Poochta Hai Desh: इस पाकिस्तानी Mob lynching को क्या कहा जाये?

और क्या उम्मीद कर सकते हैं, पाकिस्तान जैसे आतंकी मुल्क में – श्री लंका कैसे सोच रहा है, सियालकोट कांड की जांच होगी.
पाकिस्तान के सियालकोट की एक गारमेंट फैक्ट्री के श्री लंकाई जनरल मैनेजर प्रियंता कुमारा को कथित “ईशनिंदा” के आरोप में जुमे को दिन दहाड़े भीड़ ने मारते हुए जला दिया.
ऐसी बर्बरता बता रही है कि भारत के टुकड़े करके पैदा हुआ ये मुल्क अभी पाषाण युग में चल रहा है -कहानी गढ़ी गई है कि कुमारा ने कट्टरपंथी संगठन तहरीक -ए -लब्बैक (TLP) के एक पोस्टर को फाड़ कर फ़ेंक दिया जिसमे कुछ कुरान की आयतें लिखी थी.
बस ये अपराध था कुमारा का जिसे ईश निंदा बता कर बर्बर मौत की सजा दे दी गई –ये आरोप लगाया गया गुरुवार को और जुमे को बिना किसी दलील वकील अपील सजा दे दी गई -इस तरह के ज्यादातर काम जुमे के रोज ही देखे जाते हैं.
ऐसा भी सुना गया है कि फैक्ट्री के एक आदमी की नज़र कुमारा की पोस्ट पर थी और उसी ने कुरान का पन्ना फाड़ने का आरोप लगा कर अफवाह फैला दी –और अगले दिन कुमारा की हत्या को अंजाम दे दिया गया.
पाकिस्तान में  घटनाएं आम बात हैं और इसलिए श्री लंका सरकार को आतंकी मुल्क से कोई उम्मीद नहीं रखनी चाहिए कि वो जांच करेगा.
भारत में मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड भी ऐसे ही ईशनिंदा कानून लाने की मांग कर रहा है जिससे भारत को भी पाषाण युग में ले जा सकें.
हिन्दुस्थान के मुसलमान जो फिर से पाकिस्तान बनाने की मांग करने लगे हैं,वो पाकिस्तान की मौजूदा हालत देख लें –जो पाकिस्तान जिंदाबाद के नारे लगाते हैं, कुछ दिन गुजार कर आएं पाकिस्तान में.
ईशनिंदा का आरोप लगाना बहुत सरल होता है –कुछ दिन पहले यहां निहंगों ने भी किसान आंदोलन में एक व्यक्ति को उनके ग्रन्थ का कथित अपमान के लिए जान से मार दिया था.
भारत में ईशनिंदा के कानून की मांग करने वाले अपनी कौम के उन लोगों पर लगाम नहीं लगाते जो रोज रोज हिन्दू देवी देवताओं का मजाक उड़ाते हैं –वो भूल जाते हैं कि अगर हिन्दू भी सड़कों पर न्याय करने निकल पड़े तो क्या होगा.
पाकिस्तान के अलावा ईशनिंदा के कानून सऊदी अरब, ईरान, मिस्र इंडोनेशिया और मलेशिया में भी लागू हैं मगर पाकिस्तान के जैसी बर्बरता और दरिंदगी कहीं नहीं सुनाई देती.