष्मण और राहुल द्रविड़ की तरह की क्षमता रखता हो और बल्लेबाज़ी में टीम इंडिया की दीवार बन सकता हो, वो लगातार टेस्ट में फ्लॉप होता जा रहा है. मेलबर्न के शतक के अलावा अजिंक्य रहाणे के बल्ले से रन नहीं निकले हैं. भारत में तो उनका प्रदर्शन खराब ही रहा है. रहाणे अगर टीम इंडिया के वाइस कैप्टन न होते तो शायद टीम मैनेजमेंट उनको ड्रॉप करने का फैसला ले चुकी होती.

मैच के मुजरिम नंबर 3-शाहबाज़ नदीम

रवींद्र जडेजा की अनुपस्थिति में जब टीम इंडिया के पास कुलदीप यादव और अक्षर पटेल जैसे विकल्प मौजूद थे तो शाहबाज़ नदीम को खिलाने की गलती क्यों की गई? ऐसा गेंदबाज़ जो पहला मैच खेल रहा हो और बल्लेबाज़ी में बहुत कमज़ोर हो उसको लेने की जिद क्यों की गई? अगर दो विकेट झटके तो कौन सी बड़ी बात है कुलदीप यादव चार विकेट और उससे भी अधिक झटक सकते थे चेन्नई की पिच पर. अक्षर पटेल को लेते तो वे बल्लेबाज़ी में दम दिखा सकते थे और उनकी बॉलिंग भी बुरी नहीं होती.

मैच के मुजरिम नंबर ४ -गेम प्लान की कमी

या तो गेम प्लान था ही नहीं या ढंग से बना नहीं था इसलिए उस पर काम भी ढंग से न हो सका. जहां एक तरफ जो रुट को दोनों ही पारियों में रोकना मुश्किल हुआ. उन्होंने कुल 258 रन बनाये जबकि भारत 227 रनों से हारा है. यदि रुट को रोकने में कामयाब हो जाते तो जीत करीब हो जाती टीम इंडिया के लिए.

मैच के मुजरिम नंबर 5- स्पिन के सामने आत्मसमर्पण

एंडरसन और आर्चर तो बड़े गेंदबाज़ हैं उनको खेलना अगर मुश्किल हुआ तो समझ में आता है किन्तु भारतीय टीम ने जिस तरह बेस और लीच के सामने आत्मसमर्पण किया वो अचरज में डालने वाली बात थी. बेस और लीच दोनों ही इंग्लिश टीम के नए खिलाड़ी हैं ऐसे में भारत की अनुभवी टीम उनके सामने घुटनों पर आ गई तो ये ज़ाहिर होता है कि बल्लेबाज़ी मैदान में नहीं बल्कि कागज़ों में मजबूत है टीम इण्डिया की.

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