Third Wave: क्या सचमुच शुरू होने जा रहा है Corona का तीसरा हमला?

यदि हम दुनिया के सबसे बड़े स्वास्थ्य संगठन पर विश्वास करें तो अब दुनिया में कोरोना महामारी की तीसरी लहर शुरू हो गई है. ये घोषणा डब्ल्यूएचओ के जेनेवा स्थित मुख्यालय से बुधवार 14 जुलाई को जारी की गई है. किन्तु न्यूज़ इण्डिया ग्लोबल का कहना है कि इससे पहले कि आप घबरा जाएँ, इस लेख को आगे पढ़ें और स्वयं निर्णय करें.

संदेहास्पद है ये घोषणा

डब्ल्यूएच की ये घोषणा संदेहों के घेरे में आती है. कारण बहुत स्पष्ट है. पिछले पौने दो सालों अर्थात लगभग बीस माह में यदि डब्ल्यूएच की गतिविधियों पर दृष्टि डाली जाए तो इसकी गतिविधियां स्वयं ही संदेहों के घेरे में नज़र आती हैं. डब्ल्यूएचओ पर आरोप है कि वो कोरोना कॉन्सप्रेसी में शामिल है और उसने चीन के निर्देश पर कोरोना महामारी को ले कर कई गलत घोषणाएं की हैं. चीन का पिछलग्गू बन कर कोरोना महामारी के दौर में अपनी भूमिका न निभाने और भ्रामक बयान देने के लिए अमेरिका ने WHO को लगातार कटघरे में खड़ा किया और अंततोगत्वा उसने इस वैश्विक स्वास्थ्य संगठन से अपनेआप को अलग भी कर लिया किन्तु WHO अपने आरोपों के विरुद्ध कोई संतोषजनक स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने में सफल नहीं हो पाया.

ये है WHO का ऐलान

विश्व स्वास्थ्य संगठन का कहना है कि जिसका डर था वो हो गया है और दुनिया में कोरोना वायरस से पैदा हुई महामारी की तीसरी लहर शुरू हो गई है. WHO के मुखिया डॉ. टेड्रोस गेब्रेयेसस ने संगठन के मंच से दुनिया के देशों के लिए चेतावनी जारी की है. उन्होंने कहा है कि अब हर देश कोरोना की तीसरी लहर के शुरुआती चरण में आ चुका है. जैसा पहले भी टेड्रोस कहते आये हैं, उन्होंने फिर कहा है कि सिर्फ वैक्सीन से महामारी नहीं रोकी जा सकेगी. हर देश को इस महामारी से लड़ने के लिए लगातार सावधानी रखनी पड़ेगी. ऐसा करके कई देशों ने दिखाया भी है और दुनिया को संदेश दिया है कि इस वायरस को रोका जा सकता है.

वायरस हो रहा है लगातार म्यूटेन्ट

WHO द्वारा जारी किये गये बयान में बताया गया है कि कोरोना वायरस निरंतर खुद में परिवर्तन कर रहा है और साथ ही साथ ही यह अधिक संक्रामक होता जा रहा है. बयान के अनुसार WHO के सभी 6 रीजन और 111 से अधिका देशों में कोरोना वायरस का डेल्टा वैरिएंट पहुंच चुका है जो कि शीघ्र ही दुनिया भर में फैल सकता है. WHO के दावा बताता है कि अब तक वायरस का अल्फा वैरिएंट 178 देशों में, बीटा 123 देशों में और गामा 75 देशों में पाया जा चुका है.

भारत के लिए विशेष चेतावनी

WHO ने भारत के लिए कोरोना संक्रमण की तीसरी लहर को लेकर विशेष चेतावनी जारी की है. टेड्रोस का कहना है कि भारत को तीसरी लहर के इस दौर में विशेष सतर्क रहने की आवश्यकता है क्योंकि डेल्टा वैरिएंट की वजह से भारत में इसका संकट करीब दिखाई दे रहा है. इसी संकट को लेकर ही एक विदेशी कम्पनी ने भी भारत को सावधान किया है कि डेल्टा वैरिएंट के बढ़ते मामलों को ध्यान में रख कर और कोरोना वायरस के म्यूटेट होने की वजह से भारत में कोरोना की तीसरी लहर की आशंका शीघ्र ही सत्य सिद्ध हो सकती है.

वास्तविकता क्या है?

 कुल मिला कर सच ये है कि सावधानी में समझदारी है. इसकी संभावना वास्तव में कम है कि तीसरी लहर देश में या दुनिया में आये किन्तु यदि सावधानी न रखी गई तो कोरोना नामक इस जैविक हथियार का इस्तेमाल भारत के विरुद्ध फिर से किया जा सकता है. और यदि ये बात सच हो गई तो सच मानिये भारत के आम आदमी को दुबारा खड़े होने में बहुत वक्त लग सकता है और भारत की आर्थिक स्थिति चिन्ताजनक हो सकती है.

 

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