Omicron Variant Guidelines: ओमिक्रोन के बढ़ते खतरे के बीच सरकार ने जारी की नई गाइडलाइन, केंद्र सरकार ने कहा हम तैयार

कोरोना वायरस (Coronavirus) के नए वैरिएंट Omicron को केंद्र सरकार बहुत गंभीरता से ले रही है. ओमीक्रोन के खतरे को देखते हुए केंद्र सरकार ने अंतरराष्ट्रीय यात्रियों के लिए नयी  गाइडलाइन भेजी है. अंतरराष्ट्रीय यात्रियों के लिए भारत आने से जुड़े नियमों में बदलाव किए हैं जो 1 दिसंबर से प्रभावी हो जाएंगे. इसके साथ-साथ केंद्र सरकार ने राज्यों से सतर्क रहने को भी कहा है.. 14 जोखिम वाली श्रेणी में रखे गए देशों से आने वाले यात्रियों के लिए एयरपोर्ट पर जांच अनिवार्य की गई है. केंद्रीय गृह मंत्रालय ने ये भी कहा है कि सभी राज्य सुनिश्चित करें कि जो अंतरराष्ट्रीय यात्री हैं उनकी कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग पुख्ता तरीके से और सख्ती के साथ हो.

एयरपोर्ट पर 6 घंटे का इंतजार

नए नियमों के लागू होने के बाद दिल्ली एयरपोर्ट (Delhi Airport ) पर यात्रियों को काफी इंतजार करना पड़ सकता है. यात्रियों को उनके आरटीपीसीआर टेस्ट के परिणाम के लिए 4 से 6 घंटे लग सकते हैं. एयरपोर्ट पर कोरोना का आरटीपीसीआर टेस्ट  (RTPCR test) करने वाली कंपनी एक घंटे में 400-500 टेस्ट कर सकती हैं. लेकिन जांच क्षमता बढ़ाने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं.

क्या है नई गाइडलाइन

कोरोना के नए वेरिएंट आने से सरकार सतर्क हो गई है और इसके मद्दे नजर नई गाइडलाइन जारी की गई है. इसके तहत, वैक्सीनेशन के बावजूद जोखिम वाले देशों से आने वाले अंतरराष्ट्रीय पैसेंजर्स को एयपोर्ट पर कोरोना टेस्ट कराना अनिवार्य होगा. जोखिम वाले देशों से भारत आने के 72 घंटे पहले COVID-19 टेस्ट कराने के बावजूद एयरपोर्ट पर अनिवार्य रूप से COVID-19 टेस्ट कराना होगा. पॉजिटिव पाए गए यात्रियों को क्वारंटीन किया जाएगा और नैदानिक प्रबंधन प्रोटोकॉल के अनुसार इलाज किया जाएगा. ऐसे यात्रियों के सैंपल को तुरंत जीनोम सिक्वेंसिंग के लिए भेजा जाएगा. पॉजिटिव पाए जाने पर 7 दिन तक निगरानी में क्वारंटीन में रखा जाएगा.

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया ने संसद में बताया कि केंद्र सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए तमाम कदम उठा रही है कि कोरोना का ये वेरिएंट भारत में न पहुंच सके. उन्होंने कहा, इस वायरस को लेकर सावधानी बरतने की जरूरत है. स्वास्थ्य मंत्री के मुताबिक, भारत में इस समय कोरोना महामारी नियंत्रण में है. लेकिन देश बीमारी से मुक्त नहीं है. हमें कोरोना गाइडलाइन का पालन करना चाहिए.