France भी अब खड़ा हुआ चीन की बदमाशी के खिलाफ, भेजे युद्धपोत South China Sea में

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पेरिस से आई है ये जानदार खबर. चीन की बदमाशी का इलाज करने के लिए अब फ्रांस भी उतर आया है मैदान में. अब तक साउथ चाइना सी में में चीन की दादागीरी से मुकाबले के लिए अमेरिका खड़ा था और भारत भी तैयार था किसी भी अप्रत्याशित स्थिति का पलटवार करने के लिए. अब यहां फ्रांस ने भी कर ली है मोर्चाबंदी. विवाद वाले इस क्षेत्र में अपनी उपस्थिति की मुहर लगाने के लिए फ़्रांस ने अपने दो युद्धपोत रवाना कर दिए हैं.

साउथ चाइना मार्निग पोस्ट ने किया कन्फर्म

इस क्षेत्र के मीडिया ने ही इस खबर को दुनिया के सामने कन्फर्म कर दिया है. साउथ चाइना मार्निग पोस्ट ने इस बारे में जानकारी देते हुए बताया कि अब फ़्रांस भी करेगा यहां चीन का मुकाबला. सब जानते हैं कि अमेरिका काफी समय से अपने युद्धपोतों का बेड़ा दक्षिण चीन सागर में भेजता रहा है. इस अखबार के मुताबिक़ फ्रांस की नौसेना ने कहा है कि युद्धपोत टोनरे और सर्कुफ गुरुवार को रवाना कर दिए गए हैं जो तीन महीने अब प्रशांत क्षेत्र के मिशन पर तैनात रहेंगे.

मई में अमेरिका के साथ होगा सैन्याभ्यास

फ्रांस की प्रमुख वेबसाइट नेवल न्यूज ने भी इस बारे में जानकारी दी. नेवल न्यूज़ के अनुसार फ़्रांस के द्वारा भेजे गए ये युद्धपोत दो बार दक्षिण चीन सागर से हो कर गुजरेंगे और तीन माह बाद मई में अमेरिका तथा जापान के साथ मिल कर साउथ चाइना सी में संयुक्त सैन्य अभ्यास करेंगे.

परमाणु पनडुब्बी भी कर दी तैनात

फ्रांस काफी समय से साउथ चाइना सी में चीन की दादागिरी को लेकर खामोश था किन्तु उसकी तैयारी लगातार चल रही थी. फ़्रांस के विदेश मंत्रालय और रक्षा मंत्रालय ने पिछले हफ्ते मीटिंग करके अपने इरादों को जगजाहिर कर दिया और उसके बाद दक्षिण चीन सागर में अपनी एक परमाणु पनडुब्बी को तैनात भी कर दिया. यद्यपि इसके लिए अमेरिका से फ़्रांस की लगातार बात होती रही है और अब अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन की अपील पर उसने अविलम्ब ये कदम उठाया है, जबकि चीन का मानना है कि सारा साउथ चाइना सी उसका है.

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