पवार के लिए ‘परम’ परेशानी: लेटर-बम पर सफाई दी -”दोनो की मुलाकात ही नहीं हुई!”

Share on facebook
Share on twitter
Share on google
Share on pinterest
Share on telegram
Share on whatsapp
Share on email

 

जब प्यार किया तो डरना क्या -ये गीत भी गाया जा सकता था किन्तु एक वक्त का प्यार आज जब तकरार में बदल गया है तो मुंबई के कुछ ”ईमानदार” सियासतदार इसको पूरी ईमानदारी से गाने में डर रहे हैं. इसके अतिरिक्त कुछ लोगों द्वारा गुस्से में एक और गीत गुनगुनाया जा रहा है – दिल तो पागल है! …किन्तु इस गीत में दिल की जगह परमबीर बोला जा रहा है.

सुरसा का मुह बना एन्टीलिया केस

एंटीलिया मामला बढ़ते-बढते जानलेवा सिद्ध हो रहा है कई लोगों के लिए जो इसमें गुनहगार हैं और अभी तक उनकी कलई पूरी खुल नहीं पाई है. एंटीलिया मामला अम्बानी का मामला है जिसको न देश हल्के में ले सकता है न ही देश की सरकार. इसी तरह मुंबई में रहने वाले दुनिया के आठवें सबसे धनी व्यवसायी की नाराज़गी प्रदेश के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे भी नहीं ले सकते और न ही ले सकती हैं सोनिया कांग्रेस. लेकिन इस मामले पर शिवसेना और कांग्रेस के सुर-ताल मिल नहीं रहे हैं जो राज्य सरकार के लिए अच्छा संकेत नहीं है.

उद्धव ने बुलाई बैठक

अम्बानी आवास के बाहर विस्फोटक से लदी कार की बरामदगी और उसके मालिक मनसुख हिरेन (Mansukh Hiren) की संदेहास्पद स्थिति में हुई मृत्यु एक गहरे षडयन्त्र की तरफ इशारा कर रही है. इस मामले में लगातार नए ट्विस्ट सामने आ रहे हैं और महाराष्ट्र की सियासत वाली धरती डोलने लगी है. सोच में डूबे मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने आज लॉ एंड ज्यूडिशरी से संबंधित अधिकारियों की आपात बैठक तलब की है और दूसरी तरफ बीजेपी ने महाराष्ट्र सरकार के विरुद्ध मोर्चा तान दिया दिया है.

पवार बोले -देशमुख का इस्तीफ़ा नहीं मंज़ूर!

अनिल देशमुख के इस्तीफे का सवाल ही नहीं – ये कहा है शरद पवार ने. मीडिया से बात करते हुए राष्ट्रीय कांग्रेस पार्टी प्रमुख शरद पवार ने कहा, ”इस मामले के कारण प्रदेश की सरकार के ऊपर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा. हमने पाया है कि अनिल देशमुख उस समय नागपुर में थे, इसलिए उनके त्यागपत्र का कोई प्रश्न नहीं उठता. परमबीर सिंह राजनीतिक दलों से प्रेरित है, ऐसा हमने पहले कभी नहीं देखा. अब मामले की जांच को लेकर मुख्यमंत्री को फैसला लेना है.”

परम बीर पहुंचे परम-अदालत

मामले के केन्द्र-बिन्दु बन कर देश भर में सुर्खियाँ बटोरने वाले मुंबई के पूर्व पुलिस कमिश्नर परमबीर सिंह ने सीएम उद्धव ठाकरे के नाम लिखे अपने पत्र में लगाये आरोपों पर यू-टर्न न लेने का फैसला किया है. वे इस मामले की जांच के लिए सुप्रीम कोर्ट पहुँच गये हैं और उन्होंने अदालत को प्रस्तुत किये गये अपने निवेदन में इस मामले की जांच के लिये सीबीआई को जिम्मेदारी देने की मांग की है.

ट्रेंडिंग

काम की खबरें

देश

विदेश

मनोरंजन

राजनीति