Salman मियां, किस गलतफहमी में हो?

किसने कर्मों का फल भोगा और कौन भोग रहा रहा है सलमान मियां -थोड़ी हालत अपनी कौम की भी देखो !
ये लेख तब से लिखना चाहता था जब सलमान खुर्शीद ने अपनी नई किताब में हिन्दू संगठनों को ISIS और बोको हरम जैसा बताया.
वैसे सलमान खुर्शीद के दिल में कितनाजहर भरा है हिन्दुओं के लिए ये कोई नई बात नहीं है –इसने पहले, ऐसा भी कहा था सलमान ने कि ओसामा बिन लादेन और हाफिज सईद से ज्यादा खतरनाक हिन्दूद्रोही और भारतद्रोही हैं.
1984 के सिक्खों के नरसंहार के बाद 1986 में खुर्शीद ने अपनी किताब में लिखा:
“हिन्दू और सिख आपस में लड़ रहे थे, एक दूसरे के खून के प्यासे हो रहे थे,हत्याएं हो रही थी -इस बात से भारतीय मुसलमान बहुत खुश थे –उन्हें लगता है हिन्दू और सिख अपने 1947 के किये गए कर्मों का फल भोग रहे हैं – उन्हें उसी की सजा मिल रही है, जो उन्होंने मुस्लिमों के साथ किया”
सलमान खुर्शीद शायद भूल गए कि 1946 में नोआखली और आज के बांग्लादेश देश में हिन्दुओं का क़त्ल और औरतों का बलात्कार कराने वाले हुसैन शहीद सुरहावर्दी को पाकिस्तान का प्रधानमंत्री बनने के बावजूद उस मुल्क में उसे दफ़न के लिए 2 गज जमीन भी नहीं मिली और वो बेरुत में जा कर मरा पर दफ़न बांग्लादेश में है.
आज के बांग्लादेश के मुस्लिमों ने पकिस्तान बनाने के लिए हिन्दुओं का क़त्ल किया मगर अगले 25 साल में 1971 तक बांग्लादेश के ही मुस्लिम का पाकिस्तानी दरिंदो ने क़त्ल किया और कोई औरत ऐसी न छोड़ी हो शायद जिसका रेप उस मुल्क की सेना ने न किया हो जिसे उन्होंने बनाया था.
सुरहावर्दी शेख मुजीबुर्रहमान का मेंटर था और जाहिर है वो भी कभी हिन्दुओं के दमन में शामिल रहा होगा –मगर मदद की भीख मांगी उसी भारत से जिसके टुकड़े किये.
बांग्लादेशियों को कर्मों का फल मिला न हिन्दुओं का क़त्ल करने का और वो आज भी बाज नहीं आ रहे.
जिस पाकिस्तान को जोरजबरदस्ती से ले गए मुसलमान भारत का सीना फाड़ कर, आज वो मुल्क क्या अपने कर्मों का फल नहीं भुगत रहा एक कंगाल और आतंकी मुल्क बन कर –
भारत से 1000 साल युद्ध लड़ने की बात करने वाला भुट्टों फांसी पर लटका दिया गया और उसकी बेटी की हत्या कर दी गई, कारगिल पर शरारत की जिसने, वो मियां मुशर्रफ आज सजाये मौत पा कर दुबई के हॉस्पिटल में पड़ा क्या कर्मों का फल नहीं भुगत रहा.
आज 57 इस्लामिक मुल्क होते हुए भी हर समय इस्लाम खतरे में रहता है –उन मुल्कों में मुस्लिम ही मुस्लिम को काट रहे हैं, वो कौन से कर्मों का फल है मियां सलमान खुर्शीद?
आप कुछ सोचेंगे इस बारे में सलमान मियां, ऐसी उम्मीद नहीं करता मगर अपनी कौम का आप ऐसी आग उगल कर कोई भला नहीं कर रहे हैं.