पूछता है देश : भारत-पाकिस्तान के बीच किस करवट बैठेगा तालिबान का ऊंट?

“तू कौन, मैं खाम खां” तालिबान क्या स्थाई दोस्त बनेगा- सब मलाई मांग रहे हैं तालिबान से, जो भारत चाहेगा तब पाकिस्तान को लेने के देने पड़ जायेंगे.
“कटोरा खान” अफगानिस्तान में तालिबान के कब्जे से ऐसे खुश हो रहा है जैसे उसके अपने साले को हुकूमत मिल गई हो.
और इस नशे में अमेरिका को भी धमकी दे गया कि 9/11 जैसे हमलों से बचने के लिए उसे तालिबान से दोस्ती करनी होगी – इसका साफ़ मतलब निकलता है कि 9 /11 के हमले में पाकिस्तान खुद शामिल था.
इतना ही कल शाह मुहम्मद कुरैशी ने कहा कि अफगानिस्तान में जल्दी ही तालिबान “आम सहमति” से सरकार बनाएगा –यानि “तू कौन, मैं खाम खां” –जबरदस्ती बनने चले है तालिबान के प्रवक्ता.
मगर तालिबान पाकिस्तान का क्या स्थाई दोस्त बनेगा भी –अभी कुछ हालात बदले नज़र आ सकते हैं. एक चैनल पर रिपोर्ट थी कि तहरीके तालिबान पाकिस्तान (TTP) ने कहा है कि अब अगला निशाना पाकिस्तान है.
पाकिस्तान इस फिराग में है कि अफगानिस्तान के लोग बॉर्डर पार कर पाकिस्तान में न घुसें जिसके लिए वो सीमा पर (डुरंड लाइन) तार लगाना चाहता है -पता नहीं पैसा कौन देगा.
मगर आज तालिबान ने ऐसा करने से मना ही नहीं  कर दिया, साथ में ये भी कह दिया कि वो इस डुरंड लाइन को मानता ही नहीं.
तालिबान के कुछ लोग जैश और लश्कर के आतंकियों से मिले जरूर हैं मगर एक वरिष्ठ नेता ने ये भी साफ कर दिया है कि कश्मीर से हमारा कुछ लेना देना नहीं है.
पाकिस्तान तालिबान का 20 वर्ष से समर्थन करने की कीमत वसूल करना चाहता है, चीन अपने पैर जमाने के चक्कर में है और रूस को डर है कि कहीं तालिबान उसके पडोसी मध्य एशियाई देशों में आतंकवाद न फैला दे.
रूस पहले भी हाथ जला चुका है अफगानिस्तान में और पाकिस्तान “कटोरा” हाथ में पकडे तालिबान को क्या दे सकता है.
चीन पैसा दे देगा मगर जब चाहेगा कब्ज़ा भी कर लेगा और तालिबान को याद रहे चीन उइघुर मुसलमानों के साथ क्या कर रहा है.
भारत के साथ तालिबान दोस्ती की चाह जरूर रख रहा है क्यूंकि उन्हें पता है भारत सही तरह से निवेश करेगा –लेकिन शर्त तो भारत भी रखेगा.
भारत की शर्त होगी कि तालिबान को पाकिस्तान से दूर होना होगा -उसके आतंकी गुटों को अपने देश में जगह नहीं देगा.
जो पाकिस्तान सपने देख रहा है कि तालिबान उसे कश्मीर ला कर देगा, उसी से भारत चाहेगा बलोचिस्तान को आज़ाद करवाना और ऐसा होना असंभव नहीं है.