Third Wave: Corona की तीसरी लहर का सच क्या है?

कोरोना की दूसरी लहर ने पहली लहर से ज्यादा डरा दिया है ऐसे में सुनते हैं कि तीसरी लहर भी लाइन में लगी है..

1
127
आ रही है कोरोना की तीसरी लहर. ये मचा हुआ है शोर चारों ओर. दूसरी गई नहीं है अभी और तीसरी के आने की तैयारी शुरू हो गई है. अच्छी बात है तैयारी होनी चाहिए लेकिन तीसरी लहर को मेहमान बनाना क्या ज़रूरी है? सवाल ये भी है कि क्या तीसरी लहर सही में आ रही है?

चीन में शुरू हुआ था ये सिलसिला

कोरोना कंट्री है चीन. चीन में चार महीने चली थी कोरोना की पहली लहर, इसी देश में सबसे पहले फैला था कोरोना. हालांकि चीन में कोरोना फैलने की ये घटना भी इस अंतर्राष्ट्रीय साजिश का हिस्सा था या नहीं – ये अभी तक साफ़ नहीं हो पाया है. कोरोना की पहली लहर दुनिया में चीन में ही आई थी जो दिसंबर 2019 से चल कर मार्च 2020 तक खिंची थी जब चीन ने अपना लॉकडाउन अनलॉक किया था.
और तभी मार्च 2020 में दुनिया ने सुना कि चीनी वैज्ञानिकों ने घोषणा की है कि चीन में आने वाली है दूसरी लहर. उसकी तारीख भी बताई गई थी 9 अप्रेल 2020 की. ये लहर आई भी लेकिन चीन की तैयारी रेडी थी तो ये लहर कोई कहर पैदा नहीं कर पाई और बेअसर हो कर निकल ली. उसके बाद दुनिया ने कभी नहीं सुना कि चीन में कभी किसी किसम की तीसरी-चौथी लहर आई, न ही फिर कभी उसके आने की बात कही गई.

साजिश की मैन्युस्क्रिप्ट ये थी

जैसी साजिश समझ में आती है ऊपरी तौर पर उससे यही लगता है कि दुनिया में कोरोना नाम के जैविक हथियार की टेस्टिंग सफल रही. हालांकि ये टेस्टिंग चीन ने अपने ऊपर भी की, वो भी सबसे पहले – ये बात गले नहीं उतरती – इसलिए लगता है कि वास्तव में लीक हुआ था वायरस चीन की वूहानी प्रयोगशाला से. लेकिन दुनिया में इस वायरस का जो असर दिखाई दिया उससे चीन की बल्ले-बल्ले हो गई.
अपने साथ इस दुनियावी साजिश में वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइज़ेशन को शामिल करने वाले चीन को ये समझ में आ गया है कि सारी दुनिया में तो ये जैविक हथियार इस्तेमाल हो ही सकता है, किसी दुश्मन देश के खिलाफ और आसानी से हो सकता है – जैसे भारत के खिलाफ.

इस सिलसिले को कॉपी किया गया

चीन के अलावा किसी देश में दूसरी लहर नहीं आई थी. चीन ने दूसरी लहर का अभ्यास भी अपने ही देश में कर लिया था – अर्थात पैदा करना भी और उसको रोकना भी दोनों का अभ्यास चीन में हो गया था. तो नए साल में इस नए जैविक हथियार का इस्तेमाल दो देशों के ऊपर करने की तैयारी की गई और उस तैयारी को अंजाम भी दे दिया गया. इंग्लैण्ड और भारत -दोनों ही देश चीन के लिए उसके दुश्मन देश थे. दोनों ही देशों में आ गई दूसरी लहर जो पहली से भी ज्यादा जानलेवा थी.
दरअसल ये लहर जानलेवा थी या नहीं ये कहना इस बात पर निर्भर करेगा कि यदि सोते समय शत्रु पर हमला किया गया तो शत्रु तो पहले ही कमजोर हो जाता है. ब्रिटेन या भारत ने उम्मीद नहीं की थी कि ऐसा भी हो सकता है. दरअसल ऐसी उम्मीद का कोई कारण भी तो नहीं था. इसलिये दोनो ही देशों को दुबारा शिकार बनाने में कामयाब रही ये साजिश.

