पूछता है देश: क्या खेल ख़तम हुआ मराठा चाणक्य का?

Share on facebook
Share on twitter
Share on pinterest
Share on telegram
Share on whatsapp
Share on email
मुझे याद है जब नवंबर, 2019 में शरद पवार के भतीजे अजित पवार के साथ मिल कर देवेंद्र फडणवीस ने सरकार बनाई थी और  शरद भाउ ने जब ये सरकार गिरवा दी तो बड़े-बड़े राजनीतिक विश्लेषकों ने कहा था मराठा चाणक्य के सामने भाजपा का चाणक्य अमित शाह फेल हो गया.
शरद पवार ने उद्धव को गद्दी पर बिठाने के बाद महाराष्ट्र मे कई बड़े खेल खेले गये-अर्नब गोस्वामी को जेल भेजने का षड़यंत्र रचा गया और संदेह ये भी किया जा रहा है कि शरद पवार की शह पर ही अर्नब को ठिकाने लगाने के लिए उद्धव सरकार द्वारा सचिन वाजे को लाया गया होगा.
दिल्ली का चाणक्य मोटा भाई गरम नहीं खाता, ठंडा करके खाता है, मौका मिलते ही NIA को मुकेश अम्बानी के घर पर मिली जिलेटिन की छड़ों की जांच दे दी -और उद्धव को अपने लाड़ले को एक दिन पहले ही पद से हटाना पड़ा और जांच मिलने के 5  दिन बाद गिरफ्तार कर लिया NIA ने.
कुछ दिनों से उद्धव के कई मंत्री और नेता जोर-शोर से गाना गा रहे थे कि सचिन वाजे को कोई नहीं बचा रहा – सच तो ये है कि  ऐसा कहना अपने आप में स्वीकार करना था कि उसे सब बचा रहे थे.
देशमुख ने कहा NIA की जांच की कोई जरूरत नहीं थी, ये सचिन को बचाना ही था –संजय राउत ने उसे काबिल अफसर बताया, इससे ज्यादा बचाव क्या होता और उद्धव तो सबसे आगे निकल कर बोले –सचिन वाजे के साथ बिन लादेन की तरह सलूक हो रहा है.
अलबत्ता मराठा चाणक्य अभी चुप हैं लेकिन फिर भतीजे और उपमुख्य मंत्री अजित पवार ने कहा कि परमबीर सिंह अपने पद पर तब तक बने रहेंगे जब तक जांच में उनके खिलाफ कुछ साबित ना हो जाये.
अब जब अजित पवार बोल चुके हैं और उनके बोलने के बाद परमबीर सिंह को कमिश्नर पद से हटा दिया गया, इसका अर्थ तो यही निकल कि इन दोनो घटनाओं के बीच सचिन वाजे ने परमबीर सिंह के खिलाफ कुछ पत्ते खोल दिए और जैसा अजित पवार ने कहा, उसके खिलाफ आरोप सिद्ध हो गए.
ऐसे ही आरोप सचिन वाजे के खिलाफ सिद्ध हुए थे तभी उसे भी पद से हटाया गया था.
मैंने ट्विटर और यू टूयब पर कई जगह लिखा है कि जब तक परमबीर सिंह की गिरफ्तारी नहीं होगी, तब तक कोई जांच पूरी नहीं होगी – और अब लगता है, परमबीर की गिरफ्तारी का भी समय आ गया है.
अभी तो कमिश्नर पद से हटा कर परमबीर को होम गार्ड में भेजा गया है, हो सकता है वो जल्द ही पद से त्यागपत्र दे दें, फिर गिरफ्तार भी हो जायें.
नए पुलिस कमिश्नर हेमंत नगराले ने आते ही कहा है कि मुंबई पुलिस की छवि धूमिल हुई है –28 फरवरी, 2020 को उद्धव ने परमबीर सिंह को कमिश्नर बनाया था और 30 जून, 2022 को रिटायर होना है.
एक वर्ष में परमबीर सिंह ने अपने मुख पर और मुंबई पुलिस के मुख पर तबियत से कालिख पोत दी –लेकिन कर्मो का फल मिल कर ही रहता है और वो फल खुद को ही भोगने पड़ते हैं, कोई साथ नहीं  देता चाहे कुकर्म किसी के बहकावे या दबाब में किये जाएं.
(सुभाष चन्द्र)