Yog Divas पर रोग: कांग्रेसी नेता Singhavi ने पैदा किया विवाद, कहा- ॐ क्यों बोलें?

कोंग्रेसी नेताओं का चरित्र फिर एक बार सामने आया और देश की साम्प्रदायिक एकता के माहौल पर बट्टा लगाया अभिषेक मनु सिंघवी ने..

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सारी दुनिया में आज भारत के योग का डंका बज रहा है. 21 जून को इसीलिए अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस का दर्जा मिला है ऐसे में योग के मूल रूप पर सवाल खड़े करके हमेशा की तरह कांग्रेसी सोच और नियत का परिचय दिया कांग्रेस के एक नेता ने. राष्ट्रवाद पर ही नहीं राष्ट्र की संस्कृति और परम्पराओं पर सवाल खड़े करने वाली कांग्रेस इसी लिए अब भारत से साफ़ होती जा रही है लेकिन उसकी मानसिकता में परिवर्तन अब तक नहीं आया है.

योग पर टांग अड़ाई सिंघवी ने

सारी दुनिया में योग गुरु स्वामी रामदेव ने योग का प्रचार किया है और अब उनका लक्ष्य  सारे भारत को ही नहीं सारी दुनिया को योगयुक्त करना और रोगमुक्त करना है. योग के प्रचार के दौरान वे जाति और धर्म का भेदभाव नहीं करते. और उनके डिअर सिखाये जा रहे योग को दुनिया भर में लोग पसंद कर रहे हैं. ऐसे में योग के विरोधी लोग कोई न कोई अड़ंगा लगा कर विवाद पैदा करते हैं और दुनिया के भाल पर चमकते भारत के उभरते योग नक्षत्र पर दाग लगाना चाहते हैं. अब इसी तरह का एक विवाद पैदा किया है अभिषेक मनु सिंघवी ने.

कहा- ॐ का उच्चारण आवश्यक नहीं !

अभिषेक मनु सिंघवी नामक कांग्रेस के नेता मूल रूप से वकील हैं. कांग्रेस के हैं इसलिए सोच भी कांग्रेसी है. इन्होने ट्वीट करके कहा है कि योग करते समय हम ॐ का उच्चारण क्यों करें, ॐ का उच्चारण योग में आवश्यक नहीं है. इनको योग से कोई कष्ट नहीं है किन्तु इनको ॐ से कष्ट है. ये योग का लाभ तो लेना चाहते हैं किन्तु योग के अभिन्न अंग ॐ को स्वीकार करना नहीं चाहते. किन्तु इनकी अज्ञानता समझी जा सकती है क्योंकि इन्हे ये पता नहीं है कि ॐ का उच्चारण योग में क्यों किया जाता है और ॐ का ध्वनि विज्ञानं क्या है और ॐ का योग के साथ अंतर्निहित संबंध किस तरह से योग करने वालों के लिए लाभकारी है.

अस्वीकार्य व्यवहार है ये कांग्रेस का

सनातन काल से योग भारतीय धार्मिक आध्यात्मिक संस्कृति का अभिन्न अंग है. इसी तरह से योग का अभिन्न अंग ॐ है. हिन्दुओं का देश भारत सर्व धर्म सम भाव पर विशवास रखता है और सभी धर्मों का सम्मान करता है. ऐसे में हिन्दू धर्म के अभिन्न अंग योग से जब सारी दुनिया को लाभ मिल रहा है तो इसमें धार्मिक विवाद पैदा करना विघटनकारी सोच है. इसका उत्तर ये है कि हिन्दुओं की आस्था ॐ में उसी तरह अन्तर्निहित है जिस तरह योग में अन्तर्निहित है. इसलिए योग में हस्तक्षेप करके इसमें बदलाव करना स्वीकार करने योग्य व्यवहार नहीं है.

जवाब दे दिया बाबा रामदेव ने

कांग्रेस नेता अभिषेक मनु सिंघवी ने अपने ट्वीट से विवाद खड़ा कर दिया तो स्पष्ट ही है कि इसका जवाब भी उनको मिलना चाहिए. चूंकि उन्होंने योग को लेकर ॐ और अल्लाह का जिक्र किया, तो योगऋषि बाबा रामदेव को उन्हें जवाब देना ही पड़ा. भारत में योग के सर्वोच्च प्रचारक बाबा रामदेव ने एक पंक्ति में करारा जवाब दे दिया, उन्होंने कहा – सबको सन्मति दे भगवान !

लाइमलाइट मिल गई सिंघवी को

आज दुनिया भर में सातवां अंतरराष्ट्रीय योग दिवस आयोजित किया जा रहा है. भारत में कोरोना के नियमों का ध्यान रखते हुए अलग-अलग स्थानों पर योग के कार्यक्रम आयोजित किये जा रहे हैं. ऐसे में अभिषेक मनु सिंघवी को अचानक ज्ञान प्राप्त हुआ और उन्होंने एक धमाकेदार ट्वीट कर दिया जिसमे उन्होंने लिखा कि ”ॐ के उच्चारण से न तो योग ज्यादा शक्तिशाली हो जाएगा और न अल्लाह कहने से योग की शक्ति कम हो जायेगी.”

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