Swami Ramdev सोमवार से खोलेंगे फार्मा कंपनियों की पोल, जो बने कर लो !

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एक लम्बे समय से फार्मा कंपनियां स्वामी रामदेव पर परोक्ष-अपरोक्ष आक्रमण कर रही थीं. स्वामी रामदेव शांतिप्रियता का परिचय दे रहे थे. उन पर सौ करोड़ और हज़ार करोड़ की क्षतिपूर्ति की धमकियां भी नाकाम रहीं तो उनकी गिरफ्तारी के लिए सारे प्रयास किये गए और साथ में चलती रही बयानबाज़ी – लेकिन बाबा का कुछ भी बिगाड़ पाने में नाकामी ही मिली, कारण स्पष्ट है – भारत की जनता बाबा के साथ है.

बाबा ने अब गांडीव उठाया

लेकिन हर बात की एक सीमा होती है उसी तरह आलोचनाओं और आक्रमणों को सहते सहते अब लगता है स्वामी रामदेव की सहनशक्ति जवाब दे रही है. उन्होंने रोष में आ कर कहा है कि मैं शांत रहना चाहता हूँ, किन्तु लगता है इन लोगों को मेरी शान्ति रास नहीं आ रही है. और इसके बाद बाबा ने अब अपने धनुष की प्रत्यंचा चढ़ा ली है जिसकी टंकार से शत्रु दल में खलबली है. मैंने अपने पूर्व लेख में लिखा था – स्वामी रामदेव अभिमन्यु नहीं हैं, वे पितामह भीष्म हैं. उनको घेर कर उनका वध करने की सोचने वालों को अब अपने अस्तित्व की चिंता करनी चाहिए.

”टेस्ट और ऑपरेशन माफिया भी हैं”

अब तक बाबा रामदेव खुले आम कह रहे थे कि फार्मा कंपनियों ने भारत में लूट मचाई हुई है, अब उन्होंने कहा है कि दवा ही नहीं, टेस्ट और ऑपरेशन माफिया भी हैं, जो मरीजों को लूट रहे हैं. देश की जनता बाबा की बात की सच्चाई से अनभिज्ञ नहीं है. दो रुपये की दवा को दो सौ रुपये में बेचा जायेगा तो तारीफ़ नहीं की जायेगी फार्मा कंपनियों की. ठीक ऐसा ही है टेस्ट माफिया वालों का काम और ऑपरेशन माफिया वालों की कारगुजारियां.

सोमवार से होगी फार्मा कंपनियों की धुलाई

स्वामी रामदेव ने अब शठे-शाठ्यम् समाचरेत की नीति पर चलने का निर्णय कर लिया है.लगातार फार्मा कंपनियों के हमले झेल रहे स्वामी रामदेव ने अब उनके विरुद्ध अपने युद्ध को आक्रामक बनाने का संकल्प किया है. उन्होंने घोषणा कर दी है आने वाले सोमवार से वे फार्मा कंपनियों की पोल खोलना शुरू करेंगे. बाबा ने कहा कि केवल दवा ही नहीं अपितु टेस्ट और ऑपरेशन माफिया भी रोगियों को लूटने में लगे हुए हैं. उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका युद्ध गलत काम करने वालों के विरुद्ध है. बाबा ने ये भी बताया कि वे अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर जेनेरिक दवाओं की सूचि डालेंगे, जो केवल दो रुपये की बिकती हैं, जबकि ब्रांडेड कंपनियाँ उन्हीं दवाओं को कई गुना महंगी करके बेचती हैं.

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