Shahbaz Shareef कितने हैं?

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बड़ा सवाल है ये कि पाकिस्तान में शहबाज़ शरीफ कितने हैं?
पाकिस्तान के हुक्मरान बदल गए हैं. इमरान पैवेलियन में चले गए हैं और मुल्क की सियासी पिच पर बल्ला लेकर अपनी पारी खेलने उतरे हैं शाहबाज़ शरीफ. नाम तो उनका शरीफ है पर क्या वे सचमुच शरीफ हैं? ये एक सोचने वाली बात है मगर सच क्या है पहले दिन से ही पता चल गया था.

पहले दिन याने शाहबाज़ शरीफ ने आते ही बता दिया कि वे कितने शरीफ हैं. पहले दिन ही उन्होंने कश्मीर का राग अलाप दिया. ज़ाहिर सी बात हैं कि सेना की कठपुतली वे भी हैं. सारी दुनिया इस खुले राज़ को जान गई है कि पाकिस्तान में सेना सरकार चलाती है, प्रधानमंत्री नहीं. नए प्रधानमंत्री शरीफ तो हैं लेकिन सिर्फ नाम के क्योंकि वे हैं पाकिस्तान की सेना के काम के.

पाकिस्तान की सेना भारत के खिलाफ है, ये बात भी बताने की ज़रूरत नहीं है. पाकिस्तान की सेना और देश की कटटरपंथी ताकतें एक हो कर भारत के खिलाफ आतंकी गतिविधियों को शाह देते हैं. आतंकियों को ट्रेनिंग देनी हो या हथियार देने हो – सेना पूरी तरह से इस काम में जुटी हुई है. इसलिए पाकिस्तानी सेना के नए नुमाइंदे शाहबाज़ शरीफ वाकई कितने शरीफ हैं -साफ़ समझ में आ रहा है.

ये तो हो गया शहबाज़ का बाहरी चेहरा जो भारत के खिलाफ है. अब उनके अंदरूनी चेहरे को भी देखें तो उसमे से भयंकर भ्रष्टाचार की दुर्गंध आती है.  शाहबाज़ कैदी भी रहे हैं. कहने का अर्थ है कि जेल जाने का कारनामा भी उनके नाम है. जेल वे किसी आंदोलन या देश की स्वतंत्रता के लिए नहीं गए हैं, भ्रष्टाचार के लिए गए हैं. भ्रष्टाचार उनका कमाल का है. तीस साल में उन्होंने अपनी बीस लाख की सम्पत्ति एक करोड़ दो करोड़ नहीं बल्कि पूरे सात सौ करोड़ कर ली है. एक छोटे और गरीब मुल्क में सात सौ करोड़ का भ्रष्टाचार करने वाला आज प्रधानमंत्री बन गया है और उसका नाम है शाहबाज़ शरीफ.

पाकिस्तानी मुस्लिम लीग नवाज़ के नेता शाहबाज़ जिसके भाई हैं उसे भी दुनिया जानती है. वे भी एक नंबर के शरीफ कहलाना पसंद करते थे और दुनिया उनको नवाज़ शरीफ के नाम से जानती थी. वे भी कश्मीर मामले में भारत के खिलाफ गला फाड़ा करते थे -और भारत के खिलाफ दुनिया के मंचों पर रोने धोने में उन्होंने भी कोई कसर नहीं छोड़ी थी. पर उनका हश्र ये हुआ कि देश छोड़ कर भागना पड़ा और देश में उनको दी गई है मौत की सजा. अगर कुछ दिन पहले गलती से नवाज़ पाकिस्तान आ जाते तो आज स्वर्गीय नवाज़ शरीफ कहलाते.

ऐसे नामी प्रधानमंत्री नवाज़ शरीफ के भाई हैं शाहबाज़ शरीफ जो कई मामलों में अपने भाई के भी बड़े भाई हैं. सम्पत्ति के मामले में तो वे सारे पाकिस्तान के बड़े भाई हैं. सात सौ करोड़ कमाने के बाद भी आज भी उनके पास सही सही हिसाब नहीं है कि उनके पास इतना पैसा कहाँ से आया? पाकिस्तान में भ्रष्टाचार के खिलाफ काम करने वाली संस्था नेशनल अकाउंटेबिलिटी ब्यूरो ने शाहबाज़ को लेकर जो जांच की उसमे कई बड़ी चौंकाने वाली बातें सामने आई. शाहबाज़ के करोडो रुपये वाली हेराफेरी मामले  पर जब जांच हुई तो उनको गिरफ्तार करके जेल भी भेजा गया पर शाहबाज़ फिर भी शरीफ ही रहे. और ऐसे महा शरीफ शाहबाज़ को भ्रष्टाचार के इन भारी खुलासों के बाद भी सेना ने शाहबाज़ को ही देश की सबसे बड़ी कुर्सी पर बैठा दिया.

दो साल पहले ही साल 2020 में मनी लांड्रिंग मामले में शाहबाज़ को हथकड़ियां लगी थीं और उनको जेल भेजा गया था. पर आज वो केस कहाँ पहुंचा है और उस मामले में कोर्ट का क्या रुख है – कोई नहीं जानता. आज पाकिस्तान के लोग ये जानते हैं कि शाहबाज़ शरीफ उनका नया वज़ीरे आजम है. सरकारी तौर पर शाहबाज़ ने अपनी सम्पत्ति का जो ब्यौरा दिया था वह इक्कीस लाख का था पर आज उनकी सम्पत्ति सात सौ बत्तीस करोड़ बढ़ चुकी है और वे इतनी बड़ी रकम की कमाई का कोई ज़रिया बताने में आज भी नाकाम है.

शाहबाज़ की शराफत के और भी बहुत से किस्से हैं जिनके कारण वे पाकिस्तान में मशहूर कम बदनाम ज्यादा हैं पर फिलहाल उनके भ्र्ष्टाचार की बात करें तो उनके कारनामे उनके हर नाम-बदनाम-काम पर भारी पड़ते हैं. मगर अब यही शाहबाज़ पाकिस्तान में सब पर भारी पड़ने वाले हैं क्योंकि वे हैं पाकिस्तान के नए हुक्मरान और उनको गोद में बैठाया पाकिस्तान की सेना और आईएसआई ने जिनके साथ तमाम आतंकी संगठन खड़े हुए हैं. तो कुल मिला कर कहा जा सकता है कि शाहबाज़ नाम के लिए शरीफ हैं और शरीफों वाले काम के तो बड़े ही गरीब हैं.