यूपी सरकार में अभियंताओं की खुली किस्मत, सीएम योगी ने बांटे 544 इंजीनियर्स को अपॉइंटमेंट लेटर

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इसे कहते हैं सुशासन…!!!
उत्तरप्रदेश लोकसेवा आयोग द्वारा चयनित 544 सहायक अभियंताओं को जलशक्ति मंत्रालय के सिंचाई विभाग में उनकी नियुक्ति से सम्बन्धित पत्र मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा प्रदान किये गए।
उत्तरप्रदेश में सिंचाई विभाग में पहली बार एकसाथ इतनी बड़ी संख्या में अभियंताओं की नियुक्ति की गई है।
ज्ञात रहे कि अतीत में उत्तरप्रदेश सरकार के सिंचाई विभाग की गणना भयंकर भ्रष्टाचार के अभेद्य गढ़ के रूप में की जाती थी।
सिंचाई विभाग की कमान बीएसपी सरकार में नसीमुद्दीन और अखिलेश सरकार में शिवपाल चाचा संभालते थे। अतः शेष अनुमान आप स्वयं लगा लीजिए।
सत्ता के गलियारों में ट्रांसफर पोस्टिंग का गोरखधंधा करने वाले दलालों के लिए सिंचाई विभाग अत्यधिक उपजाऊ/कमाऊ क्षेत्र था।
लगभग 2 माह पूर्व नवगठित जलशक्ति मंत्रालय के कैबिनेट मंत्री का दायित्व ग्रहण कर चुके डॉक्टर महेन्द्र सिंह क्योंकि अतीत में रही सिंचाई विभाग की इस पुरानी छवि से भलीभांति परिचित थे अतः उन्होंने व्यक्तिगत हस्तक्षेप कर के इतनी बड़ी संख्या में सहायक अभियंताओं की नियुक्ति प्रक्रिया को पूर्णतया पारदर्शी रूप दे दिया।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा आज सौंपे गए 544 नियुक्ति पत्रों की प्रक्रिया का सर्वाधिक उल्लेखनीय एवं प्रशंसनीय तथ्य यह है कि सभी चयनित अभियंताओं की नियुक्ति उनसे पूछकर की गई तथा चयन हेतु बनी मेरिट लिस्ट के आधार पर नवनियुक्त सहायक अभियंताओं की पदस्थापना प्राथमिकताओं की वरीयता सूची तैयार की गई। यह पूरी प्रक्रिया उन चयनित सहायक अभियंताओं के संज्ञान में रखते हुए पूर्ण पारदर्शिता के साथ सम्पन्न की गई।
इसका परिणाम यह हुआ कि अबतक की सबसे बड़ी संख्या में सहायक अभियन्ताओं की नियुक्ति की इस पूरी प्रक्रिया में कहीं कोई विवाद नहीं हुआ। किसी ने कोई आरोप नहीं लगाया। कहीं कोई शिकायत नहीं की गई।
नवनियुक्त सहायक अभियंता स्वयं हर्षमिश्रित आश्चर्य से सराबोर थे कि बिना किसी सिफारिश या दंद-फंद के उन्हें उनके मनोनुकूल स्थान पर नियुक्ति मिल गयी थी।
अतीत में उत्तरप्रदेश के सिंचाई विभाग की कार्यसंस्कृति से परिचित रहे व्यक्ति यह समझ सकते हैं कि यह कितना बड़ा और सकारात्मक परिवर्तन है।
इस परिवर्तन का पूरा श्रेय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ जलशक्ति मंत्रालय के कैबिनेट मंत्री Mahendra Singh को जाता है।
उत्तरप्रदेश में जिस सुशासन की बात मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ करते हैं उसी सुशासन का एक श्रेष्ठ उदाहरण है सिंचाई विभाग में हुई 544 अभियंताओं की नियुक्ति।

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