EURO 2020: इटली ने जीता यूरो, इंग्लैन्ड लड़खड़ा के हुआ धराशायी

पूरे मैच में चल रहा था लगभग बराबर का मामला ..लेकिन अंत तक आते-आते लड़खड़ा गया इंग्लैन्ड और पेनल्टी शूट आउट तक चले इस मुकाबले में ट्रॉफी चली गई इटली की झोली में..

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एक ड्रीम चेज़ का अंत हुआ और यूरो 2020 का खिताब जीत लिया इटली ने. जिस क्षण फाइनल व्हिसिल बजी – राजधानी लंदन का वेम्ब्ली स्टेडियम उदासी और कोलाहल के शोर में डूब गया. पचपन वर्षों के बाद फाइनल में पहुंचने में कामयाब रहे इंग्लैंड का अपना पहला यूरो कप खिताब जीतने का सपना टूट गया. इंग्लैण्ड से उम्मीद लगाए दर्शक हतप्रभ रह गए – ये क्या हो गया?

शुरुआत ही जबरदस्त थी इंग्लैण्ड की

लंदन का वेम्ब्ली स्टेडियम फुटबॉल प्रेमी दर्शकों से खचाखच भरा था और सभी को उम्मीद थी कि आज उनकी टीम जीतेगी और सारे यूरोप में डंका बज जाएगा इंग्लैण्ड का. टीम इंग्लैण्ड के प्रतिभाशाली कप्तान हैरी केन से बहुत उम्मीदें थी देश के दर्शकों को. हैरी ने कोशिश भी की लेकिन होना वही था जो होनी को मंज़ूर था.

ल्यूक शॉ का सबसे तेज़ गोल

ऐतिहासिक वेम्बली स्टेडियम में मैच की शुरुआत के बाद दूसरे ही मिनट में ल्यूक शॉ ने शानदार गोल कर इंग्लैंड को बढ़त दिला दी और इस तरह मैच में शुरूआती गोल पहले दो मिनट के भीतर दाग कर इंग्लैण्ड ने देश और दुनिया में घरों पर बैठ कर टीवी में यूरो फाइनल देख रहे दर्शकों को संदेश दे दिया कि यूरो 2020 आज इंग्लैण्ड का है. इंग्लैंड के लेफ्ट बैक ल्यूक शॉ के द्वारा किया गया ये गोल यूरो फाइनल के इतिहास का सबसे तेज गोल था.

आखिर तक ज़िंदा रही उम्मीद

इंग्लैण्ड ने शुरुआत चमत्कारिक रूप से चमकदार की. न केवल शुरूआती पांच मिनट के भीतर ही पहला गोल दाग दिया बल्कि शुरू के पंद्रह मिनट तक इटली पर भरी दबाव बना कर रखा. ऐसा लगा इटली ऊर्जावान इंग्लैण्ड के खिलाड़ियों के आगे फीकी पड़ती जा रही है. इतना ही नहीं पहले हाफ में इंग्लैण्ड ने इटली को गोल की बराबरी करने का भी मौक़ा नहीं दिया. और कमाल ये भी रहा इंग्लैण्ड का कि उसने मैच के आखिरी क्षण तक अपने देश की उम्मीदों को कायम रखा.

इटली थी प्रतिभाशाली टीम

इटली निस्संदेह प्रतिभाशाली टीम थी जो उसने अपने पूरे टूर्नामेंट के दौरान सिद्ध भी किया. यूरो फाइनल के इस अहम् मैच में दो मिनट के भीतर ही एक गोल से पिछड़ जाने के बाद पहले हाफ में इटली के खिलाड़ियों ने इंग्लैण्ड की तरह ही आक्रामक फुटबॉल का प्रदर्शन किया तथा मुकाबले को बराबरी पर लाने के लिए पूरा जोर लगा दिया. लेकिन बराबरी करने का अवसर मिल सका दुसरे हाफ में जब टीम के अनुभवी डिफेंडर लियोनार्डो बोनुची ने मैच के 67वें मिनट में गोल दाग दिया और मुकाबले को 1-1 की बराबरी पर पहुंचा दिया.

दूसरे हाफ में की इंग्लैन्ड की बराबरी

दुनिया भर के यूरो फाइनल देख रहे दर्शक स्पष्ट बता सकते थे कि इटली ही इंग्लैन्ड पर लगातार भारी पड़ रही थी. लगभग पूरे ही मैच में इंग्लैन्ड इटली के सामने आत्मरक्षा करती दिखाई दी. पहले हाफ में एक गोल से पिछड़ी इटली ने दूसरे हाफ में मुकाबले में बराबरी कर ली.  इटली के लियोनार्डो बोनुची यूरो फाइनल के इतिहास में सबसे उम्रदराज गोल करने वाले खिलाड़ी बन कर सामने आये.

मैच गया एक्स्ट्रा टाइम तक

ऐसा लग रहा था जैसा जैसा इटली चाह रहा है वैसा वैसा होता जा रहा है. इससे पहले वाले मैच में भी इटली ने पेनाल्टी शूट आउट में डेनमार्क को हरा दिया था, आज भी वैसा ही हुआ. इंग्लैंड की 1-0 की बढ़त की बराबरी करने के बाद इटली ने उसे दूसरा गोल करने नहीं दिया. मैच एक्स्ट्रा टाइम में भी गया तो गोल करने के अधिकांश मौके इटली को ही मिले, इंग्लैन्ड लगातार चूकता रहा. उसके बाद हुआ पेनाल्टी शूटआउट जिसके लिये इटली आत्मविश्वास से भरा बैठा था.

पेनाल्टी में भाग्य इंग्लैन्ड के साथ नहीं था

इटली ने पेनल्टी शूटआउट में इंग्लैंड को 3-2 से हराया और इस तरह जीत लिया अपना दूसरा यूरो कप खिताब. चवालीस साल पहले 1976 में भी पेनाल्टी ने ही यूरो फाइनल में परिणाम दिया था. इंग्लैन्ड के तीन खिलाड़ी पेनल्टी शूटआउट में नाकाम रहे. कप्तान हैरी कैन, हैरी मैग्वायर ने गोल किए जबकि मार्कस रैशफोर्ड, जेडन सांचो और बुकायो साका गोल नहीं कर पाये. दूसरी तरफ इटली की ओर से डोमनिका बेरार्डी, लियोनार्डो बोनुची और फेडरिको ने गोल किया. इटली की तरफ से आंद्रेई बेलोटी, जोर्गिन्हो गोल नहीं कर सके.

 

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