Uttar Pradesh: योगी जी ला रहे हैं जनसंख्या कानून

Share on facebook
Share on twitter
Share on pinterest
Share on telegram
Share on whatsapp
Share on email
एक कुशल प्रशासक की अंतर्निहित योग्यता उसकी जनकल्याण को लेकर समझ और दूरदर्शिता पर निर्भर करती है | सारी दुनिया में प्रधानमंत्री मोदी और योगी आदित्यनाथ  श्रेष्ठ प्रशासन के सर्वश्रेष्ठ उदाहरण हैं|
भारत में पिछले सत्तर वर्षों तक जिन मुद्दों पर कांग्रेस सरकारें जानबूझकर आँखें मींचे रहीं, अब उन मुद्दों को जगाया जा रहा है| नई राष्ट्रवादी सरकार के केन्द्रीय ही नहीं वरन प्रादेशिक शासन में भी देखा जा रहा है कि समस्याओं को मात्र विचार तक ही सीमित नही रखा गया है, उसके समाधान को भी धरातल पर उतारा जा रहा है।
पीएम मोदी की सर्जिकल स्ट्राइक, विमुद्रीकरण, 370 से कश्मीर की आजादी, बाबरी मस्जिद से राममंदिर की आजादी, अथवा कोरोना नियंत्रण  तक -उनके द्वारा किये गये सभी प्रयास इस सत्य के साक्षी हैं कि राष्ट्र सर्वोपरि का उद्घोष करने वाली सरकार के लिये राष्ट्र की प्रजा का कल्याण भी सर्वोपरि है।

राष्ट्र में मोदी तो प्रदेश में योगी

उपरोक्त वाक्य एक मुहावरा सा बन गया है। यूपी के मुख्यमंत्री योगी जी का अंदाज़ भी कुछ ऐसा ही है |  बोलते कम हैं काम अधिक करते हैं और अपनी सूझ-बूझ और कठोर प्रशासन के आगे समस्याओं की एक नहीं चलने देते| हाल ही में जनसंख्या नियंत्रण हेतु उन्होंने कुछ नियम जारी किये हैं | सर्वविदित है कि यूपी राज्य की जनसंख्या पूरे भारतवर्ष में सबसे अधिक है और जनसंख्या भारत की बरसों पुरानी एक राष्ट्रीय समस्या है, परन्तु यूपी के मुख्यमंत्री ने इस पर विचार के स्तर से आगे बढ़ कर कार्यवाही के अंतिम कदम की दिशा में सराहनीय पहल कर दी है|

कर दी ड्राफ्ड को लागू करने की घोषणा

राज्य-विधि आयोग द्वारा जारी जनसंख्या नियंत्रण विधेयक 2021 और उसके समस्त एजेंडे की पूर्ण जानकारी जनता को मुख्यमन्त्री योगी द्वारा सोशल मीडिया के माध्यम से पहले ही दे दी गई थी | जनता जनार्दन की प्रतिक्रियाएँ भी ली गई| उसको ही आधार बना कर सीएम योगी ने रविवार 11 जुलाई को इस जनसंख्या नीति 2021-30 ड्राफ्ड को लागू करने की घोषणा भी कर दी |
आँकड़ों के अनुसार चीन के बाद आबादी के मामलों में दूसरे पायदान पर खड़े भारत की बढ़ती जनसंख्या ही राष्ट्रीय विकास की सबसे बड़ी बाधा सिद्ध हो रही है | इसी विषय पर चिंतित होते हुए योगी जी ने जनसंख्या नीति को यूपी में जारी करने की दिशा में कदम उठा लिया है|

”जागरूकता आवश्यक है”

सीएम योगी जी ने ये भी कहा कि जनसंख्या नियंत्रण के लिये उचित और ठोस कदम उठाना अति आवश्यक हैं। क़रीब चार दशकों से इस विषय पर चर्चा और बहस चल रही है परन्तु न तो कोई मज़बूत कदम उठाये गये और न ही जनता में कोई जागरूकता आई  – न ही देश का विकास हुआ | दूसरे शब्दों में सब इन्टरकनेक्टेड हैं | कड़ी एक-दूसरे से ज़ड़ी हुई है | योगी जी ने कहा कि जनसंख्या नियंत्रण के लिए लोगों में जागरूकता का भाव होना जरूरी है।  पहले जागरूक होंगे तभी उस पर अमल होगा और तभी लक्ष्य की प्राप्ति होगी |

”नीति लागू होते ही परिणाम आने लगेंगे”

अब ये जागरूकता कैसे आयेगी? कोई घुट्टी नही कि घोल के पिला दी जाये और जागरूकता उत्पन्न हो जा़ए| मुख्यमंत्री योगी जी ने बताया कि जहाँ ये नीति लागू हो जायेगी वहां अच्छे परिणाम आने ही हैं|  जनसंख्या नियंत्रण का उद्देश्य राज्य के विकास और समृद्धि से जुड़ा है।  इस नीति में हर वर्ग का ध्यना रखा गया है |

”बढ़ती आबादी पर सभी को सोचना होगा”

योगी जी पोषण पर भी बोले | उन्होंने कहा कि दो बच्चों के जन्म के बीच यदि उचित गैप नहीं होगा तो उनकेे पोषण (आहार) पर भी असर पड़ेगा। प्रजनन दर को यूपी में घटाने के लिये हर वर्ग को इस नीति के साथ जोड़ना आवश़्यक है और तभी यह प्रयास सफल हो पायेगा। समाज को जागरूक करने की यह सर्वप्रथम पहल होगी।  उन्होंने बताया कि हमें बढ़ती आबादी के बारे में सोचना ज़रूरी है |

गरीबी का एक बड़ा कारण जनसंख्या है

गरीबी और बेरोज़गारी की जो समस्या है हमारे देश में अभी इसका मुख्य कारण बढ़ती हुई जनसंख्या ही है | एड़ी चोटी का ज़ोर लगाना होगा यूपी को इस प्रयास में और पीएम मोदी के लक्ष्य को पूरा करने की सर्वाधिक जिम्मेदारी यूपी की ही बनती भी है। क्यूँकि यूपी की आबादी सबसे अधिक है अपेक्षाकृत अन्य राज्यों से | जनसंख्या नीति का संबंध देश की जनता से जुड़ा है। साल 2018 में इस विषय पर कुछ प्रयास हुए हैं।

पहल करने वाला पहला प्रदेश बना यूपी

यूपी वो पहला राज्य है जिसने इस विषय में रूचि और पहल भी दिखाई है| यूपी में ही गांधी जयंती पर विश्व जनसंख्या दिवस के अवसर पर 36 घंटे मुख्यमंत्री आवास पर कार्यक्रम के अंतर्गत चर्चाएँ चली |  वहीं जनसंख्या स्थिरता पखवाड़े का उद्घाटन भी हुआ |

आज छोटा परिवार ही सुखी परिवार है

इसके पूर्व योगी जी ने विश्व जनसंख्या दिवस पर कहा कि बढ़ती हुई जनसंख्या समाज में फैली असमानताओं के साथ-साथ मुख्य समस्या की जड़ भी है। एक उन्नत समाज की परिकल्पना सिर्फ और सिर्फ जनसंख्या नियंत्रण के द्वारा ही की जा सकती है। योगी जी ने जनसंख्या दिवस पर लोगों से अपील की है कि देश और समाज का कल्याण तभी होगा जब समाज जागरूक होगा | जनसंख्या नियंत्रण के बेहतर परिणामों के लिये जनसंख्या घनत्व को कम करना होगा और “छोटा परिवार ,सुखी परिवार” की नीति अपनानी होगी |