Poochta hai desh: समाजवादी पार्टी का क्या होगा यूपी में?

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अखिलेश यादव की सपा क्यों नहीं जीत सकती उत्तर प्रदेश में – दिल में दुर्भावना और बदले की सोच ले डूबेगी.

प्रदेश चुनाव में मतदान के चरण प्रारंभ हो चुके हैं. पहले चरण 10 फरवरी के बाद आज 14 फरवरी को दूसरा चरण है – लेकिन मुझे नहीं लगता अखिलेश यादव की सपा का झंडा बुलंद हो पायेगा.

मेरे विश्वास का एक ही कारण है और वो ये कि अखिलेश और उसके समर्थक अभी से दिल में दुर्भावना  और बदले की भावना की सोच ले
कर चल रहे हैं जो शायद ही उन्हें विजयी बनाये.

कुछ महीने पहले अखिलेश ने ये ट्विटर पर कहा था कि वो बीजेपी वालों को कोई जवाब नहीं दे रहे, उनकी सब बाते नोट कर रहे हैं और सरकार बनने पर सूद समेत लौटाएंगे .

आजकल ये भी मीडिया में ख़बरें हैं कि वो ऐसे सभी ऐसे पत्रकारों और विरोधियों की लिस्ट बना रहे हैं जो उनके कथित माफिया राज की निंदा कर रहे हैं.

अखिलेश की साथी पार्टी SBSP के अरुण राजभर ने डीडी न्यूज़ के एक वरिष्ठ पत्रकार अशोक श्रीवास्तव को धमकी भी दे दी कि “आपकी पिटाई भी होनी चाहिए, दलाली का अवार्ड आप जैसे पत्तलकारों को मिलना ही चाहिए” – ये तब हुआ जब अशोक जी ने अखिलेश के सुरक्षा कर्मियों द्वारा एक पत्रकार को पीटने की रिपोर्टिंग की.

संभल के एक मुस्लिम युवा का वीडियो वायरल हो गया जिसमे  पुलिसवालों को धमकी दे रहा है, “जितना मर्जी चालान कर लो, हमारी सरकार बन गई तो या आप नहीं रहोगे या हम ही संभल छोड़ देंगे.

टांडा से सपा प्रत्याशी राममूर्ति वर्मा ने कहा- हमारी सरकार बन जाने दो, 10 मार्च के बाद एक एक का हिसाब कर देंगे.

इसी तरह के और भी बहुत बयान हैं सपा के नेताओं के और जनता के सामने ये भी बात आई है कि धुरंधर बाहुबली अपराधी उतारे हैं अखिलेश ने चुनाव में.

लड़कों से गलती हो जाती है, सही साबित करने के लिए बलत्कार के अपराधी सजायाफ्ता गायत्री प्रजा-पति की बीवी को टिकट दिया है.

अखिलेश यादव तो खुल कर मुस्लिम कार्ड खेलने के लिए जिन्ना-जिन्ना कर रहे हैं, वो यहां तक कह गए कि देश का दुश्मन पाकिस्तान नहीं है और एक खबर के अनुसार भारत भर से सभी मुसलमानों को वोट डालने के लिए बुलाया जा रहा है.

कांग्रेस के नेताओं कपिल सिबल और आनंद शर्मा ने भी 2019 लोकसभा के चुनाव से पहले सरकारी अधिकारियों को धमकाया था कि सम्हल जाओ, हम आ रहे हैं, सबका हिसाब करेंगे.

कांग्रेस को जो नतीजा मिला बदले की भावना रख कर चुनाव में जाने का, वो अखिलेश को भी मिलना तय है.