Corona के विरुद्ध DRDO की नई दवा जल्दी आ जायेगी बाजार में

DRDO की दवा 2-DG ने जहां दुनिया में उम्मीद पैदा की है, वहीं उसने कोरोना फैलाने वाली कंट्री के लिए चिंता भी पैदा कर दी है..

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कोरोना दुश्मन के खिलाफ भारत का चौथा हथियार तैयार हो गया है जिसका नाम है 2 DG और इसके साथ ही दुनिया भर से इसकी मांग आने लगी है. कोई संदेह नहीं, फार्मा के क्षेत्र में भारत दुनिया का नंबर वन डेस्टीनेशन बन गया है. भारत ने एक नहीं बल्कि चार-चार दवाइयां कोरोना के विरुद्ध तैयार कर ली हैं. इस बार जो चौथी दवा कोरोना के वायरस का नाश करने के लिए सामने आई है उसे भारत की प्रतिष्ठित अनुसंधान संस्था डीआरडीओ ने बनाया है और अब इससे उम्मीदें काफी बढ़ गई हैं और कोरोना फैलाने वाली कंट्री के लिए चिंता पैदा हो गई है.

वायरस की ग्रोथ को भी रोकने में समर्थ

हैदराबाद स्थित सेंटर फार सेल्युलर एंड मॉलीक्युलर बायोलॉजी को इस सफलता का श्रेय जाता है जिसके सहयोग से प्रयोगशाला परीक्षण में पाया गया कि 2-डीजी कोरोना के वायरस सार्स-सीओवी-2 पर का निवारण करने में प्रभावकारी है. परीक्षण में ये भी पाया गया की ये दवा कोरोना वायरस की ग्रोथ को भी रोकने में समर्थ है.

द्वितीय चरण का ट्रायल भी रहा सफल

2DG के प्रथम चरण के ट्रायल में मिली इस सफलता के बाद एक साल पहले मई, 2020 में डीसीजीआइ और सेंट्रल ड्रग्स स्टैंडर्ड कंट्रोल ने इसके दूसरे चरण के ट्रायल की अनुमति दी. इसके उपरान्त दवा के प्रभाव का आकलन करने के लिए डीआरडीओ और रेड्डीज लेबोरेटरीज ने छह माह अर्थात मई से अक्टूबर 2020 तक इसका क्लीनिकल ट्रायल किया. इस द्वितीय चरण का ट्रायल पहले छह और फिर ग्यारह अस्पतालों में किया गया जिसमें इस दवा को सुरक्षित और कोरोना मरीजों पर प्रभावशाली पाया गया. इस परीक्षण के दौरान 110 कोरोना रोगियों पर इसका प्रभाव आंका गया तो देखने में आया की कि 2-डीजी दवा का इस्तेमाल करने वाले मरीजों की रिकवरी अपेक्षाकृत ढाई दिन कम समय में हुई.

तीसरा ट्रायल देश के 27 अस्पतालों में

द्वितीय चरण की सफलता के उपरान्त डीआरडीओ की कोरोना-नाशक दवा 2-DG को डीसीजीआइ द्वारा इसके तीसरे फेज के ट्रायल की अनुमति दी गई. यह तीसरा ट्रायल सबसे महत्वपूर्ण था क्योंकि यह क्लीनिकल ट्रायल था जो की देश के 27 अस्पतालों में सम्पन्न हुआ. । नवंबर से मार्च, 2021 तक दिल्ली, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, बंगाल, तेलंगाना, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु्, गुजरात और महाराष्ट्र के 27 अस्पतालों में हुए इस क्लीनिकल ट्रायल में पाया गया कि 2-डीजी दवा लेने वाले कोरोना रोगी इस संक्रमण की तय मानक दवाओं को लेने वाले रोगियों की अपेक्षा अधिक तेजी से रिकवर हुए और उनकी आक्सीजन पर निर्भरता भी काफी कम हुई. और तो और 65 साल से अधिक आयु के कोरोना रोगियों में भी यही ट्रेंड पाया गया. इसके तुरंत बाद ही मई माह की पहली तारीख को को डीसीजीआइ ने इस दवा के आपात उपयोग की भी अनुमति दे दी।

ये है एक जेनेरिक दवा

देश की इस चौथी दवा के साथ जुडी विशेष बात यह है कि 2-डीजी एक जनरिक दवा है और इसे देश में बड़ी मात्रा में सरलतापूर्वक निर्मित किया जा सकता है. कोरोना की दूसरी लहर में सबसे बड़ी समस्या आक्सीजन की कमी की देखी गई और इस गंभीर स्थिति का सामना कर रहे मरीजों की हालत को देखते हुए यह दवा भविष्य में बहुत उपयोगी सिद्ध होने वाली है.

इस तरह करती है काम

जो जानकारी डीआरडीओ द्वारा प्रदान की गई उसके अनुसार 2-DG के क्लिनिकल ट्रायल्स से पता चलता है कि ये दवा कोरोना रोगियों को संक्रमण मुक्त करने की दिशा में तेजी से काम करती है और इसके साथ ही साथ यह रोगी की ऑक्सीजन पर निर्भरता को कम करती है. जिन रोगियों ने 2-DG दवा का सेवन किया उनमें से ज्यादातर का आरटी-पीसीआर टेस्ट शीघ्र ही निगेटिव आ गया.

पाउडर के रूप में मिलेगी

बाज़ार में इसे आप एक पाउडर के रूप में खरीद पाएंगे जो कि एक सैशे में उपलब्ध होगी और इसे पानी में घोल कर इसका सेवन करना होगा. डीआरडीओ की रिसर्च लैब इंस्टीट्यूट आफ न्यूक्लियर एंड एलायड साइंसेज (इनमास) में डॉ. रेड्डीज लेबोरेटरीज, हैदराबाद के सहयोग से निर्मित की गई इस दवा के तीनों ट्रायल्स सफल रहे. इसके क्लीनिकल ट्रायल में अपया गया कि ये वायरस से प्रभावित सेल्स में जाकर जम जाती है और वायरस सिंथेसिस व एनर्जी प्रोडक्शन को रोककर वायरस को आगे बढ़ने से रोक देती है.

जल्दी आ जायेगी बाजार में

अब सबसे बड़ा सवाल जो देश भर के लोगों के मन में है वो ये है कि कितने दिन में बाज़ार में आ जाएगी 2-DG? डीआरडीओ ने जानकारी दी कि चूंकि इसे काफी सरलता से उत्पादित किया जा सकता है, इसलिए देशभर में शीघ्र ही यह उपलब्ध भी हो जाएगी. इसका कारण ये है कि इस दवा में काफी जेनेरिक मॉलिक्यूल हैं और ग्लूकोस जैसा तत्व है.

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