Corona से परिवार को पहले ही बचा लीजिये (पार्ट वन) – घर से बाहर हों तब क्या करें?

ये लेख सभी के लिए पढ़ना जरूरी है क्योंकि इस बार वाले कोरोना से डरना भी जरूरी है और बचना भी ज़रूरी है..

0
202

मैंने न्यूज़ इन्डिया ग्लोबल में कुछ समय पहले एक लेख लिखा था कि कोरोना वायरस कोई पागल कुत्ता नहीं जो दौड़ कर काटेगा आपको, लेकिन आज अफ़सोस के साथ कहना पड़ रहा है कि ये चीन से आया हुआ जैविक युद्ध का वायरस है जिसे दौड़ कर काटना सिखाया गया है..इसलिये ये दौड़ कर ही काटेगा आपको. आप इसे छेड़ें या न छेड़ें, ये आपको नहीं छोड़ेगा -अगर आप इसके रास्ते पर गलती से आ गए. इसलिए समझदारी में ही होशियारी है अगर इस दुश्मन से निपटने की आपकी पूरी तैयारी है.

डर के आगे पीछे दोनों तरफ जीत है

अगर आप सावधान हैं तो डरने की जरूरत नहीं – डर के आगे पीछे दोनों तरफ आपकी जीत है – बस आपको सतर्क रहना है. कोरोना के फन्दे से बचने के बेसिक फंडे आप जानते हैं -उनके अतिरिक्त भी कुछ विशेष सावधानी के नियमों का आपको पालन करना होगा. मुश्किल कुछ नहीं है अगर आप लापरवाह नहीं हैं. यहां देखिये क्या क्या ध्यान रखना है आपको:

मास्क मुँह पर, सेनेटाइजर जेब में

सिंगल मास्क के जमाने गए, अब अगर आप घर से बाहर आएं तो डबल मास्क लगाएं और जेब में सेनेटाइजर ज़रूर ले कर बाहर आयें. इसके लिए आप पहले ही छोटी छोटी बोतलों में सैनेटाइजर भर कर रख लें और अपनी गाडी की चाभियों के साथ इन बोतलों को पहले से रख दें ताकि चाभियाँ उठाते समय आप उनको उठाना न भूलें. इसके अलावा एक-एक बोतल आपकी गाड़ी में और बैग में भी हो तो बहुत अच्छा – क्योंकि कभी भूल से आप भूल जाएँ सेनेटाइजर घर पर तो आपके पास दूसरा रहेगा जिसे आप थोड़ी-थोड़ी देरी पर या दूरी पर इस्तेमाल करते रहें जब किसी जगह पहुंचें या किसी से मुलाकात हो.

दूरियां तन में रखें मन में नहीं

कोई कितना भी करीबी क्यों न हो इस कोरोना के आपातकाल में आपको तन की दूरियां रखनी ही होंगी. घर से बाहर आने पर मन में प्रेम और तन में डिस्टेंस अर्थात मन में अपनापन और तन में अनुशासन आपका प्रैक्टिकल फंडा होना चाहिए हर उस व्यक्ति के लिए जो आपके रास्ते में आने वाला है. किसी दूसरे के कारण आपके परिवार को कोरोना इंफेक्शन हो जाए – ये आपको स्वीकार नहीं होगा. कोई भी व्यक्ति हो – चाहे आपका बॉस भी क्यों न हो – आप उससे इतनी दूर ही रहें जितनी दूर उसकी सांसों की हवा आप तक पहुँच न सकें याने लगभग छः फीट. अफ़सोस, आज सांस ही सांस की दुश्मन बनी हुई है.

बाहर खाना पीना बंद

आज हालात ऐसे हैं कि कहना पड़ता है कि बाहर दो चार घंटे नहीं खायेंगे तो आप मर नहीं जायेंगे, लेकिन अगर खा लिया तो ऐसा हो सकता है. इसलिये अगर ऑफिस जाएँ ऑफिस में ही खाएं मगर बाहर कहीं रास्ते में खाने का नाम भी न लें. चटर-पटर खाने की आदत पड़ी हो तो घर पर बनवा लें अपने लिये. कहने की जरूरत नहीं कि ऑफिस अर्थात कार्यालय में काम कर रहे हैं तो भोजन के पूर्व साबुन से अच्छी तरह हाथ धोना आप भूलेंगे नहीं, ये हमें विश्वास है.

