Road Safety World Series Final: इण्डिया लेजेंड्स ने वर्ल्ड कप जीता

एक और वर्ल्ड कप जीत लिया टीम इन्डिया ने आज और मास्टर ब्लास्टर सचिन तेन्दुलकर बने देश को वर्ल्ड कप दिलाने वाले तीसरे कप्तान !!

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इण्डिया लेजेंड्स ने वर्ल्ड कप जीता !!!!

श्रीलंका भारत के बीच रोड सेफ्टी सिरीज का फाइनल हुआ जोरदार

रायपुर में मची भारत की धूम, धूल चटाई श्रीलंका लेजेन्ड्स को

सचिन तेन्दुलकर ने भारत को 14 रनों से जीत दिलाई और भारत के गौरव को बढ़ाया.

मास्टर ब्लास्टर बने देश को वर्ल्ड कप दिलाने वाले तीसरे कप्तान

धमाकेदार बैटिंग का प्रदर्शन किया युवराज सिंह और यूसुफ पठान ने

अनऐकेडमी धमाकेदार बल्लेबाज का पुरस्कार मिला युवराज को तो मैन ऑफ दि मैच का पुरस्कार मिला पठान को. 

मैन ऑफ दि सिरीज का एवार्ड मिला तिलकरत्ने दिलशान को जिन्होंने श्रंखला में सर्वाधिक कुल 274 रन बनाये और अपने देश की टीम को फाइनल तक लाने में सफल रहे.

रायपुर के नये खूबसूरत स्टेडियम में खेले गए रोड सेफ्टी वर्ल्ड सीरीज के फाइनल मुकाबले में सचिन की टीम ने दिलशान की टीम को पराजित कर दिया. मास्टर ब्लास्टर की कप्तानी में इंडिया लीजेंड्स ने  श्रीलंका को 14 रनों से मात दी और खिताब अपने नाम कर लिया.
श्रीलंका ने टॉस जीत कर भारत को पहले बैटिंग के लिये आमंत्रित किया जिसमें भारत ने 4 विकेट पर 181 रनों का स्कोर खड़ा किया. टीम इन्डिया की तरफ से युवराज सिंह और यूसुफ पठान ने जोरदार फिफ्टी जड़ कर टीम को मजबूत स्कोर की दिशा में ले जाने में सफलता पाई.
भारत के स्कोर का पीछा करते हुए श्रीलंका की टीम निर्धारित ओवरों में 167 रन पर सिमट गई. टीम की तरफ से एक समय के महान बल्लेबाज सनथ जयसूर्या ने 43 रनों की तेज पारी खेली लेकिन जीत की दिशा में टीम को आगे ले जाने में वे नाकाम रहे. 
बहुत उम्मीदें थीं इंडिया लीजेंड्स की शुरुआत को लेकर क्योंकि वीरू और जय की जोड़ी दुनिया की सबसे पसंदीदा जोड़ियों में से सबसे ऊपर रही है. लेकिन ये शुरुआत अच्छी नहीं रही और टीम ने पहला विकेट केवल 19 रनों पर ही गंवा दिया. वीरेंद्र सहवाग केवल 10 रन बना पाए और चतुर चकरी गेंदबाज़ रंगना हेराथ की गेंद पर क्लीन बोल्ड हो गए. इंडिया लेजेंड्स ने 35 रनों पर दूसरा विकेट भी गंवा दिया और इस बार पैवेलियन पहुंचे एस बद्रीनाथ.
इसके बाद खेली कप्तानी पारी सचिन तेंदुलकर ने और यहां से आगे उन्होंने धुआंधार बल्लेबाज युवराज सिंह के साथ मिल कर तेज रन-गति बढ़ाई. उसके बाद सचिन की पारी का अंत किया फरवीज महरूफ ने. किन्तु अब युवराज सिंह को यूसुफ पठान का साथ मिल गया था और दोनों ने मिलकर ताबड़तोड़ बल्लेबाजी करते हुए टीम के रनों का टोटल 150 के पार पहुंचाया.
जीत का श्रेय पूरी टीम को जाता है जिसने एकजुट हो कर जीत के लिये अपने आप को झोंक दिया और जबर्दस्त फार्म वाली श्रीलंका को पराजित कर दिया.
इंडिया लीजेंड्स और श्रीलंका लीजेंड्स टीमें लीग स्तर पर अपने 6 में से एक समान 5 मैच जीतकर फाइनल में पहुंची थी किन्तु बैटिंग बॉलिंग और फील्डिंग के तीनों विभागों में भारत ने श्रीलंका पर अपनी श्रेष्ठता सिद्ध की और श्रीलंका की लाख कोशिशों के बाद भी जीत का सेहरा भारत के सर बंधा.
फाइनल के लिये चुने गये बल्लेबाज बद्रीनाथ ने एक बढ़िया कैच लेकर टीम के लिये अपनी उपयोगिता सिद्ध की तो वहीं विनय कुमार ने मैचा का सर्वोत्तम कैच ले कर खतरनाक श्रीलंकाई बल्लेबाज वीररत्ने को पैवेलियन भेजने में अपनी बड़ी भूमिका निभाई.
सचिन तेन्दुलकर के नेतृत्व में इन्डिया लीजेन्ड्स ने पहले बैटिंग करते हुए 181 रनों का बड़ा स्कोर खड़ा किया जिसमें यूसुफ पठान के नाटाउट 62 रन और  सचिन के तीस रन और युवराज सिंह के शानदार 60 रन शामिल थे.
हमेशा वाली तूफानी शुरुआत देने में वीरेन्द्र सहवाग असफल रहे जबकि सचिन ने 30 रन बना कर टीम को अच्छी शुरुआत देने की जिम्मेदार कोशिश की. 
ये स्कोर बल्लेबाज़ी के नजरिये से जयसूर्या और दिलशान जैसे श्रीलंकाई बल्लेबाज़ों के लिए बड़ा स्कोर नहीं था और उनकी कोशिश भी जीत की दिशा में बढ़ रही थी और शुरुआत में सत्तर रन तो श्रीलंका ने बिना कोई विकेट खोये सिर्फ 8 ओवर्स में बना डाले थे किन्तु उसके बाद युसूफ की गेंद पर दिलशान के आउट होते ही टीम के तेज होते रन रेट पर ब्रेक लग गया.
युसूफ पठान ने आज आलराउंडर के रूप में अपनी उपयोगिता सिद्ध की और 62 धुआंधार रन बनाने के अतिरिक्त दो बड़े विकेट भी लेकर श्रीलंका की जीत की कोशिशों को कमजोर करने में सफलता पाई.
इन्डिया लेजेन्ड्स की ओर इरफान पठान और इरफान पठान ने 2-2 विकेट झटके जबकि मुनाफ पटेल और मनप्रीत गोनी ने 1-1 विकेट उखाड़ कर टीम को विजयमाल पहना दी.

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