S-400: अब भारत के पास आने वाला है ब्रह्मास्त्र

Share on facebook
Share on twitter
Share on pinterest
Share on telegram
Share on whatsapp
Share on email

भारत में आ रहा है Air Defense Missile System S-400. यह है एक ऐसा ब्रम्हास्त्र जो आने वाले दिनों में भारत के शस्त्रागार में सम्मिलित होने वालै है जिसकी विशेषता ये है कि इसका भेदन असंभव होगा और यह एक ऐसा वायवास्त्र होगा जो हवा में उड़ कर करेगा शत्रुओं का नाश.

भारत के लिये यह अकाट्य ब्रह्मास्त्र भेज रहा है रूस भारत S-400. भारत को एक ऐसे शक्तिशाली अस्त्र की प्रतीक्षा थी जो उसकी सीमा में घुसपैठ  करने वाले देश को मुँह तोड़ जवाब दे सके. वैसे यह काम बखूबी  पहले भी करता रहा है परन्तु इस एयर डिफेंस मिसाइल से भारत की स्थिति रूस, अमेरिका, चीन जैसे शक्तिशाली देशों की श्रेणी में की जाएगी.

और भी अधिक सुरक्षित होंगी सीमाएँ

अब और भी मजबूती के साथ सुरक्षित होंगी हमारे देश की सीमाएँ. इस एयर डिफेंस मिसाइल सिस्टम को रूस हवाई मार्ग  द्वारा भारत भेज रहा है. अब आप ये अवश्य  जानना चाहेगें कि आखिर ऐसा इसमें क्या विशेष है तो बता दें कि S-400 संसार के सर्वाधिक आधुनिक हवाई हथियारों  में से एक है.
इस वायवास्त्र की अखंडनीय विशेषता का अंदाज़ा आप इसी बात से लगा सकते हैं कि इस Aircraft Weapon में धरती से हवा में वार करने की अद्भुत क्षमता होगी जो भारत की स्थिति को और भी सुदृढ़ करेगा. इस S-400  एयर डिफेंस सिस्टम में सुपरसोनिक एवं हाइपर सोनिक मिसाइलें हैं जो अपने टारगेट को  भेदने में माहिर है. इसीलिए S-400 विश्व के अधिकतम आधुनिक खतरनाक डिफेंस एयर क्रॉफ्ट की श्रेणी में आता है.
भारत ने रूस के साथ पाँच एस-400 के लिए  डील अक्टूबर  2019 में की थी जिसके तहत  इस हथियार  की कीमत लगभग 5.43 अरब डॉलर यानि 40 हजार करोड़ रुपये तय की गई थी.

दुश्मनों का होगा काम तमाम

अब क्षण भर में होगा दुश्मनों का काम तमाम क्योंकि शीघ्र ही आ रहा है एस-400 भारत में. जो कि है दुनिया का एक आधुनिकतम मिसाइल सिस्टम. S-400 सुपसोनिक एयर डिफेंस सिस्टम में सुपरसोनिक एवं हाइपर सोनिक मिसाइलें होती हैं जो लक्ष्य को भेदने में माहिर होती हैं. इसे एस-400 का नाम इसलिए भी दिया गया है क्योंकि इससे 400 किलोमीटर के क्षेत्र में आने वाले शत्रुओं के फाईटर विमान, मिसाइल और ड्रोन्स का पता लगाकर एक ही वार में चारों खाने चित किया जा सके.
इसके लॉन्चर के प्रमुख  फीचर्स के मुताबिक यह तीन सेंकड में दो मिसाइलें शत्रु के लड़ाकू विमान और मिसाइल पर दाग सकता है. S-400 द्वारा छोड़ी गई मिसाइलों की गति पाँच किलोमीटर प्रति सेकेंड और यह पैंत्तीस  किलोमीटर  की ऊँचाई  तक अपने लक्ष्य को साध पाएगा.

भारत एक शक्तिशाली देश के रूप में उभरेगा

अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर देखें तो चीन के पास अभी की स्थिति में एस-300 है जो एस-400 से कम पॉवरफुल है जो ये भी सुनिश्चित  करता है कि अब पाकिस्तान  और चीन की भारत से लगी सीमाओं पर सुरक्षा पूरी तरह बहाल  होगी. सूत्रों के अनुसार एस-400 की प्रथम इकाई को भारत-पाकिस्तान सीमा पर रखा जायेगा तो अब भारत के उत्तरी, उत्तर पूर्वी और उत्तर पश्चिमी सीमा पर खतरे के बिगुल बजने के आसार कम होंगे. हाँ
अमेरिका अवश्य भारत को रूस से S-400 प्राप्त करने में टांग अड़ायेगा ऐसा अनुमान लगाया जा रहा है क्योंकि अमेरिका का ये बयान सामने आया जिसमें कहा गया है कि भारत ने रूस से ये सौदा पक्का किया तो कूटनीतिक टकराव की आशंका हो सकती है. भारत में इस समाचार से खुशी की लहर दौड़ गई है कि अब भारत धार्मिक, आध्यात्मिक संपन्नता के साथ-साथ होगा इस क्षेत्र में भी पूरी तरह मज़बूत और तैयार.