SUCCESS: जवानी की मुहब्बत सा है आपके दिल में आपका काम, तो कामयाबी दूर नहीं है आपसे!!

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सफलता असम्भव नहीं है अन्यथा दुनिया में सफल लोगों का अकाल पड़ जाता. आप भी सफल हो सकते हैं किन्तु उसके पहले आपको स्वयं से पूछना होगा कि क्या आप वास्तव में सफल होना चाहते हैं? यदि आपको इसका सीधा जवाब हाँ में मिले तो आपको फिर अपनेआप से पूछिए कि क्या आप सफल होने के लिए तैयार हैं?

तैयार का अर्थ है पूरी तरह से तैयार

सफल होने के लिए तैयार तो शायद सभी हैं किन्तु पूरी तरह से तैयार बहुत कम लोग हैं. पूरी तरह से तैयार होने का अर्थ है कि सफलता का भार उठाने के लिए आप तैयार हैं और उसके लिए उतनी मजबूती से जमीन पर पैर जमा कर खड़े हैं. आप संतुलित भी हैं और सशक्त भी आप में दृढ़ता भी है और दृढ-निश्चय भी है आप में लक्ष्य पाने की आतुरता भी है और लक्ष्य की तरफ बढ़ने की व्याकुलता भी है -तो फिर आप समझ लीजिये कि आप पूरी तरह से तैयार हैं.

अपनी दुर्बलताओं की सूची बनाइये

सबसे बड़ी और सबसे पहले आपकी दुर्बलता ही आपके मार्ग की बाधक है.  आप अच्छी तरह जानते हैं कि आप में ऐसी बहुत सी दुर्बलताएँ हैं जो आपको सफलता के लिए तैयार नहीं होने देतीं. उदाहरणार्थ, समय व्यर्थ नष्ट करने वाली आदतें और समय बर्बाद करने वाले दोस्त. आपकी खुद की सुस्ती और आपकी खुद की लापरवाही ही नहीं आपके काम के प्रति आपकी अज्ञानता अर्थात जानकारी की कमी भी आपके पैरों की बेड़ी है जो आपको सफलता तक बढ़ने नहीं देगी. इनकी एक पूरी और सच्ची सूचि बनाइये और एक एक करके नहीं, अपितु एक साथ ही इनसे मुक्ति पाइये. इस तरह आप स्वयं को बता सकेंगे कि आप सफलता के लिये पूरी तरह तैयार हैं.

अपनी मुहब्बत बना लो अपने काम को

मुहब्बत और दीवानगी की कहानियां आपने बहुत सी सुनी होंगी और ऐसी फ़िल्में भी ढेरों देखी होंगी. बस इतना ही काफी है आपकी प्रेरणा के लिए. जिस काम में आप कामयाब होना चाहते हैं उसको अपनी मुहब्बत बना लीजिये और उसकी दीवानगी में डूबा दीजिये खुद को. उसके बाद उठते बैठते आप उसके बारे में सोचेंगे और अपने लक्ष्य को पाने के लिए व्याकुल होंगे. तब समझ लीजिये कि आपकी कामयाबी की मंज़िल आपसे बहुत दूर नहीं है!!