Beauty: 50+ की उम्र में महिलाएँ कैसे दिखें ग्रेसफुल

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बढ़ती उम्र में खुद को आकर्षक और फिट रखना चोचले नही बल्कि आपका जीवन और अपने स्वास्थ्य  के प्रति सकारात्मक होना दर्शिता है जो कि नितांत आवश्यक है.  इन मामलों में महिलाओं में उदासीनता अधिक देखी जाती है.  हालांकि आज के दौर की नारी अधिक सतर्क और सजग है अपने लुक और स्वास्थ्य को लेकर. महिलाओं की घर-परिवार की ज़िम्मेदारियाँ इतनी अधिक हैं कि वे फिर अपने को समय देने में ही कटौती करने लगती हैं.  खुद पर ध्यान  न दे कर बस पति, बच्चों और परिवार वालों को प्रसन्न करने में जुटी रहती हैं.
उम्र का ध्यान रखते हुए अपना ख्याल रखना इसलिए आवश्यक नही कि आगे चलकर आप फिट रहें बल्कि इसलिए भी ज़रूरी  है कि खुद को खुश रखना भी एक ज़िम्मेदारी है जिसमें महिलाएँ अक्सर ध्यान नही देती हैं . इसीलिए अक्सर उम्र से पहले ही नीरसता का भाव आ जाने से वे जल्दी बूढ़ी  दिखने लगती है.
वैसे भी उम्र  के लिये कहा जाता है “Age Is Just A Number.”  जी हाँ ये सोलह आने सच  है.  बचपन और यौवन के बाद वृद्धावस्था का क्रमानुसार आना सामान्य प्रक्रिया है.  इसे आने से रोका नही जा सकता परन्तु हम इसे उचित देखभाल, रख-रखाव से मेंटेन कर सकते हैं.  बुढ़ापे को अभिशाप नही वरदान बना सकते हैं.  अपने बुढ़ापे को आप बना सकती हैं ग्रेसफुल. ये आपके  अपने हाथों  में है.  ये हम आपको बताएगें कैसे.
* 50 की उम्र में स्वयं को उतना ही उत्साहित रखें जैसे  कि आप युवावस्था में हुआ करते थे.
* वो हर कार्य में जिसमें आपको प्रसन्नता मिले चाहे वो स्पोर्ट्स हो या गाने सुनना या घूमना-फिरन अवश्य करें.
* अपने कपड़ों का चुनाव सोच-समझ कर करें. कुछ महिलाएं  उम्र के साथ चटकीले रंगों से नाता तोड़ने लगती हैं.  उन्हें लगता है कि बढ़ती उम्र में रंग-बिरंगे कपड़े पहनना उन्हें शोभा नही देगा परन्तु  ऐसा बिल्कुल  भी नही है.  कपड़े आरामदायक  होने चाहिए.  चाहे वो फॉर्मल हो या कैज़ुअल.  रंगों का चुनाव भी अपनी पर्सनैलिटि के अनुसार  करें कि कौन सा रंग फबता है आप पर.  दूसरे शब्दों में वो कपड़े पहने जिसमें आप सहज और ग्रेसफुल देखें.
*नियमित वॉक या योग करें जो आपको चुस्ती-स्फूर्ती तो देगा ही साथ ही साथ आपके इम्यून सिस्टम को भी दुरूस्त करेगा. आपकी  बॉडी को टोन-अप भी करेगा जिससे आप जो भी आऊटफिट पहनेगीं स्टाइलिश,स्मार्ट और कॉन्फिडेंट लगेगीं.
*अपनी  त्वचा का ख्याल रखें.  समय-समय  पर चेहरे पर ऑयल  मसाज  और ऊबटन  से  आप झुर्रियों  को कर सकती हैं टाटा-बॉय-बॉय.
*किसी पार्टी या समारोह जैसे विशेष मौके पर वो पहने जो आपकी पर्सनैलिटी में चार चाँद लगा दे.  इसका अर्थ ये बिल्कुल नही कि आप कुछ नया ट्राई करें.  ऐसा कदापि न करें आपको वो पहनना चाहिए जो आप कर फबता हो. सिल्क  की साड़ी एवरग्रीन है और हर मौके पर अच्छी लगती है.   उसके साथ हल्की ट्रेडिशनल ज्यूलरी पहने या फिर आप कुछ इंडो-वेस्टर्न भी पहनेगीं तो आकर्षक  दिखेगीं.
*अब बात आती है मेकअप की जो एक महिला को “कम्प्लीट लुक” देती है.  वैसे तो Simplicity  अपने आप में खूबसूरत है.  परन्तु आप अपने पर जँचने वाले हल्के मेकअप से खुद को और संवार सकती हैं.  वही मेकअप करें जो आपको सुंदर और आकर्षक लुक दे और कुछ भी थोपा हुआ न लगे. कुछ महिलाएँ उम्र  बढ़ने के साथ लिपस्टिक  लगाना बंद कर देती हैं या हल्के शेड का चयन करती है कि लोग  क्या कहेगें.  अपने आऊटफिट  और अपने कॉम्प्लेक्शन के अनुसार  लिपस्टिक  का चयन करें और अपना आत्मविश्वास बनाए रखें.  हाँ ये ज़रूर ध्यान रखें कि किस  मौके पर कैसी लिपस्टिक लगाएँ.
*बालों का स्टाइल वो रखें जो आप पर जँचे. चाहे फिर बाल लंबे हो,ब्लंट या शॉर्टस्टेप. छोटे बाल खिलते  हो तो रखने में संकोच  न करें.
*उम्र एक नम्बर है . इसीलिए अपने खान-पान का ध्यान  हर उम्र में रखें.  नियमित व्यायाम के साथ बैलेंस डाईट लें जिसमें दाल, अनाज, दही, मल्टीग्रेन रोटी, फल , हरी सब्जियाँ और ड्राई फ्रूट्स को शामिल करें.
* जिस चीज़ से एलर्जी हो, ब्ल्ड प्रेशर में (कम) नमक और मधुमेह में शुगर Avoid करें.
*अपना व्यवहार ऐसा रखें कि आप हर उम्र  के लोगों के साथ एडजस्ट  हो जाए.  इसके लिये जेनरल नॉलेज, आध्यात्मिक, धर्म, संगीत, जोक्स, शेरो-शायरी, खेल-कूद  और राजनीति संबंधित हल्का-फुल्का ज्ञान  रखें. कभी फिर  आपको  ये महसूस  हो नही होगा कि उम्र  बढ़ रही है.
* एक अंतिम टिप्स सदैव  हँसते-मुस्कुराते  रहें और अात्मविश्वास बनाए रखें.  हंसते हुए लोग सबको पसंद  होते हैं,  रोते का कोई साथी नही होता.  सभी के जीवन  में समस्याएं है तो उन पर चिंतित  होने की बजाय  कर्मरत  रहें और फिक्र  को धुएँ में उड़ा दे  फिर देखिए आप खिल उठेगीं महके गुलाब की तरह.
युवावस्था  में आपने जिस लाइफ स्टाइल और रुटीन का अनुसरण किया है आपका शरीर और स्वास्थ्य  उसी के अनुरूप  हो जाता है.  बदलते समय के साथ खुद को बदलें अवश्य परन्तु दिल से ज़िन्दादिली आपको सदैव जवां  बनाए रखती है.  एक बैलेंस्ड और सामान्य  रूटीन  फॉलो करें और खुश रहें, मुस्कुराते रहें.

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