ये सच है या साजिश? : क्या अब फिर से Corona का बहुत बड़ा हमला होगा China में ? 

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जिस तरह कोरोना कंट्री पर भरोसा नहीं किया जा सकता उसकी किसी बात पर कैसे यकीन किया जा सकता है. कोरोना महामारी का दुनिया में फैलना अभी तक संदेहों के घेरे में है. चीन और डब्ल्यूएचओ दोनों पर खुल कर अमेरिका ने सवाल दागे और दोनों ही मंचों से इन सवालों के या तो जवाब ही नहीं आये या फिर जो भी जवाब आये, वे संतुष्टिजनक नहीं थे. इसी बात पर क्रुद्ध हो कर अमेरिका ने विश्व स्वास्थ्य संगठन को भी छोड़ दिया है और अपने संगठन की शुरुआत की बात कही है. अगर चीन इतना ही साफ़ सुधरा और बेदाग़ है तो दुनिया भर में आज बदनाम क्यों है?

दुनिया का इकलौता विलेन

वैसे तो आज की तारीख में दुनिया में पांच खलनायक शक्तियां हैं जिनमे चीन, पाकिस्तान, तालिबान, इस्लामिक स्टेट और उत्तर कोरिया शामिल हैं. इस्लामिक स्टेट और तालिबान संघसरशर्त हैं. उत्तर कोरिया मर रहा है. एफएटीएफ की ग्रे लिस्ट में फंसा पाकिस्तान न जी पा रहा है न मर पा रहा है.  इसलिए इन पाँचों मे चीन सबसे शक्तिशाली विलेन है जो दुनिया में आतंक मचाने क्षमता रखता है और कोरोना कॉन्सपिरेसी भी उसकी अंतर्राष्ट्रीय साजिश में शुमार हो सकती है. ऐसे में अब फिर कोरोना को लेकर उसकी ये खबर एक सोची समझी साजिश का हिस्सा हो सकती है.

वुहान है कोरोना सिटी  

जितना बदनाम कोरोना कंट्री चीन है उतनी ही बदनाम कोरोना सिटी वुहान है. इसी शहर से निकला था ये कोरोना वायरस जिसने सारी दुनिया में तबाही मचाई थी.  वर्ष 2019 में दिसंबर महीने में कोरोना संक्रमण का पहला मामला इसी शहर में दर्ज किया गया था. चीन में कहा जा रहा है कि एक बार फिर यही वायरस चीन के वुहान शहर में नरसंहार की तैयारी कर रहा है.  बताया जा रहा है कि चीन के वुहान शहर में फिर से सुनाई दे रही कोरोना वायरस की आहट ने चीन को चिंतित कर दिया है . इसके कारण वुहान शहर के प्रशासन को ये घोषणा करनी पड़ी है कि वह 11 मिलियन की आबादी वाले वुहान शहर के हर नागरिक का कोरोना टेस्ट करने जा रहा है.

डरने की नहीं सावधानी की ज़रूरत है 

कोरोना को लेकर कितने भी षड्यंत्र किये जाएँ और वे षड्यंत्र चाहे चीन में हों या भारत में – देश के हर नागरिक को चाहिए कि वह डरे नहीं और डर कर अपना काम, व्यवसाय और रोज़ी रोटी पर कोई प्रभाव न आने दे. सावधानी पूरी रखे, टीका जरूर लगवा ले. उसके बाद चिंता कि कदापि आवश्यकता नहीं है. जहां तक रहा चीन की इस खबर का सवाल – ये चीन और डब्ल्यूएचओ का मिला जुला प्रोपेगंडा हो सकता है ताकि दुनिया कोरोना के टीके और दवाइयां बिक सकें और ये भी लगे कि कोरोना से तो खुद चीन परेशान है तब तो कोरोना कॉन्सप्रेसी में चीन का हाथ बिलकुल नहीं है.

 

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