पूछता है देश: भारत के कुछ ब्रान्डेड पत्रकार पाकिस्तान के दीवाने क्यों हैं?

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किसने कहा था, चीनी कपास देंगे, भिखारी पाकिस्तान को -अपनी हंसी उड़वाता पागल मुल्क, और हमारे पत्रकारों की हालत ये है कि वो तो पागल हो गए हैं पाकिस्तान की दीवानगी में..
पाकिस्तान डे के उपलक्ष्य में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इमारन खान को पत्र क्या लिख दिया, उससे जितना पाकिस्तान पागल नहीं हुआ, उससे ज्यादा हमारे पत्रकार पगला गए.
ये पत्रकार ऐसे पगला गए कि पाकिस्तान से संबंधों को सुधरने के लिए क्रिकेट मैच खिलाने का भी शोर मचाने लगे -कुछ ने ओपिनियन पोल करा दी कि क्या भारत का पाकिस्तान को चीनी और कपास निर्यात करने का फैसला सही है -और ये सब किया बिना तथ्यों की पड़ताल करे.
29 मार्च को पाकिस्तान की अपनी ही आर्थिक कोर्डिनेशन समिति (ECC) ने प्रस्ताव किया कि चीनी और कपास की कमी को पूरा करने के लिए भारत से इन दोनों चीज़ों का आयात किया जाये -इसे इमरान खान का अनुमोदन था.
ये प्रस्ताव नए बनाये गए वित्त मंत्री हम्माद अज़हर ने बताया कि स्वीकार कर लिया गया है.
लेकिन कल ही पाकिस्तान की कैबिनेट ने अपनी ही ECC के प्रस्ताव को स्थगित कर दिया ये कह कर कि जब तक भारत  जम्मू कश्मीर में 370 की बहाली नहीं करता, हम उसके साथ कोई व्यापारिक सम्बन्ध नहीं रखेंगे..
अब सोचिये भारत ने कहां फैसला किया पाकिस्तान को चीनी और कपास देने के लिए –वो खुद प्रस्ताव अपने आप को कर रहा है और खुद ही खारिज कर रहा है, वो भी 370 की बहाली को ले कर.
भारत कहां मर रहा था पाकिस्तान को चीनी और कपास देने के लिए –आप तो वैसे ही कड़वे हो, चीनी खा कर भी कड़वे ही रहोगे और बिना कपास कपडा नहीं बनेगा तो नंगे भी रहना होगा.
GAVI Alliance से भारत की वैक्सीन ले ली, हिम्मत करके वो भी लेने से मना करके दिखाते कि जब तक 370 नहीं बहाल करेगा भारत, हम उनकी वैक्सीन नहीं लेंगे.
इमरान खान ने पीएम मोदी को उनके पत्र के जवाब में लिखा है कि दोनों देशों के बीच शांति जम्मू कश्मीर समस्या का समाधान किये बिना स्थापित नहीं की जा सकती.
इमरान खान, आपको ये ग़लतफ़हमी कैसे हो गई कि भारत और पाकिस्तान के बीच कभी भी शांति स्थापित हो सकती है –ये शांति किसी कीमत पर कायम नहीं हो सकती .
क्यूंकि तुम्हारा मुल्क गजवा ए हिन्द का सपनापाल कर बैठा है जो कभी संभव नहीं होगा – तुम आज इतने मजबूर हो कि तुम अपने बड़े बड़ेआतंकियों को दड़बे में छिपा कर बैठे हो.
एक कहावत है हमारे देश में –ना नौ मन तेल होगा और ना राधा नाचेगी -तुम्हें कश्मीर कभी मिलेगा नहीं और इमरान खान, हम तुमसे अपना POK भी छीन लेंगे, तुम देखते रहियों – सपना देखना बंद कर दो इमरान मियां  कि 370 को बहाल किया जायेगा.
पाकिस्तान के लिए पागल होने वाले पत्रकारों और कांग्रेस को समझ आना चाहिए कि पाकिस्तान की आज मोदी काल में क्या हालत हो गई -बाइडन ने 40 देशों को जलवायु परिवर्तन पर हुई बैठक में बुलाया मगर इमरान को याद भी नहीं किया.
अब 4 दिन बाद जॉन कैर्री,बाइडन के दूत बन कर आ रहे हैं भारत और वो बंगलादेश भी जायेंगे क्यूंकि वो अपने मित्रों से मिलने आ रहे हैं, ऐसा उन्होंने खुद कहा है –मगर वो पाकिस्तान नहीं जायेंगे –इसका मतलब साफ़ है कि
अमेरिका पाकिस्तान को अपना मित्र नहीं मानता.
समस्या सारी पाकिस्तान और इमरान खान के साथ ये है कि वो अपने को भारत और मोदी के बराबर समझ कर बात करने के मूर्खता करते हैं जबकि वो भारत और मोदी के करीब बैठने लायक भी नहीं है.
“कड़वा पाकिस्तान, नंगा पाकिस्तान”
(सुभाष चन्द्र)