Suicide Machine: बिना दर्द के मौत, स्विट्जरलैंड में ‘मौत की मशीन’ को मिली कानूनी मंजूरी

Switzerland Suicide Machine: स्विट्जरलैंड सरकार ने सुसाइड मशीन के इस्तेमाल को कानूनी मंजूरी दे दी है. दुनिया में कई देश लोगों की आत्महत्या की घटना से चिंतित हैं. लोगों को ऐसा खौफनाक कदम उठाने से रोकने के लिए कई संगठन भी लगातार काम कर रहे हैं. लेकिन स्विटजरलैंड में सरकार ने सारको नाम की एक ‘सुसाइड मशीन’ (Suicide Machine) को देश में मंजूरी दे दी है. इसे बनाने वाली कंपनी ने दावा किया है कि इस मशीन से किसी भी व्यक्ति की मौत 1 मिनट के अंदर हो जाएगी वो भी बिना किसी दर्द के.

दर्द रहित होगी मौत

इसे बनाने वाली कंपनी ने कहा है कि इस मशीन की मदद से कोई भी इंसान जो आत्महत्या करना चाहता है उसे न तकलीफ होगी और न ही दर्द. इस मशीन के माध्यम से ऑक्सीजन का स्तर धीरे-धीरे कम करके हाइपोक्सिया और हाइपोकेपनिया के माध्यम से मौत दी जाती है. इस प्रक्रिया में कांच के कैप्सूल के आकार की मशीन के अंदर सिर्फ 30 सेकेंड में नाइट्रोजन की मात्रा कई गुना बढ़ जाती है जिसकी वजह से ऑक्सीजन का स्तर 21 प्रतिशत से 1 हो जाता है, जिसके बाद इंसान मौत की नींद सो जाता है. सुसाइड मशीन को एक ताबूत (Coffin) की तरह बनाया गया है.

कौन कर सकता है इस्तेमाल

द इंडिपेंडेंट की रिपोर्ट के मुताबिक यह मशीन उन मरीजों के लिए मददगार है जो बीमारी की वजह से बोल नहीं पाते हैं या हिल नहीं पाते हैं. साथ ही इस मशीन का इस्तेमाल वही लोग कर सकेंगे, जिन्हें इच्छामृत्यु की इजाजत मिली हो. खबरों के मुताबिक स्विट्जरलैंड में सरको मशीन (Sarco Machine) की कानूनी जांच पूरी होने के बाद 2022 से देश में इसका इस्तेमाल किया जा सकता है.

सुसाइड की इस लेटेस्ट मशीन पर छिड़ी बहस

सुसाइड को लेकर कई देशों की अपनी अपनी राय है. कोई इसे गलत मानता है तो कई देश इच्छा मृत्यु की वकालत भी करते हैं. कई लोगों का कहना है ऐसा करके लोगों को आत्महत्या के लिए प्रेरित किया जा रहा है, जो गलत है. हमारे देश में आत्महत्या करने को पाप कहा गया है. यहां तक की ऐसा कदम उठाने वालों के खिलाफ कानूनी कार्यवाही का भी प्रावधान है. वहीं स्विटजरलैंड में सुसाइड को वैधता मिली हुई है. पिछले साल लगभग 1,300 लोगों ने इस तरह से इच्छामृत्यु का सहारा लिया है. हालांकि, वहां डीप कोमा में ले जाने के लिए निगलने योग्य तरल बार्बिट्यूरेट दवाओं का उपयोग किया जाता है, जिसके बाद इंसान की मृत्यु हो जाती है.

डॉ. डेथ ने बनाई सुसाइड मशीन

सारको डिवाइस एक कांच का कैप्सूल है जिसे एक स्टैंड पर रखा गया है. इस 3 डी-प्रिंटेड कैप्सूल (ताबूत) ​​के अंदर नाइट्रोजन गैस भरी रहती है. जैसे ही कोई इसके अंदर जाता है तो नाइट्रोजन के कारण व्यक्ति की ऑक्सीजन बहुत कम हो जाती है. यह इतनी तेजी से काम करता है कि बेहोश होने से पहले व्यक्ति छटपटाता भी नहीं है. ऐसा खून में भारी कार्बन डाइऑक्साइड की उपस्थिति के कारण होता है. सारको का आविष्कार फिलिप निट्स्के (डॉ. डेथ) ने 2017 में किया था. 2021 में इस मशीन को कानूनी रूप से वैधता मिल पाई है.