PM Modi का ऐलान – अब E-Voucher से होगा भुगतान – बंद होगी धोखाधड़ी की दुकान

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21वीं सदी का भारत आज कैसे आधुनिक युग में नई-नई टेक्नोलॉजी के साथ आगे बढ़ रहा है ये हमारे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सही मायनों में सिद्ध कर दिखाया है. कुछ वर्ष पूर्व किये गये निर्णयों से असंतोष दिखता जन-मानस आज उसका सही मूल्य समझ पा रहा है. इसी दिशा और इसी कड़ी में पीएम मोदी द्वारा बहुत ही महत्वपूर्ण और सराहनीय निर्णय लिया गया है जिसका नाम है – e-RUPI.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से ई-वाउचर-आधारित डिजिटल पेमेंट सॉल्यूशन लॉन्च किय जो डिजिटल पेमेंट को आसान बनाने के साथ-साथ उसे सुरक्षित भी रखेगा. दूसरे शब्दों में आप जो पेमेंट जिस किसी को भी निश्चित कारण से कर रहे हैं ,आपकी वो भुगतान राशि बिल्कुल वही उपयोग होगी. उसका कोई ग़लत उपयोग कदापि नही हो पायेगा. नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया ने वित्तीय सेवा विभाग, स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय और राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण के साथ मिलकर इस डिजिटल पेमेंट सोल्यूशन सेवा(e-RUPI) को बनाया गया है.
“काम एक फायदे अनेक” प्रधानमंत्री मोदी ने अपने ट्विटर अकाउंट पर ये जानकारी देते हुए कहा था कि ये योजना स्पॉन्सर्स और बेनिफिशयरीज़ को डिजिटल रूप से जोड़ेगा| यह भुगतानी प्रक्रिया पूर्ण रूप से कैशलेस और कॉन्टेक्ट रहित होगी. विभिन्न सामाजिक कल्याणकारी संस्थाओं और संगठनों की लीक-प्रूफ सत्यता को भी मेक श्योर करेगा.
e-RUPI ई-वाउचर के रूप में कार्य करेगा जो क्यू-आर कोड और SMS स्ट्रिंग पर बेस्ड होगा.
इस सेवा के द्वारा यूजर को भुगतान हेतु न तो कार्ड, डिजिटल पेमेंट ऐप और न ही इंटरनेट बैंकिंग एक्सेस की आवश्यकता पड़ेगी.पीएम मोदी जी ने कहा कि यह देश के विकास को ध्यान में रखते हुए टेक्नेलॉजी के साथ फ्यूचरिस्टिक फॉर्म का कदम बढ़ाया गया है.
सामाजिक संगठनों और हेल्थ सेक्टर से जुड़े बेनेफिट पर यह सेवा लागू होने से निम्न वर्ग, आदिवासी,वृद्धाश्रम, महिलाश्रम ,गर्भवती स्त्रियों के पोषण और विकास ,किसी के इलाज पर खर्च जैसी आर्थिक सेवाएँ दी जाएगीं जो भोजन और पर्यावरण से भी समस्याओं में भी मददगार सिद्ध होगी. यह कोविड वैक्सीन में भी कारगर सिद्ध होगी जहाँ सामाजिक कल्याणकारी संगठनों द्वारा प्राईवेट हेल्थ सेक्टर में निश्चित राशि का भुगतान कर कोविड वैक्सीन लगवाने वाले ईदिवासी और ग़रीब लोगों को ई-वाउचर उपलब्ध कराया जायेगा जिससे वे राशि वैक्सीन के तहत ही उपयोग होगी
प्रधानमंत्री जी ने बताया कि ये पर्सन के साथ-साथ पर्पज़ स्पेसिफिक भी है. वृद्धाश्रम में बेड लगवाना हो या गौशाला में चारे और गायों की उचित देखभाल के लियेe-RUPI के ज़रिये किया गया भुगतान उन्हीं तक और सही हकदार तक पहुँचेगा. राष्ट्रीय परिप्रेक्ष्य की दृष्टि से भी देखें तो सरकार द्वारा किताबों और यूनिफॉर्म के लिये भेजे गये पैसे अब उसी कार्य में उपयोग होंगे.
देश की सोच भी अब अलग और नई हो रही है. नई तकनीकों को अब ग़रीबों की मदद के टूल के रूप में देखा जा रहा है. सरकार और लाल फिताशाही पर अब सामान्य जन जीवन की निर्भरता कम होती नज़र आ रही है.
उन्होंने ये भी कहा कि जब JAM(जैम) को शुरू किया गया था तो लोगों को समझ नही आया था अब लॉककडाउन में इसके महत्वत को समझा गया. DBT benefit खाते के तहत लोगों को लाभ मिल रहा है जिसने राशन,एलपीजी गैस आदि समस्याओं का निदान बहुत हद तक कर दिया है.
टोल बूथ पर फिज़िकल उपस्थिति के बिना टोल टैक्स भुगतानी की सुगमता, पीएम किसान सम्मान नीति के तहत खरीद-बिक्री के पश्चात किसानों के खाते में पैसे जमा होना ,डिजी लॉकर,भीम एप के ज़रिये यूपीआई ट्रॉन्जैक्शन में बढ़ोत्तरी,आरोग्य एेप, RUPAY CARD आदि अनेकों उदाहरण देश की सम्पन्नता और विकास को ध्यान में रखते हुए उठाये गये सफल व मज़बूत कदम हैं जो हर नागरिक को स्मार्ट,शिक्षित और आत्म-निर्भर बना रहा है.
पीएम स्वनिधि योजना के द्वारा ठेला,रेवड़ी वालों के फाईनेन्शियल सुधार के बारे में पहली बार सोचा गया जो डिजिटल ट्रॉन्जेक्शन नही कर पाते थे तो उनकी कोई डिजिटल हिस्ट्री भी नही बनती थी. अब ठेले,रेवड़ी वर्ग की भी डिजिटल हिस्ट्री होगी.
e-RUPI एक ऐसा डिजिटल पटल होगा जिसका उपयोग कई कार्यों में किया जायेगा. विभिन्न सामाजिक कल्याण योजनाओं में आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना, फर्टिलाइजर सब्सिडी जैसी योजनाओं में e-RUPI सहायक सिद्ध हो सकता है. वेलनेस और कॉरपोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी प्रोग्राम्स में निजी क्षेत्र के लोग भी इस योजना से लाभान्वित होंगे. यह एक ऐसी डिजिटल पेमेंट सॉल्यूशन योजना है जिसका लक्ष्य ऑनलाइन पेमेंट को सर्वाधिक रूप से ” इज़ी एन सेफ” करना है.

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