पूछता है देश: कितनी गंभीर है भारत में करोड़ों बांग्लादेशियों & रोहिंग्याओं की घुसपैठ

Share on facebook
Share on twitter
Share on google
Share on pinterest
Share on telegram
Share on whatsapp
Share on email
 3 करोड़ राशन कार्ड रद्द होना गंभीर है, तो करोड़ों बांग्लादेशियों की घुसपैठ पर क्या कहेंगे आप – इसी तरह हज़ारों-हजारों की तादात में रोहिंग्या घुसपैठ को क्या कहेंगे आप!
सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि 3 करोड़ राशन कार्ड रद्द होना गंभीर मामले है –झारखण्ड की एक आदिवासी महिला कोइली देवी की याचिका पर चीफ जस्टिस एस ए बोबडे की खंडपीठ ने सरकार को नोटिस जारी कर दिया.
ये याचिका वरिष्ठ वकील कोलिन गोन्साल्वेज़ ने दायर की है और ये भी उन 6 वकीलों में एक हैं जो रोहिंग्या मुसलमानों को देश के बाहर ना भेजने के लिए लड़ रहे हैं.
ये वकील लोग फ्री में किसी का केस भला लड़ सकते हैं और क्या एक गरीब महिला जो राशन के अभाव से तृस्त है, उसकी पहुँच गोन्साल्वेज़ जैसे वकील तक कैसे हो सकती है.
अच्छी बात है सुप्रीम कोर्ट ने एक गरीब की याचिका पर नोटिस जारी किया पर,जाहिर है इन वकीलों को ऐसे केस दिए जाते हैं जिससे सरकार की किरकिरी कर सके -गोन्साल्वेज़ उस महिला को  जानते भीं नहीं होंगे.
सुप्रीम कोर्ट के वकील तो ट्विटर पर हम जैसे पढ़े लिखे लोगों की बातों का जवाब नहीं देते,उनके पास ये गरीब महिला कैसे पहुँच गई –ये प्रधान मंत्री मोदी को कटघरे में खड़ा करने के लिए किया गया है क्यूंकि जिस दिन मोदी ने लोकसभा में कहा कि 3.95 करोड़ फर्जी राशन कार्ड पकडे गए हैं, उसी दिन से RTIवाले और वामपंथी मीडिया मोदी के पीछे पड़े हैं.
ये राजनीतिक मुक़दमे हैं जिनके लिए अज्ञातस्रोतों से पैसा मिलता है और ये अदालत को समझना चाहिए –वरना उस महिला को क्या पता कि 3 करोड़ राशन कार्ड रद्द हुए हैं.
130 करोड़ की आबादी में 3 करोड़ मात्र 2.3 प्रतिशत है और ये संख्या कोई बहुत बड़ी नहीं है मगर सरकार के पैसे को चूना लगाने के लिए बहुत है -और ये नहीं भूलना चाहिए कि फर्जी राशन कार्डों से बहुत बड़े फ्रॉड को अंजाम दिया जा रहा था.
कौन सा क्षेत्र ऐसा है जिसमे फर्जीवाड़ा न हुआ हो, लाखों पेंशन धारक फर्जी पाए गए –अकेले कर्नाटक में 600 करोड़ फर्जी पेंशन धारक उड़ा रहे थे.
अदालत दूर ना जाये, अभी हाल ही की खबर के अनुसार पी एम् किसान सम्मान निधि का पैसा भी फर्जी किसान उड़ा रहे हैं और 2400 करोड़ की चपत सरकार को लगी है.
देश भर में हजारों मदरसों को सरकारी सहायता मिलती है, उसमे ही करोड़ो का घपला मिला है सरकार को -ना मिला होता तो, वो अब तक सुप्रीम कोर्ट के दरवाजे आधी रात में खुलवा देते.
अदालत से अनुरोध है कि ऐसी याचिकाएं  आते ही याचिका दायर करने वालों पर तुरंत भरोसा मत कर लीजिये और सरकार को बे-ईमान मत समझ लीजिये.
जिस किसी विभाग में सरकारी सहायता दी जाती है उसमे घपला होना कोई बड़ी बात नहीं है और इसी घपले को रोकने की कोशिश की गई है –इसी घपले को रोकने के लिए सरकार DBT से खातों में पैसा दे रही है.
3 करोड़ राशन कार्डो के रद्द होने को अदालत ने गंभीर माना है, काश फिर 5 करोड़ बांग्लादेशियों की घुसपैठ को भी गंभीर माना होता जो हर तरह से समाज के लिए खतरा बने हुए हैं.
40 हजार से ज्यादा (2017 में यही संख्या) बताई गई थी रोहिंग्या मुसलमनों की घुसपैठ को गंभीर मान कर 3 साल से उनकी सुनवाई ना रोके होते और वो भी कोई कम खतरा नहीं हैं देश की सुरक्षा  के लिए.
राशन कार्डों का फर्जीवाड़ा अगर सही मिले तो अदालत ऐसा करने वालों को जेल में डालने के भी आदेश करे..
(सुभाष चन्द्र)

ट्रेंडिंग

काम की खबरें

देश

विदेश

मनोरंजन

राजनीति