चीन को समर्थन है ये अपरोक्ष

तीसरी लहर का शोर मचा कर टीआरपी बढ़ाना भारत के न्यूज़ चैनल्स की तरफ से चीन की साजिश को अपरोक्ष समर्थन देना है. मीडिया का बस चलता तो खुल कर चीन का साथ दे देता, परंतु देशद्रोह के आरोप में तालाबंदी  बेड़ा गर्क कर देगी, इसलिये खुल कर ऐसा नहीं हो पाया. इसी कारण इन लोगों ने नीचे से पुरस्कार प्राप्त कर पीछे से शोर मचाना शुरू कर दिया. इस साजिश में शामिल लोगों को- चाहे वो मीडिया वाले हों या डॉक्टर हों या वैज्ञानिक, पैसा क्यों बुरा लगने लगा..और वैसे भी ये सतयुग तो है नहीं.

किसने कहा कब और कैसे आएगी?

पत्रकारिता में सिखाया जाता है – कि हर घटना फाइव W वन H से जुडी होती hai-इसका मतलब है हर घटना में क्या, कब कहाँ कैसे कौन और क्यों (What, Who, When, Where, Why and How) होते हैं. बस ये फाइव डब्ल्यू वन एच लागू होता है इस कोरोना की सिचुएशन पर जो तीसरी लहर के इस दावे पर बिलकुल लागू नहीं होता.
तात्पर्य ये है कि कोरोना की तीसरी लहर आ रही है – इस दावे पर क्या, कब, कहाँ, कौन, कैसे, कितना और किस तरह – इन में से बस एक दो ही पॉइंट जुड़ते हैं जो किसी भी अफवाह या साजिश में अपनेआप ही जुड़ जाते हैं. क्या और कहाँ – ये दो बातें किसी भी अफवाह या साजिश में अपनेआप दिखाई दे जाती है क्योंकि इतना तो दिखाना पड़ता है. किन्तु बाकी आधारभूत मानकों पर बात कौन करेगा?

दूसरी गई नहीं, तीसरी आ रही है?

कहने का अर्थ है कि कब आएगी दूसरी लहर? ये कौन बताएगा. पहली लहर अभी गई नहीं है, दूसरी लहर के आने की धमकी क्यों दी जा रही है? पहले ये तो बताओ दूसरी जा कब रही है? मान लो धमकी ये अगर सच है तो ये भी बताओ कि कब आएगी ये तीसरी लहर?
दूसरी बात -किसने? अर्थात तीसरी लहर के आने की बात किसने कही? अर्थात सबसे पहले ये बात किसने कही और किसने सुनी? जिसने कही उसने किस आधार पर कही?
अब आगे आता है क्यों? क्यों आएगी जी तीसरी लहर? ये भी बताओ और अगर तीसरी आएगी तो चौथी क्यों नहीं आएगी? दरवाजे भी खोल दो सारे और खिड़कियाँ भी -फिर आने दो सारी लहरें एक के बाद एक. मजाक चल रहा है क्या?

बुद्धू-बक्से से बुद्धू न बनें!

मीडिया कह रहा है -तीसरी लहर आने वाली है पर ये बात मीडिया भी नहीं बता रहा कि कौन कह रहा है? कौन सा डॉक्टर या कौन सा वैज्ञानिक? अब बचता है कितना? और फिर बचता है कैसे? इनके भी जवाब नदारद हैं. डराने वालों ने पहले ही डरा दिया. इस लेवल तक आ कर तो किसी ने सवाल ही नहीं किया.
मीडिया या तथाकथित वैज्ञानिक या अफवाहबाज़ डॉक्टर इसका भी जवाब दें – क्यों आएगी लहर? कैसे आएगी लहर? कितनी आएगी लहर? बुद्धूबक्सा देख-देख कर आम आदमी चाहे पढ़ा-लिखा हो या अनपढ़  – इतना बेवकूफ हो गया है कि जो शोर बक्से से बाहर आता है, वह उसे सच मान बैठता है.

आप साजिश का हिस्सा न बनें

दूसरी लहर न बता कर आई थी और न ही पहली लहर. इसलिए इन दोनों ही जैविक हमलों के आने को कोई रोक न सका. किन्तु तीसरी, चौथी या पांचवीं, छठवीं लहर के आने की बात जो कोई भी कर रहा है- समझ लीजिये शामिल है साजिश में.
साजिशकर्ता लोग ये क्यों भूल जाते हैं कि इस देश में एक सरकार भी है और वो कोई कांग्रेसी सरकार नहीं, मोदी की सरकार है. हम आगे आने वाली पचास लहरों का बैठ कर इंतज़ार नहीं करने वाले है, हम करेंगे स्वागत दुश्मन के ऐसे जैविक हमलों का अपनी तैयारी के साथ. इसलिए इतने भी सीधे नहीं बनना है हिन्दुस्तानियों को, कि साजिश पर यकीन करके साजिश को मजबूत कर दें और इस तरह खुद भी साजिश का हिस्सा बन जाएँ.

1 COMMENT

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here