Tokyo Olympics 2020: नौ खास बातें ओलंपिक खेलों की इस Opening Ceremony की

इस शानदार वैश्विक समारोह में भारतीय दर्शकों के दृष्टिकोण से सबसे खास बात ये थी कि उन्हें भारतीय दल के फीके परिधान को देख कर धक्का लगा..

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भारतीय लोग दिलदारी के लिये जाने जाते हैं दुनिया भर में. जज़्बाती होने के कारण हम दुनिया के लोगों से बेहतर इन्सान हैं. यही जज़्बात अर्थात भावुकता यदा कदा दुख का कारण भी बन जाती है जैसे कि ओलंपिक उदघाटन समारोह में भारतीय दल के थके हुए परिधान ने उदास कर दिया भारतीय दर्शकों को.

एक सौ सत्ताईस खिलाड़ी पहुंचे हैं

भारत का ये सबसे बड़ा दल है जिसमे अधिकारियों और स्टाफ को मिला कर कुल 228 लोग हैं. इनमे  खिलाड़ियों की संख्या 127 है. महत्वपूर्ण बात ये है कि भारतीय दल के सिर्फ बीस खिलाड़ी ही ओलम्पिक के उद्घटन समारोह में सम्मिलित हुए. एक बात जो पता नहीं थी, भारतीय दल को यहां आ कर पता चली कि स्वयं टोक्यो के कुछ लोग ओलम्पिक खेलों के बहिष्कार को लेकर आंदोलन कर रहे हैं. जिस दौरान स्टेडियम में समारोह चल रहा था, स्टेडियम के बाहर पुलिस इन नारेबाजों को खदेड़ने में लगी हुई थी.

जापान है तीसरी बार का मेजबान

जापान को ओलंपिक की मेजबानी का यह दूसरा अवसर प्राप्त हुआ है. इसके पूर्व वर्ष 1964 में टोक्यो में ओलंपिक खेलों का आयोजन हुआ था लेकिन आज उदघाटन समारोह के प्रारंभ में उस दिन को याद किया गया जब एक सौ आठ वर्ष पूर्व 2013 में उसको मेजबानी प्राप्त हुई थी.

शुभ जापानी प्रकाश ने किया श्रीगणेश

खेल मेले के उद्घाटन का ये समारोह शुरू हुआ टोक्यो 2020 के प्रतीक को प्रदर्शित करने के लिये 20 सेकेंड तक आकाश में जगमगाई नीली और सफेद रंग की आतिशबाजी के साथ. जापानी संस्कृति में इन रंगों की आतिशबाजी शुभ मानी जाती है।

फिटनेस संदेश वाहक नृत्य की प्रस्तुति

जापानी लोग स्वास्थ्य के प्रति विशेष जागरूक होते हैं. वह जागरूकता इस समारोह में भी देखने को मिली. अनेकता में एकता, शांति और भाईचारे पर विशेष ध्यान दिया गया. स्वास्थ्य का संदेश देता एक विशेष नृत्य भी प्रस्तुत किया गया जिसमें जीवन के लिये अच्छी फिटनेस आवश्यक है की बात आकर्षक ढंग से समझ में आई.

कोरोना पर विजय का संदेश भी

कोरोना को कैसे भूला जा सकता था. जापान की महिला खिलाड़ी ट्रेडमिल पर दौड़ती अकेली नजर आई किन्तु उनका संदेश सबके पास पहुँचा. उन्होंने बिना कहे बता दिया कि हम कोरोना से भी लड़ेंगे और अपना काम करना भी नहीं छोड़ेंगे.  ये जापानी महिला खिलाड़ी थी अरिसा सुबाता जिनका संदेश था कि खिलाड़ियों ने महामारी के दौरान भले ही अकेले अभ्यास किया लेकिन वे रुके नहीं, वे हारे नहीं. ये जापानी महिला सुबाता पेशे से नर्स है तो शौक से मुक्केबाज भी है.

सम्राट ने फहराया ध्वज

जापान के सम्राट नारूहितो ने ओलंपिक खेलों को सम्मान देते हुए स्वयं अंतर्राष्ट्रीय ओलंपिक समिति (आईओसी) के प्रमुख थामस बाक के साथ स्टेडियम में पहुंचने का कष्ट उठाया. उनके हाथो से स्टेडियम में जापान का ध्वज फहराया गया. इसके उपरांत जापान का ध्वज लेकर चलने वालों में एक स्वास्थ्यकर्मी भी शामिल था और इस तरह ये संकेत दिया गया कि जापान कोरोना महामारी के दौरान चिकित्साकर्मियों के द्वारा किये गये योगदान की सराहना करता है.

कोरोना के शिकार खिलाड़ियों का स्मरण

यह खेल भावना भी थी और जापान की सज्जनता-संस्कृति की झलक भी कि उदघाटन समारोह के दौरान उन लोगों और पूर्व ओलंपियनों का भी स्मरण किया गया जो कि कोरोना वायरस के संक्रमण के शिकार हुए और अपनी जान गंवाई. इसके साथ ही म्यूनिख 1972 ओलंपिक में आतंकवादी हमले में मारे गये इजरायली खिलाड़ियों को भी याद किया गया तथा 2011 के भूकंप और सुनामी में मारे गये लोगों का भी उल्लेख किया गया. इन सभी दिवंगत आत्माओं का स्मरण करते हुए स्टेडियम में एक मिनट का मौन भी धारण किया गया.

मिसिया का राष्ट्रगान भी था सुन्दर

उद्घाटन समारोह का विशेष आकर्षण जापान की प्रसिद्ध गायिका मिसिया की उपस्थिति तथा उनके द्वारा गाया गय राष्ट्रगान भी रहा. ओलंपिक के पांच चक्र भी रंगारंग कार्यक्रम के बीच स्टेडियम में लाने की औपचारिकता निभाई गई. इन रिंग को उन पेड़ों से तैयार किया गया है जिन्हें ओलंपिक 1964 के दौरान जापान के खिलाड़ियों ने लगाया था. इस तरह यह प्रकृति प्रेम का एक संदेश भी था.

एक हजार विशेष थे उपस्थित

उदघाटन समारोह के दौरान स्टेडियम में दर्शकों को आने की अनुमति नहीं देने का निर्णय तो काफी पहले ले लिया था परंतु विशेष दर्शकों को आने की छूट दी गई. इस कारणवश समारोह को देखने के लिये स्टेडियम में एक हजार चुनी हुई हस्तियां ही उपस्थित थीं और इनमें अमेरिका की पहली महिला जिल बाइडेन भी शामिल रहीं.

Tokyo Olympics 2020: शुरू हो गए ओलम्पिक खेल, सम्पन्न हुआ उद्घाटन समारोह

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