सिगरेट बीड़ी तम्बाकू गुटखा बंद

कोरोना ही जान लेने पर उतारू है तो उसके पूर्वजों के हाथों क्यों मरना चाहेंगे आप? सिगरेट बीड़ी तम्बाकू गुटखा भी एक तरह के जानलेवा वायरस हैं जो आपको धीरे-धीरे मारते हैं -इसलिए आप इन वायरसों से भी बचें क्योंकि ऐसे भी और वैसे भी ये आपके लिए कोरोना काल में जानलेवा ज्यादा सिद्ध हो सकते हैं. इनसे कमजोर होने वाली आपकी इम्युनिटी आपके खिलाफ कोरोना के काम आएगी आपको निपटाने में और इसके अतिरिक्त जिस दुकानदार के हाथों आप इसे खरीदेंगे उसके हाथ और उसकी सांस आपकी साँसों पर लगाम लगा सकती हैं आपको कोरोना संक्रमण का उपहार दे कर.

अखबार-किताबें-पत्रिकाएं बंद

कोरोना के ज्ञानी बताते हैं कि कोरोना वायरस कागज बार काफी लम्बे समय तक जीवित रहता है इसलिए न्यूज़ पेपर, मैगज़ीन और रद्दी वाले का घर आना बंद कर दीजिये. आपके दरवाज़े से भीतर आने वाली हर चीज़ या तो लानी बंद कर दें या फिर दूध ब्रेड सब्जी की तरह जरूरी हो तो घर आने दीजिये किन्तु घर में इस्तेमाल से पहले उसे साबुन से सेनेटाइज़ करना न भूलिये. खाने पीने की चीज़ें हों या कुछ भी हो – घर में सेनेटाइजर के स्थान पर साबुन का ही इस्तेमाल करें क्योंकि सेनेटाइजर में केमिकल्स होते हैं जो आपके शरीर के भीतर जाने पर आपके स्वास्थ्य के लिए घातक ही सिद्ध होते हैं.

डेटिंग बंद, मीटिंग बंद

प्रेमिका हो या आपकी मंगेतर – मुलाकात अब मुल्तवी करना सीखिए. ये मुलाक़ात कौन सी मुसीबत आपको दे जायेगी ये आपको भी नहीं पता. इसलिए खतरे में न डालिये जान अपनी और अपनी जान की. याद रखिये आपकी और आपके परिवार की जान आपके हाथ में है जब आप घर से बाहर होते हैं. उनके साथ धोखा मत कीजिये उनकी उम्मीदों को न तोड़िये – वे उम्मीद रखते हैं आपसे कि आप कुछ भी ला सकते हैं घर पर लेकिन कोरोना वायरस नहीं ला सकते. इसी तरह मीटिंग भी अब आप कुछ समय के लिए पोस्टपोन कीजिये चाहे वो कितनी भी जरूरी हो – आपकी जान से ज्यादा जरूरी तो हो नहीं सकती. जान रहेगी तो डेटिंग और मीटिंग दोनों हो जाएंगी बाद में.

इस बार नोटबंदी आप कीजिये

पिछली बार मोदी जी ने की थी इस बार आप कीजिये नोटबंदी. नोटों का लेना-देना कोरोना वायरस को आमंत्रित कर सकता है इसलिए डिजिटल लेन-देन पर ही भरोसा करें. अब तक तो आप सीख ही गए होंगे, एक साल में सारा इण्डिया सीख गया है -इसलिए इस डिजिटल लेन-देन को अब आगे एक साल क्या आजीवन के लिये अपना लीजिये और भूल कर भी इसकी जरूरत को न भूलिये. छुआछूत बुरी बात है इसलिये किसी भी तरह के छुआछूत वाले संक्रमण से मुक्त रहिये अपने डिजिटल ट्रान्ज़ैक्शन के माध्यम से.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here