RSS: संघ के समर्पित अनुशासन ने देश को और देश के दल को कहां पहुंचा दिया

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गांधीजी की हत्या के बाद हिंसा हुई और RSS के 9 स्वयंसेवको को जिंदा जला दिया गया था। सरदार पटेल के आदेश पर स्वयंसेवको को जबरदस्ती जेल में ठूंसा जा रहा था।
बाद में संघ प्रमुख गुरु माधव सदाशिव गोलवलकर जी ने एक साक्षात्कार में बताया कि 50 स्वयंसेवको के लिये बड़ी बात नही थी कि वे पुलिस स्टेशन ही फूक देते मगर हमने अनुशासन का परिचय दिया। आज भले ही आपको कमजोरी लगे मगर यही अनुशासन एक दिन संघ को अपने उद्देश्य में सफल बनाएगा।
गुरुजी की बात आज शत प्रतिशत सत्य सिद्ध हुई, एक रिपोर्ट के अनुसार बीजेपी आज विश्व की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी है जिसके 21 करोड़ सदस्य है अर्थात एक चौथाई भारतीयों ने ऑनलाइन ही सही मगर बीजेपी की सदस्यता ले रखी है। दूसरी ओर वही अत्याचारी कांग्रेस आज धूल में पड़ी रेंग रही है।
जिन सरदार पटेल ने RSS पर कहर ढाया था उन्हें उन्ही की पार्टी ने भुला दिया जबकि RSS के नरेंद्र मोदी ने उनकी भव्य मूर्ति बनवाई, ऐसा इसलिए क्योकि संघियो के लिये राष्ट्रहित सदा ही व्यक्तिगत हित से पहले है।
दुनिया के इस सबसे बड़े अनुशासित स्वयंसेवक संगठन के विषय में कौन नहीं जानता. आरएसएस अर्थात राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के स्वयंसेवक गैर-राजनीतिक जीवन जीते हैं जो किसी तपस्या से कम नहीं. संघ के स्वयंसेवक सदा ही राष्ट्र के कार्य के लिये उसी तरह सन्नद्ध रहते हैं जिस तरह श्री हनुमान जी राम काज के लिये. चाहे वह कोई बड़ी दुर्घटना हो या कोई प्राकृतिक आपदा, सारी दुनिया जानती है कि सबसे पहले संघ के कार्यकर्ता वहां पहुंचते हैं सेवा के लिये भी और रक्षा के लिये भी.
व्यक्तिगत रूप से दुख है कि मैं कभी संघ का हिस्सा नही रह सका मगर उसी संघ के सरस्वती शिशु मंदिर का छात्र होना भी किसी गर्व से कम नही है। आज RSS और BJP की ऊंचाई को देखकर ऐसा ही लगता है मानो हमने भी एक नई ऊंचाई छू ली।
गुरुजी को समर्पित एक गीत यूटयूब पर उपलब्ध है एक बार अवश्य देखे उनके व्यक्तित्व से परिचय करवाने के लिये पर्याप्त है।