Russia Vs Ukraine : कहीं ये विश्वयुद्ध के आसार तो नहीं?

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कोरोना की मार से अभी विश्व उबर भी नही पाया है कि रूस-यूक्रेन सीमा पर तनाव की परिस्थितियों ने विश्व युद्ध की आशंका को प्रबल कर दिया है. एक के बाद एक मुसीबतों के पहाड़ टूट रहे हैं. इसी करोना के बीच,  बाढ़, महँगाई और ताऊते ,धर्म-परिवर्तन बनाम लव-जिहाद जैसे तूफानों ने पूरे संसार के जनमानस को हिला कर रख दिया है.  उस पर यदि विश्व युद्ध होता है तो क्या दृश्य होगा ये सोचकर भी हृदय काँप उठता है.
रूसी सैन्य विशलेष्कों ने ये ताकिद की है कि यदि स्थितियाँ नहीं बदली तो विश्व कोरोना संकट के मध्य भीषण महायुद्ध संग्राम का सामना करेगा और वो भी एक माह के अंदर. तनाव के बढ़ते माहौल को मद्देनज़र रखते हुए रूस ने सीमा पर अपने 4,000 सैनिकों की टुकड़ी भेजी है.  रूसी सेना के इस कदम से यूरोप में हाई एलर्ट की स्थिति उत्पन्न हो गई है.
भगवान न करे कि आगामी कुछ हफ्तों में हालात इतने बिगड़ें कि महायुद्ध की भूमिका तैयार हो जाये.
मीडिया सूत्रों की जानकारी के अनुसार पावेल फेलगेनहर जो एक स्वतंत्र रूसी सैन्य विश्लेषक हैं उनके मुताबिक जिस तरह के मौजूदा हालात हैं  उसकी गंभीरता को समझते हुए यह कहना गलत नहीं होगा कि आने वाले कुछ दिनों में यूरोप में विश्व युद्ध जैसा भयावह संकट गहराने वाला है. पावेल फेलगेनहर ने यह भी बताया कि खतरा तेजी से बढ़ रहा है. मीडिया मे इस संकट को लेकर भले ही विशेष चर्चा नही हो रही परन्तु  उन्हें विश्व-युद्ध होने के पूरे संकेत दिख रहे हैं.
सर्वविदित है कि यूक्रेन की अमेरिका से बढ़ती हुई नज़दीकियों के चलते रूस चिड़चिड़ाया हुआ है.  यही वजह है कि रूस -यूक्रेन के संभावित युद्ध के विश्व युद्ध में तबदील हो जाने की पूरी-पूरी संभावना है.
रूस और अमेरिका  एक-दूसरे के धुर विरोधी हैं और यूक्रेन अमेरिका का हिमायती.  यदि रूस यूक्रेन को कोई हानि पहुंचायेगा तो अमेरिका यूक्रेन का साथ अवश्य देगा और इस प्रकार अन्य बहुत सारे देश भी उनसे जुड़ जाएंगे.
ज्ञातव्य  है कि सीमा पर रूसी टैंकों की आवाजाही तेज हो गई है.
रूसी सैन्य विश्लेष्क पावेल फेलगेनहर ने यह भी दावा किया है कि यदि युद्ध हुआ तो यह आवश्यक नही कि ये युद्ध केवल दो देशों के बीच ही सीमित रहेगा. यूरोपीय स्तर से ऊपर यह युद्ध विश्व युद्ध का रूप धारण कर सकता है. फेलगेनहर ने यह बयान रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के उस आदेश के बाद दिया जब उन्होंने टैंक और अन्य शस्त्रबंध वाहनों के साथ 4,000 रूसी सैनिकों को तनावग्रस्त सीमा पर भेजा. इसके उपरान्त यूरोपीय सेना में भी हाई अलर्ट जारी कर दिया गया.
रूस ने अपने बयान में यह दावा किया है कि ” घबराने की जरूरत नहीं”.
इधर यूक्रेन के कमांडर-इन-चीफ रुसलान खोमच ने संसद में पिछले हफ्ते ये कहा था कि रूसी संघ हमारे देश के प्रति आक्रामक नीति जारी रखे हुए है. रूस ने  अतिरिक्त 25 टेक्टिक ग्रुप को यूक्रेम-रूस सीमा पर तैनात किया है. ये सभी तैयारियाँ यूक्रेन की बॉर्डर पर पहले से तैनात रही रूसी सैनिकों के इतर हैं वहीं रूस ये आश्वासन  दे रहा है कि “उसकी सेना के मूवमेंट से किसी को घबराने की जरूरत नहीं .  वह कोई युद्ध की तैयारी नहीं कर रहा है”.
सभी जानते हैं कि रूस और अमेरिका एक-दूसरे के कट्टर विरोधी हैं और यूक्रेन अमेरिका का बहुत नज़दीकी. हाल ही में अमेरिका द्वारा सैन्य हथियारों  का एक कार्गो शिप यूक्रेन भेजा गया जिस पर रूस ने कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए आपत्ति जताई है कारण यूक्रेन और अमेरिका के बीच बढ़ती हुई नजदीकियाँ .