पूछता है देश: बसपा के ब्राम्हण सम्मेलन का सच क्या है?

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उत्तर प्रदेश के जो ब्राह्मण, अजय मिश्रा को लेकर ब्राह्मणों के सम्मान के लिए मायावती की गोद में बैठना चाहते हैं,
वो मायावती को भूल रहे हैं.
आज एक ब्राह्मण समाज के पढ़े-लिखे रिटायर्ड व्यक्ति के विचार पढ़ कर मैं दंग रह गया जिसमे उन्होंने लिखा कि अजय मिश्रा के त्यागपत्र की स्तिथि में हमारे पास बसपा ही एक विकल्प है –
उन्होंने आगे लिखा सतीश चंद्र मिश्रा से बात करनी होगी कि ब्राह्मणों का सम्मान हो.
उनके बयान पर कुछ लोगों ने समर्थन दिया है –एक ने तो लिखा -“सही है, ब्राह्मणों के पास एक विकल्प है पहले भी सम्मान मिला था, कुछ कमियां थी जिनको दूर किया जा सकता है।”
पता नहीं ये लोग किस तरह उस मायावती पर भरोसा कर रहे हैं जिसकी पार्टी का आधार ही एक नारे से बना था –“तिलक तराजू और तलवार, इनको मारो जूते चार” –ये थोड़ा सोच लें मनुवाद क्या है जिसे मायावती कोसते नहीं थकती.
सतीश चंद्र मिश्रा को मायावती ने अपने साथ क्यों रखा हुआ है, वो कोई नहीं जानता मगर यकीनन ब्राह्मण होने के नाते तो नहीं रखा है –खोज कीजिये इस विषय पर तो सब पता चलेगा.
मायावती को हमारे ये ब्राह्मण मित्र भूल रहे हैं कि उसने अटल बिहारी वाजपेयी जैसे “ब्राह्मण” प्रधानमंत्री की 17 अप्रैल,99 को लोकसभा में सरकार गिराने में धोखा दिया था क्यूंकि अटल जी से वादा किया था समर्थन देने का और फिर कहा – हम वादा तोड़ना भी जानते हैं.
योगी साढ़े चार साल में उत्तर प्रदेश को 10 वर्ष आगे ले गए हैं लेकिन ये लोग एक मसले पर योगी के किये कराये पर मिटटी डालना चाहते हैं -अरे, यूपी के भाइयों, तेल देखो और तेल की धार देखो, योगी पर भरोसा रखो.
ये याद रहे मायावती की गोद में बैठने को आतुर लोगों को कि हर विपक्षी दल आज योगी को उखाड़ कर प्रदेश को 20 वर्ष पीछे ले जाने की ताकत रखता है.
मायावती और अखिलेश की तरह योगी पर क्या कोई भ्रष्टाचार का एक भी आरोप है लेकिन फिर भी उसे ही उखाड़ने में मदद करना चाहते हो -एक बात और याद रखना इन दोनों में से किसी को सत्ता सौंपने का साफ़ मतलब होगा कि उत्तर प्रदेश में हिन्दुओं का जीना दूभर हो जायेगा.
एक बात और याद रखिये मायावती के साथ जाने से पहले कि- प्रदेश के लोगों ने राजस्थान में भी एक नारा लगाया था.
“मोदी से कोई बैर नहीं, वसुंधरा तेरी खैर नहीं”
आज वो लोग राजस्थान में स्वर्ग भोग रहे हैं अशोक गहलोत का+ बनाया हुआ लेकिन मज़ाल है कोई ऐसा प्राणी मिल जाये जो माने कि उसने भी ये नारा लगाया था और भाजपा को हरवाया था.
उत्तर प्रदेश पर कब्ज़ा विपक्ष का सपना है क्यूंकि उससे वो पूरे भारत पर राज करने का सपना देख रहे हैं –उनका सपना पूरा करना है तो कीजिये.

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